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उदयपुर में घातक हुआ कोरोना:2 महीने में हुई 509 मरीजों की मौत, हर 2 घंटे में जा रही एक की जान; शासन-प्रशासन सब है परेशान

उदयपुर24 दिन पहले
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कोरोना की चपेट में आने से उदयपुर में अब तक 640 मरीजों की हो चुकी है मौत। - Dainik Bhaskar
कोरोना की चपेट में आने से उदयपुर में अब तक 640 मरीजों की हो चुकी है मौत।

लेकसिटी उदयपुर में कोरोना संक्रमण घातक रूप ले चुका है। शहर में संक्रमित मरीजों की संख्या में हो रही रिकॉर्ड बढ़ोतरी के साथ अब मौत का आंकड़ा भी विकराल होने लगा है। इसके बाद मई महीने के 29 दिनों में उदयपुर में कोरोना की चपेट में आने से 353 मरीजों की मौत हो गई है। जबकि 20 हजार 708 नए संक्रमित मरीज सामने आ गए हैं। इसके बाद उदयपुर में कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 55 हजार को पार कर गया है।

हर 2 घंटे में हो रही एक मौत

उदयपुर में निरंकुश हो चुके कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद अब हर 2 घंटे में एक संक्रमित मरीज की मौत हो रही है। चिकित्सा विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार उदयपुर में मई महीने के शुरुआती 29 दिनों में प्रतिदिन औसतन 12 मरीजों की मौत हुई है। जबकि इससे पहले अप्रैल महीने में उदयपुर में औसतन पांच संक्रमित मरीजों की मौत हो रही थी। उधर, दो महीने में मौत का आंकड़ा 509 पर पहुंच गया है।

2 महीनों में हुई 80% मरीजों की मौत

उदयपुर में कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद अब तक कुल 640 लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन इनमें से 80% संक्रमित मरीजों की मौत सिर्फ अप्रैल और मई के महीने में हुई है। जिसमें अप्रैल के महीने में 156 और मई महीने के 29 दिनों में 353 संक्रमित मरीजों की जान जा चुकी है।

जबकि इससे पहले जनवरी, फरवरी और मार्च महीने में उदयपुर में कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से सिर्फ 20 मरीजों की मौत हुई थी। लेकिन अब हालात पूरी तरह बद से बदतर में तब्दील हो चुके हैं। ऐसे में मई महीने में मरीजों की मौत का आंकड़ा 400% तक बढ़ गया है।

उदयपुर में 30 व्यक्ति हर घंटे आ रहे संक्रमण की चपेट में

उदयपुर में कोरोना संक्रमण पीक पर पहुंच चुका है। शहर में मई महीने में स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि हर घंटे 30 व्यक्ति कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। जिसकी वजह से बीते 29 दिनों में उदयपुर में कोरोना संक्रमण से ग्रसित 20 हजार 708 मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं कोरोना एक्टिव केस की संख्या भी 3 हजार 259 पर पहुंच गई है। जो अप्रैल महीने तक सिर्फ 730 पर थी।

लापरवाही की वजह से जा रही है जान - डॉ रमेश जोशी

उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ रमेश जोशी ने बताया कि कोरोना की सेकंड वेव पहले के मुकाबले कई गुना अधिक घातक है। जिसमें छोटी सी लापरवाही आम आदमी की मौत का कारण बन रही है। कोरोना के इस नए स्टेन की वजह से मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता खत्म होने के साथ ही उसके शरीर के अन्य पार्ट डैमेज हो जाते हैं। जो उसकी मौत की वजह बनते हैं।

डॉ रमेश जोशी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से ऐसे केस भी सामने आए हैं। जिसमें मरीज स्वस्थ होकर घर लौटने वाले थे। लेकिन खून का थक्का जमने से उनकी हार्ड अटैक से मौत हो गई है। ऐसे में कोरोना से बचने के लिए हमें फिट रहना जरूरी है। जिसके लिए हमें हमारे वेट पर कंट्रोल करने के साथ ही नियमित चेकअप कराना जरूरी है। तब ही हम कोरोना को हरा पाएंगे।

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