शिल्पग्राम महोत्सव:16 में से 8 स्टॉलें नीलाम, सर्दी ने तोड़े आइसक्रीम की दुकान के भाव

उदयपुरएक महीने पहले
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शिल्पग्राम महाेत्सव की तैयारियां जारी। - Dainik Bhaskar
शिल्पग्राम महाेत्सव की तैयारियां जारी।

कोरोना के कारण एक साल के अंतराल में 21 दिसंबर को शुरू होने वाले शिल्पग्राम महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। परिसर की 16 में से 8 स्टॉल्स की नीलामी हो चुकी है। महोत्सव में एक हफ्ता रहते बाकी की नीलामी भी जल्द होने की उम्मीद है। इस बार सर्दी आइसक्रीम स्टॉल की दर 10 हजार रुपए तोड़ दी है।

पिछली बार इसकी नीलामी 51 हजार रुपए में हुई थी। इस बार 41 हजार का प्रस्ताव है। शहर से सटे हवाला गांव स्थित परिसर में इन दिनों पारंपरिक झाेपड़ियाें की लिपाई-पुताई के साथ दरो-दीवार पर रंग-राेगन किया जा रहा है। मांडणे और चितराम भी उकेरे जा रहे हैं।

साेमवार काे फूड स्टाॅल्स की नीलामी शुरू हुई। इनमें से आधी की नीलामी पहले ही दिन हो गई। मेजबान पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के अधिकारियाें का कहना है कि बची हुई दुकानाें की भी जल्दी ही नीलामी कर दी जाएगी। इस बार 45 हजार से 1 लाख 21 हजार की रेंज में स्टाॅलें नीलाम हुई हैं। पिछले साल इन्हीं दिनों में इन दुकानाें काे लेकर व्यापारियाें के बीच मारामारी रहती थी, लेकिन इस बार अभी वैसा माहाैल नहीं है। वजह कोरोना के कारण बनी अनिश्चितता है। हालांकि महाेत्सव शुरू होने में अब भी करीब एक हफ्ता बाकी है। इससे पहले तेजी आ सकती है।

फेमस हैं मक्का की राब, दाल-बाटी, ढोकला और खांडवी-थेपला, बिरयानी

महोत्सव में लोक रंगों के साथ लोक डिशेज की भी खासी डिमांड रहती है। इनमें मेवाड़ की मक्का की राब, दाल-बाटी, गुजरात के ढाेकला, खांडवी और थेपला के अलावा महाराष्ट्र की भाकरवाड़ी, पूरनपोल, हैदराबाद की बिरयानी और पंजाब के छाेले-कुलछे फेमस है। इनके अलावा फ्रूट, दूध-जलेबी जैसे उत्पादों की भी खासी मांग रहती है।

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