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सीसारमा पटवारी ट्रैप मामला:एसीबी पकड़ नहीं पाएगी, घूस देने में देरी की तो घर पर जेसीबी फिरवा दूंगा

उदयपुर2 महीने पहले
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देर रात तक एसीबी अधिकारी ट्रैप कार्रवाई करते हुए। - Dainik Bhaskar
देर रात तक एसीबी अधिकारी ट्रैप कार्रवाई करते हुए।
  • सोशल मीडिया एप से कॉल करता था आरोपी, एसीबी ने इसे भी ट्रैक कर सत्यापन और रिकॉर्ड किया

सीसारमा में सोमवार को 75 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार पटवारी साैरभ गर्ग फरियादी काे घूस के रुपए दफ्तर तक लाने के लिए महज 5 से 15 मिनट देता था। वजह यह थी कि पटवार मंडल और परिवादी का घर मात्र 1-1.5 किलाेमीटर की दूरी पर है। वह सोशल मीडिया एप के जरिए ही कॉल करता ताकि टेप नहीं किया जा सके। हालांकि एसीसी ने उसकी इन कॉल्स काे भी ट्रैक कर सत्यापन किया।

परिवादी से बातचीत में पटवारी धमकाता- देरी से आया तो घर पर जेसीबी फिरवा दूंगा और इतने कम समय में एसीबी उड़कर आई ताे भी मुझे पकड़ नहीं पाएगी, इसलिए वहां तक जाने की साेचना भी मत। पटवारी ने चार बार में घूस ली। पहली बार 1 लाख रुपए लेने के लिए परिवादी काे 15 मिनट दिए थे, लेकिन उसके बाद 5 मिनट से ज्यादा का समय भी नहीं दिया।

कार्यालय में एसीबी के अधिकारियों के नाम से डराता था
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि सौरभ ने माेबाइल में कई लाेगाें के नंबर एसीबी के नाम से सेव कर रखे हैं। वजह पूछी ताे बताया कि कार्यालय में काेई रिश्वत की बात करता ताे उसे नंबर दिखाकर डराता था। कई बार फाेन भी लगाता था। हालांकि वे नंबर उसके परिचितों के ही थे। एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि पटवारी सौरभ परिवादी से सोशल मीडिया एप पर काॅल करता था। टीम ने इसका भी रास्ता निकाला और सभी बातें रिकॉर्ड की हैं। यह अपने आप में ऐसा पहला मामला है, जिसमें इस तरह काॅल रिकॉर्ड की गई।

धमकाकर कहता : तेरी जमीन का ठेका मेरा, तहसीलदार से लेकर रेवेन्यू तक सारे काम करवा दूंगा

  • 26 मई : पटवारी साैरभ ने परिवादी काे फाेन कर कहा कि कृषि भूमि पर घर बना रखा है। एक लाख रुपए चाहिए नहीं ताे बिलानाम चढ़वा दूंगा। फिर यह सरकार के खाते में अा जाएगी। परिवादी ने कहा कि घर पर कैश नहीं है, ओटीसी स्कीम स्थित बैंक जाना पड़ेगा। पटवारी ने कहा कि 5 मिनट जाने, 5 मिनट आने के और 5 मिनट राशि निकलवाने के। 15 मिनट में रुपए ले आ। इसी दिन पटवारी के बेटे का बर्थडे भी था। परिवादी ने राशि दे दी।
  • 28 मई : पटवारी ने वापस फाेन कर कहा कि तेरी जमीन का ठेका मैं ले लेता हूं। तहसीलदार से लेकर यूआईटी और रेवेन्यू तक सारे काम करवा दूंगा। कहीं काेई दिक्कत नहीं आएगी। इसके लिए 1 लाख रुपए देने पड़ेंगे। नहीं दिए ताे घर पर जेसीबी फिरवा दूंगा। परिवादी ने कहा अभी 50 हजार रुपए ले लाे ताे जवाब दिया- किस्तों में अपना काम नहीं चलता, 5 मिनट में कार्यालय राशि लेकर पहुंच। परिवादी ने 1 लाख रुपए दे दिए। राशि लेने के बाद पटवारी छुट्टी पर चला गया।
  • 2 जून : पटवारी ने फाेन पर पूछा- कहां हाे। परिवादी कहता है कि घर पर हूं। फिर कहता है कि जमीन की फाइल लगा देता हूं। जितने भी अफसर हैं, उनकी चेन काे मैं संभाल लूंगा। आखिरी 1 लाख रुपए चाहिए, क्याेंकि पटवारी की रिपोर्ट काे सुप्रीम काेर्ट तक मानता है। परिवादी ने नगद नहीं हाेना बताकर बाद में देने का भरोसा दिलाया।
  • 5 जून : इस कॉल से पहले परिवादी एसीबी में पहुंच गया। पटवारी ने पैसाें की व्यवस्था का सवाल किया तो परिवादी ने 25000 रुपए हाेना बताया। पटवारी ने कहा- 4 मिनट में लेकर आजा, बाद की बाद में देखेंगे। इस बार पटवारी घर पर बुलाता है। समय कम हाेने के कारण एसीबी मांग सत्यापन कर लेती है।

7 जून : पता लग गया कि पटवारी समय कम देता है ताे एसीबी ने सुबह से ही कार्यालय के आस-पास जाल बिछा दिया। पटवारी ने परिवादी काे फाेन लगाया और बाकी के रुपए 5 मिनट में दफ्तर लाने काे कहा। परिवादी कार्यालय पहुंचा। लेन-देन होते ही टीम ने पटवारी सौरभ को गिरफ्तार कर लिया।

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