पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • After 7 Days In Udaipur, The Cannibal Leopard Was Imprisoned In A Cage, So Far 7 Humans Had Been Put To Death; Villagers Breathed A Sigh Of Relief

7 लोगों की जान लेने वाले आदमखोर तेंदुए का VIDEO:20 कैमरों और 8 पिंजरों की मदद से 80 से ज्यादा वनकर्मी कर रहे थे तलाश, पिंजरे में रखे बकरे पर झपटा तो हुआ कैद

उदयपुरएक महीने पहले

उदयपुर जिले में आतंक बन चुका आदमखोर तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया है। जिले के जावर माइंस थाना क्षेत्र में बीते 3 महीनों में 7 लोगों को मौत के घाट उतारने वाले तेंदुए को वन विभाग की टीम ने गुरुवार सुबह दबोच लिया। दरअसल, तेंदुआ शिकार की तलाश में गांव पहुंचा था। इस दौरान गांव से सटे जंगलों में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए थे। जहां तेंदुए को ललचाने के लिए बकरा बंधा हुआ था। इस दौरान बकरे पर हमला करने के लिए जैसे ही तेंदुआ पिंजरे के नजदीक पहुंचा पिंजरा बंद हो गया और आदमखोर बन चुका तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया।

गुस्से में आदमखोर तेंदुआ।
गुस्से में आदमखोर तेंदुआ।

4 जिलों की स्पेशल टीम 7 दिन से कर रही थी तेंदुए की तलाश

आदमखोर तेंदुए को पकड़ने के लिए पिछले 7 दिनों से सर्च ऑपरेशन जारी था। जिसके लिए उदयपुर समेत जयपुर, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ से भी तेंदुए को पकड़ने के लिए ट्रेंकुलाइज टीम पहुंची थी। जो चौबीसों घंटे जंगलों में तेंदुए की तलाश में जुटी हुई थी। इस दौरान वन विभाग द्वारा 8 पिंजरे, 20 ट्रैप कैमरे और 80 से ज्यादा वनकर्मी दिन रात आदमखोर को पकड़ने की कोशिश में जुटे हुए थे। लेकिन कई बार तेंदुआ दिखाई देने के बावजूद वन विभाग की गिरफ्त में ना आ सका। जिसके बाद गुरुवार सुबह वन विभाग की टीम को कामयाबी मिली है।

वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ।
वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ।

ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

आदमखोर हो चुके तेंदुए के पकड़े जाने के बाद अब ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है। जावर माइंस थाना क्षेत्र के सिंघटवाड़ा के रहने वाले हरिराम ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तेंदुए के आतंक की वजह से घर में रहना ही मुश्किल हो गया था। लेकिन अब जब आदमखोर तेंदुआ पकड़ में आ गया है। तो हम भी अपने घर में चैन से रह पाएंगे।

पिंजरे से दहाड़ता तेंदुआ।
पिंजरे से दहाड़ता तेंदुआ।

तेंदुए के पांव के निशान से हुई उसकी पहचान

रेंजर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पिछले 7 दिनों से अभियान के तहत लगातार वन विभाग की टीम जंगलों में घूम रही थी। ऐसे में तेंदुए के पांव के निशान के आधार पर उसकी पहचान की गई। जिसके बाद उसके विचरण वाले क्षेत्रों में पिंजरे रखे गए। ताकि जल्द से जल्द उसे पकड़ा जा सके। इसके बाद भूख से बेताब तेंदुआ जब जंगल से गांव की ओर पहुंचा। तब वह वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। जो फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित है। जिसे उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क लाया जा रहा है।

तेंदुए को पकड़ने के बाद मौके पर मौजूद वन विभाग की टीम।
तेंदुए को पकड़ने के बाद मौके पर मौजूद वन विभाग की टीम।

एक महीने में चार की जा चुकी है जान

आदमखो तेंदुआ पिछले एक महीने में जावर माइंस थाना क्षेत्र के 4 लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। वहीं कई मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। जिसके बाद भयभीत ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ने के लिए विरोध शुरू कर दिया था। ग्रामीणों के विरोध के बाद अब वन विभाग की टीम ने भी सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जिसके 7 दिन बाद अब वन विभाग को कामयाबी हाथ लगी है। बता दें कि तेंदुआ जून में उदयपुर के जावर माइंस थाना क्षेत्र में घर में सो रही मांगी बाई, मानसिक विक्षिप्त केसरी, अमरी बाई और एक अन्य महिला को अपना शिकार बना चुका है।

खबरें और भी हैं...