आतिशबाजी का पर्यावरण पर असर:एयर क्वालिटी इंडैक्स 245 पर पहुंचा, अस्थमा सहित फैंफड़ों की समस्या वाले रोगियों के लिए नुकसानदायक, पिछले साल था काफी कम

उदयपुर22 दिन पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।

उदयपुर में दो दिन में हुई भारी आतिशाजी का असर पर्यावरण पर देखने को मिला है। आतिशबाजी का ही असर रहा कि उदयपुर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 245 पर पहुंच गया। शुक्रवार रात को हुई भारी आतिशबाजी के चलते पर्यावरण में प्रदूषण पार्टिकुलेट मैटर 2.5 और पार्टिकुलेट मैटर 10 का स्तर काफी बढ़ गया। रात तकरीबन 9 बजे पीएम 2.5 का स्तर 389 और पीएम 10 का स्तर 348 पर पहुंच गया। यह स्तर पर्यावरण के काफी खराब स्तर की श्रेणी में आता है। ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडैक्स उदयपुर में शनिवार सुबह 11 बजे 245 रिकॉर्ड हुआ

शुक्रवार से ज्यादा शनिवार को रहा एक्यूआई

उदयपुर में दीपावली के दिन से ज्यादा आतिशबाजी गोवर्धन पूजा के दिन हुई। इसी का असर रहा कि शनिवार को एक्यूआई 245 रहा। जबकि शुक्रवार को यह 238 था। वहीं गुरुवार सुबह 11 बजे यह महज 109 था। केंद्रीय पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार एयर क्वालिटी इंडैक्स 200-300 के बीच हो तो खराब और 300-400 के बीच हो तो बेहद खराब माना जाता है। वहीं 400-500 के बीच में इसे खतरनाक माना जाता है। 100 से ऊपर जाते ही तो यह फैंफड़ों के लिए हानिकारक बन जाता है। खासतौर अस्थमा या फैंफड़ों की अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए यह बेहद नुसानदायक साबित हाेता है।

पिछले साल नहीं बढ़ा था एक्यूआई

उदयपुर में पिछले साल एक्यूआई नहीं बढ़ा था। पिछले साल कोरोना के चलते पटाखों पर बैन था। हालांकि बैन तो इस बार भी था मगर पिछले साल लोगों में कोरोना के प्रति खौफ ज्यादा था। जिसके चलते आतिशबाजी ज्यादा नहीं हुई थी। यही वजह रही कि पिछली बार दीपावली के दिन एयर क्वालिटी इंडैक्स 167, गोर्वधन पूजा के दिन 139 और भाईदूज के दिन 167 रिकॉर्ड किया गया था।

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