उदयपुर में दूर होगा ऑक्सीजन संकट:एयरफोर्स ने एयरलिफ्ट कर टैंकर को भेजा जामनगर, ऑक्सीजन भरकर सड़क मार्ग से आएगा वापस

उदयपुर9 महीने पहले
उदयपुर के डबोक हवाई अड्डे से C-17 लेकर उड़ा ऑक्सीजन टैंकर।

ऑक्सीजन संकट के मुहाने पर खड़े उदयपुर में इंडियन एयर फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया है। उदयपुर से मंगलवार को एयरफोर्स के मालवाहक विमान C-17 से ऑक्सीजन का खाली टैंकर को जामनगर के लिए रवाना किया गया। जामनगर से लिक्विड ऑक्सीजन भरकर टैंकर बुधवार को सड़क मार्ग से उदयपुर आएगा। इससे पहले रविवार को भी भारतीय वायु सेना का मालवाहक गजराज विमान उदयपुर से खाली ऑक्सीजन टैंकर लेकर जामनगर रवाना भेजा गया था। जिसमें 20 टन लिक्विड ऑक्सीजन भर पुलिस प्रोटोकोल में सोमवार को उदयपुर लाया गया।

उदयपुर में 4 गुना बढ़ी ऑक्सीजन की खपत

उदयपुर में गंभीर रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले 25 दिन में मेडिकल ऑक्सीजन की खपत 900 सिलेंडर से चार गुणा बढ़कर 4530 सिलेंडर तक पहुंच गई है। 1 अप्रैल को उदयपुर के 17 कोविड हॉस्पिटलों में 183 ऑक्सीजन बेड पर गंभीर संक्रमित ऑक्सीजन सपोर्ट पर भर्ती थे, लेकिन अब ऑक्सीजन सपोर्ट पर 962 मरीज हैं। इनके अलावा करीब 550 अन्य बीमारियों के मरीज ऑक्सीजन पर हैं। यानी लगभग 1500 गंभीर रोगी ऑक्सीजन पर जिंदगी से जूझ रहे हैं, जिनके के लिए प्रतिदिन 4530 सिलेंडर ऑक्सीजन की जरूरत है।

हवाई जहाज में लोड करते ऑक्सीजन टैंकर।
हवाई जहाज में लोड करते ऑक्सीजन टैंकर।

एक ओर का बचेगा समय

देश में ऑक्सीजन की कमी होने के बाद केन्द्र सरकार ने एयरफोर्स की मदद लेनी शुरू कर दी है। खाली टैंकरों को एक से दूसरे स्थान पर एयरफोर्स की मदद से पहुंचाया जा रहा है। ताकि एक साइड की यात्रा का समय बच सके और अस्पतालों में भर्ती लोगों तक समय पर ऑक्सीजन पहुंच सके।

विमान से लाने में खतरा

जामनगर पहुंचते ही इनमें लिक्विड ऑक्सीजन भर हाथों हाथ वापस उदयपुर के लिए सड़क मार्ग से रवाना किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि लिक्विड ऑक्सीजन से भरे टैंकरों को हवाई जहाज से नहीं लाया जा सकता है। ऊंचाई पर दबाव बढ़ने के साथ इसमें आग लगने का खतरा रहता है। ऐसे में सिर्फ खाली टैंकरों का ही परिवहन किया जा रहा है।

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