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जयसमंद में बारिश आई मुसीबत लाई:मौत होने पर उफनती नदी पार कर होता है अंतिम संस्कार, गर्भवती महिला को ले जाना पड़ता है खाट पर, स्कूल नहीं जा पाते बच्चे

उदयपुरएक महीने पहले

उदयपुर ने कुछ दिन पहले ही एशिया के सबसे पसंदीदा शहर का दर्जा हासिल किया है। वहीं शहर के एक क्षेत्र में बारिश के दिनों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उदयपुर से कुछ किलोमीटर दूर जयसमंद पंचायत में तेज बारिश से नदियां उफान पर हैं। यहां टीडी नदी में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क शहर से टूट जाता है। ऐसे में किसी भी जरूरी काम के लिए ग्रामीणों को उफनती नदी से गुजरना पड़ता है।

जयसमंद पंचायत समिति में टीडी नदी के किनारे लगभग 30 किलोमीटर क्षेत्र में 25 गांव बसे हैं। ग्राम पंचायत में बारिश नहीं होने के लिए देवी-देवताओं से प्रार्थना की जाती है। बारिश के दिनों में यहां नदी का जलस्तर 5 से 7 फीट तक पहुंच जाता है। किसी की मौत होने पर देह को श्मशान तक ले जाना जान का संकट बन जाता है। बच्चे स्कूल जाने के लिए कतराते हैं। अगर कोई गर्भवती महिला है तो उसे अस्पताल तक ले जाने के लिए खाट का इस्तेमाल करना पड़ता है।

टीडी डेम से इलाके में तेजी से आता पानी।
टीडी डेम से इलाके में तेजी से आता पानी।

उफनती नदी पार कर श्मशान में किया अंतिम संस्कार
कुछ दिन पहले धावड़िया गांव में डूंगर नाम के बुजुर्ग का निधन हो गया। ग्रामीणों और परिजनों की जान पर बन आई। लोगों को टीडी नदी पार कर अंतिम संस्कार के लिए जाना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि नदी पर एनीकट बन गया है। यहां गहरा गड्‌ढा हो गया है। ऐसे में बड़ी मुश्किल से नदी पार करके शव का अंतिम संस्कार करना पड़ा।

कमर तक पानी में डूबकर शव को ले जाते लोग।
कमर तक पानी में डूबकर शव को ले जाते लोग।

गर्भवती को खाट पर कराई नदी पार
उदयपुर में बारिश के दिनों में कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूट जाता है। पिछले दिनों यहां परसाद क्षेत्र के देवेंद्र एनीकट में भी ऐसी ही घटना देखने को मिली थी। इलाके में एक पुल टूटने से प्रसूता की जान पर बन आई। ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर बहती नदी से गर्भवती महिला को खाट पर लेटाकर अस्पताल पहुंचाया।

गांव के 12 से ज्यादा युवाओं ने महिला को अस्पताल पहुंचाया।
गांव के 12 से ज्यादा युवाओं ने महिला को अस्पताल पहुंचाया।

15 साल पहले टूटी थी पुलिया
टीडी नदी पर पहले एक पुलिया हुआ करती थी, जो 15 साल पहले टूट गई। तब से अब तक कई सरकारें बनी, लेकिन पुलिया नहीं बनवाई गई। गांव के बच्चों को गहरे पानी से होते हुए स्कूल जाना पड़ता है। इससे उनकी जान को हमेशा खतरा बना रहता है। ऐसे में कई बच्चे बारिश में स्कूल जाना बंद कर देते हैं। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द समस्या का समाधान किया जाए।

2019 में यहां युवक की डूबने से मौत हो गई थी।
2019 में यहां युवक की डूबने से मौत हो गई थी।

20 किलोमीटर घूम कर जाना पड़ता है उदयपुर
कुछ इसी तरह के हाल सरसिया और धावडिया पंचायतों को जोड़ने वाले रास्ते का भी है। यहां कतीला, बदलाई, सरसिया, माताजी खेड़ा गांव के ग्रामीण, किसान, स्कूल के बच्चे बीमार और महिलाओं के प्रसव के लिए करीब 20 किलोमीटर घूम कर सरसिया फाटक होकर पलोदड़ा और अमरपुरा के रास्ते उदयपुर जाना पड़ता है।

यहां डूबने से हो चुकी है दो लोगों की मौत
यहां डूबने से हो चुकी है दो लोगों की मौत

कार डूबने से हो चुकी है युवक की मौत
जयसमंद पंचायत में जावर माइंस के नाका बाजार से जावर स्टेडियम तक जाने के लिए टीडी नदी पर पुल बना है। नदी का जलस्तर बढ़ने से यहां नवंबर के बाद ही रास्ता शुरू होता है। 2017 में यहां एक कार डूब चुकी है। तीन दोस्त कार में सवार होकर जा रहे थे। कार के साथ बह जाने से एक युवक की मौत हो गई थी। इसी तरह अगस्त 2019 में मजदूरी कर लौट रहे एक युवक का पैर फिसलने से वह डूब गया था। दो दिन बाद उसका शव मिला था।

स्टोरी इनपुट : नारायण मेघवाल

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