हरियाली अमावस्या आज:अरावली मना रही प्रकृति का उत्सव, मेह का इंतजार

उदयपुर3 महीने पहले
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फोटो :  ताराचंद गवारिया
ड्रोन पर्सन :  नदीम खान - Dainik Bhaskar
फोटो : ताराचंद गवारिया ड्रोन पर्सन : नदीम खान

हरियाली अमावस्या रविवार को है। मानव को प्रकृति से जोड़ने का उत्सव। मेवाड़ तो गोठ (पिकनिक) और वन भ्रमण के साथ यह दिन मनाता आया है। लेकिन इस बार मेह कुछ रूठा है। आधा सावन बीतने के बाद भी उम्मीदों के बादल नहीं बरसे हैं। हालांकि इसके बावजूद अरावली का अंक हरा-भरा है। कारण मई में ताऊ-ते तूफान की बारिश है, जिसके बाद अंतराल पर छिटपुट बारिश होती रही और पेड़-पौधे सिंचित होते रहे। फोटो उदयपुर-देवला मार्ग के बीच पिंडवाड़ा हाईवे की है। शहर में शनिवार को भी बारिश का इंतजार बना रहा।

उदयपुर में लोनावला का एहसास

पिंडवाड़ा हाईवे इन दिनों मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे के बीच लोनावला की टनल का अहसास करा रहा है। जैसे लोनावला टनल के पास बारिश में पहाड़ों से पानी गिरता है, ठीक वैसे ही यहां भी खोखरिया नाल और उखलियात टनल के पास बरसाती झरने गिरते हैं। दूर-दूर तक पहाड़ियों पर पसरी हरियाली, आसमां से झांकते बादल, मुख्य मार्गों पर मानसून में दोनों तरफ पहाड़ों से गिरते झरने इस स्थान की खूबसूरती बढ़ाते हैं।

समृद्ध है यहां की जैव विविधता : फुलवारी की नाल अभयारण्य के रूप में अरावली की इन पहाड़ियों और तलहटी में सैकड़ों प्रजातियों के हजारों औषधीय वृक्ष हैं। यह जंगल तेंदुओं, स्लॉथ भालू, सांप-अजगरों, तितलियां और दर्जनों नस्ल के परिंदों का ठिकाना भी है।

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