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  • BJP Congress And Independents Defeated The Janata Sena, There Is Not A Single Member In The Standing Committee Of The Janata Sena With The Majority, The Major Reason For Displeasure With The Chief!

उपचुनाव से पहले फिर चर्चा में वल्लभनगर:भाजपा-कांग्रेस ने मिल जनता सेना को दी मात, बहुमत वाली जनता सेना का स्थाई समिति में एक भी सदस्य नही, प्रधान से नाराजगी बड़ी वजह!

उदयपुरएक वर्ष पहले
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चुनाव प्रक्रिया के दौरान वोट गिनते अधिकारी। - Dainik Bhaskar
चुनाव प्रक्रिया के दौरान वोट गिनते अधिकारी।

उपचुनाव से पहले एक बार फिर वल्लभनगर विधानसभा चर्चा में है। और यह चर्चा है वल्लभनगर विधानसभा की भींडर पंचायत समिति में स्थाई समितियों के सदस्यों के चुनाव की। समिति के सदस्यों के आंतरिक चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों ने एक होकर जनता सेना प्रत्याशियों को हराया। हालांकि बहुमत वाले जनता सेना के बोर्ड में एक भी सदस्य का नही जीतना साफ तौर ओर क्रोस वोटिंग की ओर इशारा कर रहा है। जनता सेना सदस्यों द्वारा क्रोस वोटिंग के पीछे प्रधान हरिसिंह से नाराजगी भी मानी जा रही है। इस दौरान चुनाव में प्रधान और पूर्व प्रधान के पति के बीच भिड़ंत भी हो गई, जिसे पुलिस ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया।

दरअसल, भींडर पंचायत समिति में स्थाई समितियों के लिए गुरुवार को निर्वाचन प्रक्रिया हुई। इस चुनाव में भाजपा कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार ने एक होकर मतदान किया। अचरज की बात यह रही कि भाजपा और कांग्रेस के एक होने पर कुल 6 समितियों में एक भी समिति में जनता सेना का सदस्य निर्वाचित नहीं हो सका। चर्चा है प्रधान से नाराजगी भी क्रोस वोटिंग का कारण हो सकती है। हालांकि नियमों का हवाला देकर चुनाव अधिकारी ने जब सदस्यों को इसकी जानकारी दी तो 7 सदस्यों को 3 समितियों में से 9 पदों पर इस्तीफा देना पड़ा। मतदान प्रक्रिया में प्रत्येक सदस्य को प्रत्येक समिति में पांच पांच उम्मीदवारों को मतदान करना था। इसके आधार पर घोषित हुए परिणामों में सर्वाधिक मत प्राप्त कर प्रथम पांच सदस्य प्रत्येक समिति के सदस्य निर्वाचित हुए। वहीं 9 सदस्य किसी भी समिति में निर्वाचित नहीं हुए हैं। समितियों के अध्यक्षों का अब चुनाव होगा।

बता दें कि भिंडर पंचायत समिति में कुल 19 सदस्य हैं जिसमें 9 सीटों पर जनता सेना, 3 पर कांग्रेस, 3 पर भाजपा और 4 निर्दलीयों का कब्जा है। स्थाई समिति के चुनाव में भाजपा कांग्रेस और निर्दलीय पंचायत समिति सदस्यों ने एक होकर अपने उम्मीदवार उतारे और प्रत्येक समिति में 10 मत प्राप्त करने वाले सदस्य जीत गए। चुनावों के दौरान पंचायत समिति प्रधान हरीश सिंह सोनीगरा और पंचायत समिति सदस्य कुबेर सिंह चावड़ा आमने-सामने हो गए। दोनों के बीच मतदान में सदस्यों की मदद को लेकर जमकर बहस हो गई। हालांकि बढ़ते हंगामे के बाद निर्वाचन अधिकारी विजेंद्र शर्मा ने पुलिस की मदद से प्रधान सोनीगरा और कुबेर सिंह को बाहर निकाल दिया।

कांग्रेस भाजपा ने एक होकर जनता सेना को दी!
चुनाव परिणामों के घोषित होने के बाद भाजपा और कांग्रेस के एक होने की चर्चा होती। हालांकि किसी भी सदस्य ने दोनों संगठनों के एक होने पर हामी नहीं भरी, वे इसे नकारते रहे। जानकर इन परिणामों के पीछे जनता सेना सदस्यों की क्रोस वोटिंग भी मान रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर चुनाव परिणामों के बाद जनता सेना के सदस्य और प्रधान हरि सिंह सोनागरा ने कहा कि हमारे पास पूर्ण बहुमत था लेकिन भाजपा और कांग्रेस एक होकर स्थाई समितियों के चुनाव लड़े हैं, जनता सब देख रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी जनता सेना को मात देने के लिए दोनों राजनीतिक दल एक हो चुके है, ऐसे में इसका परिणाम आने वाले दिनों में उपचुनाव में जनता अपना वोट देकर देगी।

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