पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रक्तदान महादान:हमारे खून में ही रक्तदान, फिर ये रक्त संकट क्यों?

उदयपुर12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • हमारे 14 लाख युवाओं को आज से लगेंगे टीके, इसके बाद 70 दिन नहीं कर पाएंगे रक्तदान

जिले में वैक्सीनेशन का तीसरा चरण सोमवार से शुरू होगा। इसमें 18 से 44 वर्ष के युवाओं काे वैक्सीन लगाई जाएगी। शहर में करीब 14 लाख युवाओं को टीके लगने हैं। वैक्सीनेशन गाइडलाइन के अनुसार जो भी युवा टीका लगवाएगा वह अगले 70 दिनों तक रक्तदान नहीं कर सकेगा और सबसे ज्यादा रक्तदान युवा ही करते हैं। विश्विद्यालय, समाजों-संस्थाओं और संगठनों के रक्तदान शिविरों में भी सबसे ज्यादा युवा ही पहुंचते हैं। ऐसे में चिंता इस बात की है कि एमबी के ब्लड बैंक में सिर्फ 317 यूनिट ब्लड ही बचा है। निगेटिव ग्रुप का स्टॉक तो खत्म हो गया है।

हालांकि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि जहां के युवा जान बचाने के लिए रोजा तोड़कर खून दे सकते हैं। 19 साल की युवती चार बार प्लाज्मा दान कर चुकी हो और जहां का प्लाज्मा 250 किमी दूर भर्ती गंभीर मरीज की जान बचाता हो, वहां रक्त की कमी कैसे हो सकती? एक विकल्प 45 पार के वे 3 लाख 62 हजार 691 लोग भी हैं, जिनको दोनों टीके लग चुके और 70 दिन भी हो गए। वे भी रक्तदान कर सकते हैं, लेकिन युवाओं से उम्मीद कहीं ज्यादा है। ऐसे में भास्कर युवाआंे से ब्लड बैंक पहुंचकर कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए रक्तदान की अपील करता है। बता दें कि जिले के 25 सेंटरों के लिए रोज 2500 स्लॉट बुक होंगे। यानी एक सेंटर पर 100 युवाओं को टीके लगेंगे। हालांकि स्लाॅट की संख्या को देखते हुए युवाओं को वैक्सीनेशन के लिए इंतजार करना पड़ेगा। कोविन पोर्टल पर वैक्सीनेशन से एक दिन पहले ही स्लॉट बुकिंग का विकल्प मिलेगा।

अकील ने पहला रोजा तोड़कर डोनेट किया प्लाज्मा, महिला की जान बचाई

रमजान के पवित्र महीने में उदयसागर चौराहा निवासी 32 वर्षीय अकील मंसूरी ने अनूठा उदाहरण पेश कर बता दिया कि किसी की सेवा करना भी अल्लाह की बड़ी इबादत है। अकील ने 14 अप्रैल को कोरोना पीड़ित दो महिलाओं का जीवन बचाने के लिए न केवल अपना रोजा तोड़ना स्वीकार किया, बल्कि तीसरी बार प्लाज्मा भी डाेनेट किया।

रक्तदान के लिए ब्लड बैंक से बुला सकते हैं यूनिट वैन : एडीएम सिटी

संभाग के सबसे बड़े एमबी अस्पताल के 1200 यूनिट क्षमता वाले ब्लड बैंक में सिर्फ 317 यूनिट रक्त ही बचा है, जो सिर्फ चार से पांच दिन में खत्म हो जाएगा। यह स्थिति कोरोना काल के चलते पिछले पांच महीने से बनी हुई है। ब्लड बैंक प्रमुख डॉ. संजय प्रकाश ने बताया कि ए-निगेटिव और बी-निगेटिव ग्रुप का स्टॉक नहीं है। अन्य ग्रुपों में भी न के बराबर स्टॉक हैं। जबकि रोज औसतन 80 लोगों की ब्लड व कंपोनेंट्स की जरूरत होती है। एडीएम सिटी अशोक कुमार का कहना है कि रक्तदान करने वाले ब्लड बैंक से संपर्क कर मोबाइल यूनिट वैन को भी खुद के तय किए गए स्थान पर कोविड गाइडलाइन के नियमों की पालना के साथ बुला सकते हैं। वैन को भेजने से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोविड गाइडलाइन की पालना कैसे सुनिश्चित होगी।

एमबी अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. रमेश जोशी बताते हैं कि शरीर में खून बोनमेरो बनाती है। जब हम रक्तदान करते हैं तो बोनमेरो ज्यादा सक्रिय हो जाती है। रक्तदान से बोनमेरो जिंदगीभर सक्रिय रहती है। इससे रक्तदाता को कभी-भी खून की कमी नहीं आती। इम्युनिटी भी नहीं घटती। अमूमन रक्तदाताओं में एक दिन में एक यूनिट रक्त बन जाता है। एक यूनिट रक्त से चार-पांच लोगों की जान बचाई जा सकती है। खून स्वत: बनता रहता है। युवा रक्तदाता रक्तदान करने के दो दिन बाद बेहिचक टीकाकरण करवा सकते हैं।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- समय कड़ी मेहनत और परीक्षा का है। परंतु फिर भी बदलते परिवेश की वजह से आपने जो कुछ नीतियां बनाई है उनमें सफलता अवश्य मिलेगी। कुछ समय आत्म केंद्रित होकर चिंतन में लगाएं, आपको अपने कई सवालों के उत...

    और पढ़ें