भाजपा-कांग्रेस ने आदिवासियों से खिलवाड़ किया:बीटीपी बोली- डी-लिस्टिंग से आदिवासियों के अधिकार कम करना चाहती हैं भाजपा-आरएसएस

उदयपुर22 दिन पहले
बीटीपी ने आदिवासियों को फिर से 07 कोड देने की मांग की।

भारतीय ट्राइबल पार्टी की ओर से शनिवार को डी लिस्टिंग के मुद्दे पर लेकसिटी प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा पर निशाना साधा गया। साथ ही केन्द्र सरकार से आदिवासियों के धर्म कोड 07 को फिर से देने की मांग की। भारतीय ट्राइबल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. वेलाराम गोगरा ने बताया कि डी-लिस्टिंग करने से आदिवासी पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। गोगरा ने कहा कि पहले कांग्रेस और बाद में भाजपा ने आदिवासियों के साथ खिलवाड़ करने का काम किया है। सभी ने मिलकर आदिवासियों के नाम पर राजनैतिक रोटिंया सेकी हैं।

भारतीय ट्राइबल पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक देवेन्द्र कटारा ने कहा कि आदिवासियों के लिए अन्य धर्मों की तरह कोड हुआ करता था। 1961 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उसे खत्म करने का काम किया। उसके बाद आदिवासियों के धर्म परिवर्तन का दौर शुरू हुआ। इससे पहले 1871 से 1961 तक आदिवासियों का कोड 07 था, लेकिन अब किसी तरह का कोई कोड नहीं होने से आदिवासियों को अपनी और खींचने का काम किया जा रहा है। आदिवासियों को क्षेत्र के अनुसार धर्म परिवर्तन करने पर मजबूर किया जा रहा है। भाजपा और आरएसएस की ओर से चलाए जा रहे डी-लिस्टिंग के माध्यम से आदिवासियों के अधिकारों को कम करना चाहती है।

आदिवासियों को होगा भारी नुकसान

जहां सरपंच, विधायक और सांसद की सीटें रिजर्व हैं। वहां पर डी-लिस्टिंग होने से उनमें पूर्ण रूप से बदलाव हो जाएगा और वहां पर सामान्य सीटें आने से आदिवासियों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अभी जो सरकारी नौकरियों में आरक्षण मिला हुआ है। वह भी खत्म हो जाएगा। आदिवासी फिर से ठोकरें खाने पर मजबूर हो जाएगें। बीटीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रो. विजय भाई मईडा ने कहा कि डी लिस्टिंग से आदिवासियों के लिए संविधान की धारा की 5वीं और 6वीं अनुसूचि समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा पैसा कानून, जल, जंगल, जमीन से आदिवासियों को कभी भी बेदखल कर दिया जाएगा।