कटारिया का नहीं थम रहा विरोध:सोशल मीडिया पर कटारिया के इस्तीफे के लिए शुरू होगा अभियान, 22 अप्रैल को प्रदेशभर में मनाया जाएगा आक्रोश दिवस

उदयपुर2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राजसमंद में बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया। - फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
राजसमंद में बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया। - फाइल फोटो

विधानसभा नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। महाराणा प्रताप पर दिए गए विवादित बयान के बाद प्रदेशभर में कटारिया का विरोध अभी थमा भी नहीं था। वहीं अब एक बार फिर सोशल मीडिया से गुलाबचंद कटारिया के खिलाफ विरोध अभियान की शुरुआत की जाएगी। जिसके तहत 22 अप्रैल से सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर में गुलाब चंद कटारिया का इस्तीफा मांगा जाएगा।

आक्रोश दिवस के रूप में मनाया जाएगा 22 अप्रैल

महाराणा प्रताप पर दिए गए विवादित बयान के बाद उदयपुर में सर्व समाज द्वारा कटारिया के खिलाफ 22 अप्रैल को आक्रोश रैली का आयोजन किया जाना था। लेकिन जन अनुशासन पखवाड़े के चलते उदयपुर में आक्रोश रैली की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद सर्व समाज द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से ही 22 अप्रैल को आक्रोश दिवस मनाया जाएगा। जिसमें गुलाबचंद कटारिया के खिलाफ सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर में अभियान की शुरुआत भी की जाएगी।

दो बार माफी मांग चुके हैं कटारिया

पिछले दिनों गुलाबचंद कटारिया ने राजसमंद में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए महाराणा प्रताप को लेकर विवादित बयान दिया था। इसके बाद कटारिया ने दो बार सार्वजनिक तौर पर माफी मांग ली है। बावजूद इसके सामाजिक संगठनों में गुलाबचंद कटारिया का विरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में अब देखना होगा सोशल मीडिया के माध्यम से फिर से शुरू हो रहे कटारिया के विरोध अभियान का गुलाबचंद पर कितना असर होता है।

राजसमंद की जनसभा में दिया था बयान

गुलाबचंद कटारिया ने राजसमंद में जनसभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि "हमारे पूर्वज 1000 साल तक लड़े हैं। यह महाराणा प्रताप अभी गया ना। उसे क्या पागल कुत्ते ने काटा था। जो अपनी राजधानी और अपना घर छोड़कर डूंगर-डूंगर रोता फिरा। किसके लिए गया था। कुछ समझ में आता है या नहीं। क्या तुम उस पार्टी के साथ जाओगे"।