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  • Chaudhary Said That Rules Should Not Come In The Way Of Giving Relief To The Public, This Is Not A Campaign, It Is The Government's Mission, To Be Completed In Two And A Half Months.

प्रशासन गांवों के संग:चाैधरी ने कहा जनता को राहत देने में नियम आड़े नहीं आने चाहिए, ये कैंपेन नहीं, सरकार का मिशन, ढाई महीने में पूरा करना है

उदयपुर21 दिन पहले
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  • राजस्व मंत्री ने ली समीक्षा बैठक, अधिकारियों ने बताई तैयारियां

प्रदेश के राजस्व, उपनिवेशन, कृषि, सिंचित क्षेत्र विकास और जल उपयोगिता विभाग के मंत्री हरीश चौधरी ने सोमवार को संभागीय आयुक्तालय सभागार में समीक्षा बैठक ली। 2 अक्टूबर से 17 दिसंबर तक चलने वाले ‘प्रशासन गांवों के संग’ अभियान की तैयारियों को लेकर संभाग के जिला कलेक्टर्स, एडीएम और अन्य संभागस्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसे मिशन मोड में लेते हुए उद्देश्यों को पूरा करें।

गांव के व्यक्ति को राहत देने में कोई नियम आड़े आ रहा है, तो उसे आसान करने के सुझाव दें। राजस्व मंत्री ने कहा कि संभाग के जिलों ने कोरोना काल में कई प्रकार के नवाचार कर पूरे प्रदेश को सीख दी है। उसी तरह इस अभियान को भी प्राथमिकता से लेकर नवाचार करें, ताकि आमजन को राहत मिल सके।

उन्होंने अभियान के प्रचार-प्रसार और जनता के कामों को तेजी से पूरा करने के लिए तकनीक का उपयोग करने के निर्देश भी दिए। विभाग के प्रमुख शासन सचिव आनंद कुमार ने भी इस पर चर्चा की। अभियान में 19 विभागों के माध्यम से आम जनता को राहत देने की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि अभियान के सफल आयोजन के लिए राजस्व अधिकारियों को विशेष अधिकार दिए हैं। अगर इसके लिए अन्य अधिकारियों को भी अधिकार देने की जरूरत आती है, तो उन्हें भी देंगे। कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए खुले स्थान पर शिविर भी लगाएंगे।

इस दौरान संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट, भू-प्रबंध आयुक्त महेंद्र पारीख, उदयपुर कलेक्टर चेतन देवड़ा, चित्तौड़गढ़ कलेक्टर ताराचंद मीणा, बांसवाड़ा कलेक्टर अंकित कुमार सिंह, डूंगरपुर कलेक्टर सुरेश कुमार ओला, प्रतापगढ़ कलेक्टर रेणु जयपाल, राजसमंद कलेक्टर अरविंद पोसवाल आदि मौजूद थे।

केंद्र की अन्यायपूर्ण नीति के चलते प्रदेश सरकार ने लगाया पेट्रोल-डीजल पर वैट

पत्रकार वार्ता के दौरान पेट्रोल-डीजल से जुड़े मुद्दे पर भी बात की। प्रदेश में सर्वाधिक वैट के सवाल पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राजस्व में राज्य सरकार की हिस्सेदारी घटा दी है। जिसके चलते प्रदेश में वैट ज्यादा है।

पेयजल योजना हो या केंद्र की कोई अन्य योजना प्रदेश के साथ अन्यायपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। गांवों में जमीन के पट्टे आवंटित करने पर कहा कि इसे मिशन की तरह लिया गया है। इसमें विभागों में आपस में मामला अटकेगा तो उसका भी निपटारा कर जनता को राहत दी जाएगी।

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