हरियाली अमावस्या आज:सर्वार्थ सिद्धि का संयोग, लगातार दूसरे साल नहीं होगी मेले की रौनक

उदयपुर2 महीने पहले
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  • शिव-पार्वती पूजन के साथ होंगे कई आयोजन
  • सावन उत्सव : सुनीता और पुष्पा बनीं सावन क्वीन

हरियाली अमावस्या रविवार काे सर्वार्थ सिद्ध योग के साथ मनाई जाएगी। सावन माह में इस दिन शिव-पार्वती पूजन का खास महत्व है। ज्योतिषविद् के अनुसार तुलसी, आम आदि पौधे लगाने से देव-पितृ प्रसन्न होते हैं। कोरोना का साया होने से सावन की रंगत धुल गई है। हर बार लगने वाले सावन के मेले की रौनक लगातार दूसरे साल भी नहीं है।

वहीं, निगम की ओर से लगाया जाने वाला मेला भी नहीं होगा। पिछले साल भी लॉकडाउन के चलते मेले का आयोजन निरस्त कर दिया गया था। सावन अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान का बहुत अधिक महत्व होता है। सुविवि में संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. नीरज शर्मा ने बताया कि इस बार कोरोना वायरस की वजह से घर में रहकर ही स्नान की परंपरा संपन्न कर सकते हैं।

10 को सिंजारा और 11 को मनाई जाएगी हरियाली तीज

मातुश्री महिला क्लब ने ओरियंटल पैलेस रिसोर्ट में सावन उत्सव शनिवार को मनाया। इस मौके पर कई प्रतियोगिताएं हुई। सुनीता शर्मा और पुष्पा सियाल सावन क्वीन चुनी गईं। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कौशल्या गट्टानी, आशा कोठारी, आशा झंवर, सुनीता शर्मा मौजूद थीं।

मंगलवार को सिंजारा और बुधवार को श्रावण शुक्ला तृतीया को तीज यानी हरियाली तीज का उत्सव मनाया जाएगा। मेवाड़ में यह उमंग और उत्साह के साथ मनाया जाता है। मंगलवार को मंगला गौरी का पूजन किया जाएगा। घर में सिंजारे के पकवान रिश्तों में मधुर रस घोलेंगे। वैष्णव परंपरा में भी तीज का महत्व है। इस दिन आम और अशोक के पत्तों और बहुरंगी फूलों से सजावट करके ठाकुरजी का झूला तैयार किया जाएगा। भजन-कीर्तन के साथ यह झूला उत्सव मनाया जाएगा। हरियाली तीज वर्षा ऋतु का उत्सव होने से भी बेहद खास है।​​​​​​​

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