उदयपुर में कोरोना लगातार बढ़ रहा, वैक्सीनेशन पूरा नहीं:3.72 प्रतिशत ने ही ली प्रिकॉशन डोज, 10 प्रतिशत ने सेकेंड डोज नहीं ली

उदयपुर3 महीने पहले
21 लाख में से सिर्फ 80 हजार लोगों ने लिया है प्रिकॉशन डोज। - Dainik Bhaskar
21 लाख में से सिर्फ 80 हजार लोगों ने लिया है प्रिकॉशन डोज।

उदयपुर में कोरोना के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को यहां 9 मामले सामने आए। वहीं दूसरी ओर उदयपुर में कोरोना वैक्सीनेशन की रफ्तार बेहद सुस्त है। वैक्सीनेशन शुरू हुए लगभग 1.5 साल बीत चुका है। तीन लहरें गुजर जाने के बावजूद अबतक उदयपुर में 90 प्रतिशत वैक्सीनेशन भी नहीं हुआ है। वहीं प्रिकॉशनरी डोज भी ना के बराबर ही अबतक लगी हैं। इसका खुलासा हाल ही में सामने आई चिकित्सा विभाग की वैक्सीनेशन रिपोर्ट से होता है। ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि 23 जून 2022 तक उदयपुर जिले में महज 3.72 प्रतिशत लोगों ने ही प्रिकॉशन डोज ली है।

सिर्फ 80 हजार लोगों ने ही ली है प्रिकाॅशन डोज

हैल्थ डिपार्टमेंट का उदयपुर में 21.59 लाख लोगों को प्रिकॉशन डोज देने का टारगेट है। मगर अबतक इसमें से सिर्फ 80 हजार लोगों ने ही प्रिकॉशन डोज लगवाई है। उदयपुर शहर में महज 9 प्रतिशत लोगों ने यह डोज ली। वहीं उदयपुर के ग्रामीण इलाकों में तो हाल और भी बुरा है। उदयपुर के कई ब्लॉक्स में तो एक प्रतिशत भी प्रिकॉशन डोज नहीं ली गई है। उदयपुर जिले के 13 ब्लाॅक में सिर्फ उदयपुर शहर को छोड़कर किसी भी ब्लॉक में 5 प्रतिशत से ज्यादा वैक्सीन की डोज नहीं ली गई है।

वैक्सीन की दोनों डोज तक पूरी नहीं लगी हैं

प्रिकॉशन डोज लगाने में सुस्त दिखाई दे रहे उदयपुर में इससे पहले का वैक्सीनेशन तक पूरा नहीं हुआ है। अभी भी बड़ी संख्या में लाेगों ने वैक्सीनेशन की दोनों डोज तक नहीं लगवाई हैं। उदयपुर जिले में अभी भी लगभग 1.5 लाख लोग हैं जिन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज नहीं लगवाई हैं। उदयपुर शहर को छोड़ जिले में किसी भी ब्लॉक में 100 प्रतिशत वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। वहीं ऋषभदेव, कोटड़ा और सराड़ा ब्लॉक में तो अभी 30 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्होंने दोनों डोज तक नहीं ली है।

12 से 15 साल के भी सिर्फ 30 प्रतिशत का वैक्सीनेशन

व्यस्कों के साथ-साथ उदयपुर में बच्चों का वैक्सीनेशन भी काफी धीरे है। उदयपुर में अबतक 12 से 15 साल के सिर्फ 30 प्रतिशत बच्चों का वैक्सीनेशन हुआ है। इस ग्रुप के 1.23 लाख बच्चों में से अबतक सिर्फ 24 हजार का ही वैक्सीनेशन हो सका है। वहीं 15 से 18 साल के बच्चों का भी पूरा वैक्सीनेशन नहीं हो सका है। इस ग्रुप के 77 बच्चों को दोनों और 79 प्रतिशत को पहली डोज लगी है। लगभग 20 प्रतिशत बच्चों को तो पहली डोज तक नहीं लग सकी है। सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी का कहना है कि लोगों को आगे आकर वैक्सीनेशन की प्रिकॉशन डोज लगानी चाहिए। साथ ही चिकित्सा विभाग भी इसके लिए पूरी तरह तत्पर है।