ठेकेदार की मनमानी:सुरक्षा दीवार बनाने रेत की जगह डस्ट, 20 के बजाय 40 एमएम गिट्टी का कर रहे हैं उपयोग

उदयपुर2 महीने पहले
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निर्माण के लिए सड़क किनारे मटेरियल डंप किया गया है। - Dainik Bhaskar
निर्माण के लिए सड़क किनारे मटेरियल डंप किया गया है।
  • घटिया मटेरियल डालकर किया जा रहा सड़कों का निर्माण, देखने वाला कोई नहीं
  • ऐसा है हाल: 4 करोड़ 72 लाख रुपए स्वीकृत फिर भी गुणवत्ता पर ध्यान नहीं

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत विचारपुर-सीताडबरी, खैरी-छुईखदान 13.45 किलोमीटर मार्ग निर्माणाधीन है। जिसकी लागत चार करोड़ 72 लाख 54 हजार रुपए है। यह कार्य रत्ना खनिज उद्योग रायपुर के ठेकेदारों द्वारा किया जा रहा है। ग्राम खैरी के ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए मुरूम की जगह खैरी से लेकर सीताडबरी के बीच में मिट्टी डाली गई है, उसके बाद डामरीकरण कर दिया गया है, रोड अब बनकर तैयार हो चुका है। सड़क बनने के पश्चात खैरी व खैरी-सीताडबरी के बीच में नदी व नाले के पानी से मिट्टी कटाव के लिए प्रोटेक्शन वाल (सुरक्षा दीवार) बनाया जा रहा है।

प्रोटेक्शन वॉल बनाने के लिए रेत की जगह पर डस्ट का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही 20 एमएम गिट्टी के बजाय 40 गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। ठेकेदार के द्वारा बेधड़क गुणवत्ताहीन मटेरियल डालकर कार्य किया जा रहा है। विभाग के द्वारा किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके पहले भी खैरी-घिरघोली के बीच में लगभग छह किलोमीटर प्रधानमंत्री सड़क बनाई गई है, उस सड़क में भी ग्राम मुरई में प्रोटेक्शन वाल बनाने के लिए रेत की जगह डस्ट का उपयोग किया गया है। साथ ही गांव के अंदर सीसी रोड के ऊपर डामरीकरण रोड बनाया गया है। सीसी रोड को ना ही उखाड़ा गया और ना ही उसमें किसी भी प्रकार का रोलर चला गया ना ही कोई जीएसबी मेटेरियल डाला गया है। सीधे उस रोड के ऊपर डामरीकरण कर दिया गया है।

नियमानुसार निर्माण कार्य क्षेत्र के सब इंजीनियर को पहुंचकर कार्य कराना होता है परंतु सब इंजीनियर राजकिशोर कपिल फोन लगाने पर भी फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं। जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।

बिना माप प्रोटेक्शन वाल व कांक्रीट कार्य हाे रहा: रेत की जगह पर डस्ट, 20 एमएम गिट्टी की जगह 40 एमएम गिट्टी और साथ ही रेशियो का कोई माप नहीं होने के पश्चात भी प्रोटेक्शन वाल व कांक्रीट कार्य किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा बिना किसी प्रकार का कोई टेस्ट किए ही भुगतान कर दिया जाता है। अगर टेस्ट करते हैं तो डस्ट डालकर निर्माण कार्य करने पर यह टेस्ट फेल होता है तो कितने ठेकेदारों का आज तक भुगतान रोका गया है।

सड़क पर एक साल में ही दिखाई देने लगी गिट्‌टी

जनपद उपाध्यक्ष ललित महोबिया वनांचल के दौरे के दौरान बेलगांव से डंदुटोला कुंभरवाड़ा मजगांव के साथ झुरानंदी, अचानकपुर, ठाकुरटोला मार्ग का निरीक्षण छह महीने पहले किया था। निरीक्षण के दौरान दंदुटोला में जो सीसी रोड निर्माण हुआ है उसमें रेत के जगह पर सिर्फ डस्ट डालकर सड़क निर्माण किया गया है जो पहली बारिश में ही इसकी पोल खुल गई है। सड़क में एक साल में ही गिट्टी दिखने लगी।जनपद उपाध्यक्ष ललित महोबिया वनांचल के दौरे के दौरान बेलगांव से डंदुटोला कुंभरवाड़ा मजगांव के साथ झुरानंदी, अचानकपुर, ठाकुरटोला मार्ग का निरीक्षण छह महीने पहले किया था। निरीक्षण के दौरान दंदुटोला में जो सीसी रोड निर्माण हुआ है उसमें रेत के जगह पर सिर्फ डस्ट डालकर सड़क निर्माण किया गया है जो पहली बारिश में ही इसकी पोल खुल गई है। सड़क में एक साल में ही गिट्टी दिखने लगी।

नाली निर्माण अधूरा, बारिश का पानी अस्पताल में घुसा

झुरानदी से अचानकपुर-ठाकुरटोला मार्ग बनाया गया है। यह कार्य भी रत्ना खनिज के द्वारा किया गया है। ठाकुरटोला में सड़क किनारे नाली निर्माण किया गया है जिसको हॉस्पिटल व स्कूल के सामने छोड़ दिया गया है। कुछ दिनों पहले हुई बारिश में पानी स्कूल, हॉस्पिटल व बाजार में भर गया था। जनपद पंचायत के सामान्य सभा, सामान्य प्रशासन के साथ-साथ संचार संकर्म स्थाई समिति की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई है।

प्रोटेक्शन वाॅल ज्यादा दिन तक नहीं टिक पाएगी: सरपंच

खैरी के सरपंच दौवा राम सोरी ने बताया कि हमारे ग्राम खैरी में नदी के बाजू में प्रोटेक्शन वाॅल बनाई गई है, रेत व डस्ट के साथ बड़ी-बड़ी गिट्टी मिलाकर बनाया गया है, जिस तरीके से निर्माण में डस्ट डाला गया है प्रोटेक्शन वाल ज्यादा दिन तक नहीं टिक पाएगी।

ऐसा है तो भुगतान रोकेंगे

पीएमजीएसवाई एसडीओ एसके ताम्रकार ने कहा कि मालूम नहीं था कि रेत की जगह पर डस्ट डाला जा रहा है, अगर ठेकेदार के द्वारा रेत की जगह पर डस्ट डाला गया है तो जांच कर दोषी पाए जाने पर भुगतान रोका जाएगा।

मामले की जांच की जाएगी

पीएमजीएसवाई ईई जीके कश्यप ने कहा कि रेत की जगह पर डस्ट नहीं डाला जा सकता, साथ ही 20 एमएम की जगह 40 एमएम गिट्टी का उपयोग किया गया होगा तो जांच कर कार्यवाही की जाएगी, साथ ही भुगतान रोका जाएगा।

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