सरकारी परियोजना में पेन डाउन स्ट्राइक:स्वच्छ परियोजना में अपने हक के लिए वर्षों से भटक रहे कर्मचारी, प्रदेशभर में पेन डाउन

उदयपुरएक महीने पहले
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लंबित मांगों पर विरोध जताते कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
लंबित मांगों पर विरोध जताते कर्मचारी।

राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वच्छ परियोजना में अपने हक के लिए सैंकड़ों कर्मचारियों को संघर्ष करना पड़ रहा है। जनजाति विभाग के अंतर्गत संचालित होने वाली स्वच्छ परियोजना के अधिकारियों और कर्मचारियों की मांगों के अनुसार सरकारी और गैर सरकारी होकर बदलती रहती है। पिछले कई वर्षों से अपनी लंबित मांगों के लिए संघर्ष कर रहे कर्मचारियों ने मंगलवार से प्रदेश स्तर पर पेन डाउन हड़ताल कर दी।

राजस्थान मां-बाड़ी शिक्षा सहयोगी संघ और स्वच्छ परियोजना संघर्ष समिति के बैनर तले पूरे राजस्थान में मां- बाड़ी आंगन केंद्रों पर ताला लगाया गया और सभी कर्मचारी स्ट्राइक पर रहे। अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों ने आर.एस.आर के नियमों के तहत अनुकंपा नियुक्ति, मां बाड़ी और डे केयर केंद्रों में कार्यरत शिक्षा सहयोगियों के मानदेय में वृद्धि, प्लेसमेंट एजेंसी से नौकरी पर लगे लोगों और शिक्षा सहयोगियों को संविदा कर्मी का दर्जा प्रदान करने के साथ नियमानुसार हर वर्ष होने वाली 10% मानदेय में वृद्धि को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग करते हुए परियोजना अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

कर्मचारियों ने बताया कि अधिकारियों के हित की बात हो परियोजना सरकारी हो जाती है और जब कर्मचारियों कि कोई मांग हो तो इसे एक एनजीओ बना दिया जाता है। वहीं इस पूरे मामले पर स्वच्छ परियोजना अधिकारी नरेश पानेरी ने बताया कि कर्मचारियों की मांगें जायज है और उसे निदेशालय तक पहुंचा दिया गया है।

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