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डॉक्टरों ने 7 घंटे तक मरीज नहीं संभाला:पहले अस्पताल में पुलिस बुलाई, फिर बोले- आपका मरीज मर गया है, ले जाओ, अस्पताल बोला : मरीज को थी दुर्लभ बीमारी

उदयपुर11 दिन पहले
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अस्पताल में मौजूद परिजन और पुलिस। - Dainik Bhaskar
अस्पताल में मौजूद परिजन और पुलिस।

उदयपुर के पारस जेके अस्पताल में एक मरीज की इलाज के दौरान मौत पर जमकर हंगामा हुआ। पुलिस पहुंची, धक्का-मुक्की हुई, परिजन को धक्के देकर बाहर निकाल दिया गया। बाद में परिजन मरीज की डेडबॉडी लेकर चले गए। बीते चार दिन से डेंगू से पीड़ित महिला यहां भर्ती थी।

परिजन का आरोप है कि शनिवार को शाम को तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्होंने डॉक्टरों को संभालने को कहा, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। इसके बाद वे लगातार डॉक्टरों से आग्रह करते रहे। इसके बावजूद करीब 7 घंटे तक भी कोई नहीं आया। जब वे इसकी शिकायत कर ही रहे थे कि अस्पताल प्रशासन ने भारी पुलिस बुला ली। पुलिस बुलाने के बाद जब बवाल हुआ तो अस्पताल प्रबंधन ने बाहर आकर बोल दिया- आपका मरीज मर चुका है, ले जा सकते हैं।

इसके बाद हुआ जमकर हंगामा
मरीज की डेथ डिक्लेयर करने के बाद मरीज के परिजन भड़क गए। लगातार लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने देर रात अस्पताल में हंगामा खड़ा कर दिया। आक्रोशित परिजनों को बाहर निकालने के लिए पुलिस हरकत में आई और उन्होंने हंगामा कर रहे परिवार के सदस्यों को बाहर अस्पताल से बाहर निकाल दिया। इस बीच जमकर धक्का-मुक्की भी हुई। मौके पर पुलिस जरूर पहुंची, लेकिन न तो अस्पताल प्रबंधन ने और न ही मृतका के परिवार ने अभी तक कोई मामला पुलिस में दर्ज नहीं कराया है।

यहां कोई आतंकी हमला हुआ, जो पुलिस बुलाई
मृतक के भाई का कहना था कि पुलिस तो ऐसा बुला लिया जैसे कोई आतंकी हमला हुआ हो। पहले पुलिस बुलाई, फिर हमें धक्का देकर बाहर निकाल दिया। इसके बाद अचानक मरीज की डेथ डिक्लेयर कर दी। निश्चित ही यह सब प्लानिंग से हुआ है। उनकी प्लानिंग कुछ और भी हो सकती है।

डेंगू हुआ था मरीज को
शहर के एक एडवोकेट की 40 वर्षीय पत्नी कल्पना सुहालका डेंगू होने के कारण यहां भर्ती थी। यहां इलाज के दौरान ही कल्पना की मौत हुई। कल्पना के भाई ने बताया कि उसे डेंगू हो गया था। यहां 4 दिन से इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने कल्पना की तबीयत की गंभीरता को लेकर कोई चर्चा नहीं की। यदि उसकी तबीयत इतनी ज्यादा खराब थी तो अस्पताल ने बड़े अस्पताल के लिए रेफर क्यों नहीं किया।

अस्पताल प्रशाासन बोला : मरीज को थी दुर्लभ बीमारी

मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने अधिकारिक बयान देते हुए कहा कि “5 सितम्बर को 40 वर्षीय महिला को डेंगू की समस्या के साथ हमारे अस्पताल में भर्ती किया गया और उनका इलाज शुरू किया गया। इलाज के साथ मरीज़ में सुधार भी देखने को मिल रहा था। लेकिन 11 सितम्बर दोपहर को मरीज़ की तबीयत बिगड़ने लगी जिसके बाद मरीज़ को आईसीयू में शिफ्ट किया गया। आईसीयू में शुरुआती जांच में पाया गया कि मरीज़ डेंगू मायोकार्डियाटिस (जो कि एक दुर्लभ समस्या है)है और हार्ट की पम्पिंग केवल 10% रह गई है। मरीज़ की इस स्थिति के बारे में डॉक्टर्स नियमित रूप से मरीज़ के परिवार जनों को अवगत करा रहे थे। डॉक्टरों की टीम के काफी प्रयासों के बावजूद मरीज़ की मृत्यु हो गई। दुःख की इस स्थिति में परिवार के प्रति हमारी संवेदना है।

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