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​​​​​​​चित्रकूट नगर में टला बड़ा हादसा:होटल में आग, फायर सिस्टम बंद, एनओसी भी नहीं, दूल्हा-दुल्हन जान बचाकर भागे, निगम बोला-होटल सीज करेंगे

उदयपुरएक महीने पहले
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होटल क्लोवर इन में लगी आग। - Dainik Bhaskar
होटल क्लोवर इन में लगी आग।

शहर के चित्रकूट नगर स्थित होटल क्लोवर इन में सोमवार दोपहर को शॉर्ट-सर्किट से अचानक लगी आग से अफरा-तफरी मच गई। हादसे के वक्त होटल में शादी का कार्यक्रम चल रहा था। तीसरे फ्लोर पर स्थित जिस कमरे में आग लगी, उसमें कुछ मेहमान तैयार हो रहे थे। आग लगते ही सभी जान बचाकर नीचे की ओर भागे। आग से पूरा फ्लोर धुएं से गिर गया। होटल कर्मियों में फायर सेफ्टी सिस्टम चालू किया लेकिन वह भी थोड़ा सा पानी गिराकर बंद हो गया। फिर दमकल पहुंची और डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

मामले में होटल की बड़ी लापरवाही भी सामने आई है, होटल ने निगम से फायर एनओसी तक नहीं ले रखी थी। गनीमत रही कि सभी समय पर संभल गए, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। जानकारी के अनुसार अजमेर निवासी दुल्हन अपने परिवार और अन्य मेहमानों के साथ शादी के लिए उदयपुर पहुंची थीं। दूल्हे का घर चित्रकूट नगर में ही था इसलिए सभी यहीं होटल क्लोवर इन में ठहरे हुए थे। दोपहर करीब 2 बजे होटल के ग्राउंड फ्लोर पर सगाई का कार्यक्रम चल रहा था। तभी तीसरे फ्लोर पर एक रूम में शॉर्ट-सर्किट से आग लग गई। शादी वाले लोग कार्यक्रम छोड़ ऊपर की तरफ भागे और बाकी के कमरों से सामान बाहर निकाला। अफरा-तफरी के बीच कार्यक्रम भी रुक गया और सभी लोग होटल से बाहर निकल गए।

पूरे फ्लोर पर फैला धुआं, खिड़कियों के कांच फोड़ पहुंची फायर टीम

फायद ब्रिगेड के कर्मचारियों ने बताया कि मौके पर पहुंचे तब पूरे कॉरिडोर में धुआं फेल हुआ था। टीम ने सबसे पहले कॉरिडोर की खिड़कियों के कांच तोड़े। धुआं कम होने पर दमकलकर्मी कमरे के बाहर गए और पानी की बौछार की। जिस कमरे में आग लगी उसमें लगे एसी, टीवी, गीजर, बिस्तर-बेड सहित अन्य उपकरण जलकर खाक हो गए। आग लगने के बाद करीब ढाई घंटे तक सभी लोग नीचे ही खड़े रहे। किसी को ऊपर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

बड़ा सवाल : आबादी के बीच बना होटल बिना फायर एनओसी कैसे चल रहा?

होटल क्लोवर इन चित्रकूट नगर में आबादी क्षेत्र के बीच बना हुआ है। इसके आसपास 150 से 200 घर हैं। लेकिन होटल के पास सबसे जरूरी फायर एनओसी तक नहीं है। एेसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि इतना बड़ा होटल लोगों की जान जोखिम में डालता रहा और निगम को पता कैसे नहीं चला। कुछ साल पूर्व एमबी हॉस्पिटल के कैंसर विभाग में आग लगने के बाद भास्कर ने शहर की सरकारी-निजी-आवासीय इमारतों में फायर सेफ्टी को लेकर सवाल खड़े किए थे। तब निगम ने पूरे शहर में फायर एनओसी को लेकर सर्वे करवाने के दावे भी किए थे।

एनओसी मिलने के बाद ही देंगे संचालन की अनुमति: निगम

होटल ने फायर एनओसी नहीं ली थी। अपने स्तर पर फायर फाइटर सिस्टम लगवा लिया। जिसने आग लगने पर ठीक से काम ही नहीं किया। नियमों के उल्लंघन पर होटल को सीज करने की कार्रवाई करेंगे। एनओसी मिलने के बाद संचालन की अनुमति मिलेगी। -शिवराम मीणा, फायर ऑफिसर,उदयपुर

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