आर्मी कैंट में सेंध:आधे घंटे में चंदन के 3 पेड़ काटे, दो ले भागे

उदयपुर24 दिन पहले
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कलेक्टर बंगला, सर्किट हाउस, सहेली मार्ग से लेकर गुलाब बाग तक से चोरी हो चुके हैं पेड़ - Dainik Bhaskar
कलेक्टर बंगला, सर्किट हाउस, सहेली मार्ग से लेकर गुलाब बाग तक से चोरी हो चुके हैं पेड़

क्राइम रिपोर्टर | उदयपुर बदमाशों ने बुधवार रात अति संवेदनशील एकलिंगगढ़ सैन्य छावनी में सेंध मारकर सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। तारबंदी काटकर अंदर घुसे बदमाशों ने आधे घंटे में चंदन के तीन पेड़ काटे और दो ले भागे। मेजर ललित पुत्र तेंदूपलेपचार ने गुरुवार को सूरजपोल थाने में मुकदमा दर्ज कराया। रिपोर्ट में बताया कि क्यूआरटी टीम रात को छावनी के चारों तरफ बॉर्डर एरिया में गश्त करती है। टीम पीछोला एरिया की तरफ गश्त कर करीब आधे घंटे बाद फिर पहुंची तो चंदन के तीन पेड़ कटे मिले। इनमें से दो पेड़ बदमाश ले जा चुके थे, एक कटा पेड़ मौके पर ही मिला। टीम ने तलाश की तो पता चला कि बदमाश तारबंदी को काटकर छावनी में घुसे थे। जांच के लिए मौके पर पहुंची पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने वारदात से पहले पूरी रेकी की थी। क्यूआरटी टीम को राउंड लगाने में करीब आधा घंटा लगता है। इसी बीच बदमाशों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। संभावना तो यही है कि टीम आने पर वे एक पेड़ मौके पर ही छोड़कर भाग गए।

सुरक्षा पर सवाल : कलेक्टर बंगला, सर्किट हाउस, सहेली मार्ग से लेकर गुलाब बाग तक से चोरी हो चुके हैं पेड़

शहर में अति सुरक्षित जगहाें से चंदन पेड़ चुराने का सिलसिला कई वर्षों से चला आ रहा है। तस्कर कलेक्टर निवास, सर्किट हाउस, सरकारी आवास से लेकर गुलाब बाग में बेखौफ होकर पेड़ काट चुके हैं। सबसे ज्यादा पेड़ चोरी गुलाब कटे। यहां हर महीने एक या वारदातें होती ही हैं। इसके अलावा आयड़, यूनिवर्सिटी रोड, सहेली मार्ग सहित शहर के कई हिस्से भी तस्करों के निशाने पर रहे। हालांकि पुलिस ने मामलों का खुलासा करते हुए तस्करों को गिरफ्तार भी किया, लेकिन घटनाएं नहीं रुकीं।

चित्तौड़गढ़ के निकुंभ से जुड़े हैं ज्यादातर तस्कर
शहर में चंदन पेड़ चोरी मामलों में पूरी गैंग सक्रिय है। इसमें ज्यादातर सदस्य चित्तौड़गढ़ के निकुम्भ से जुड़े हुए हैं। बदमाश चंदन चोरी करने के लिए जाते हैं तो पहले पेड़ में हल्का कट लगाकर सूंघते हैं कि चंदन पका हुआ है या नहीं। चंदन पका होने पर उसमें खुशबू आती है। खुशबू आने पर पेड़ को काट देते हैं। अगर नहीं पका होता है तो उसे अगली बार के लिए। तस्कर पेड़ काटने के बाद उसका चंदन वाला हिस्सा (तना) ही ले जाते हैं। मेवाड़ के ज्यादातर बदमाश चंदन की तस्करी दिल्ली में करते हैं।

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