पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बच्चों-अभिभावक के बयान लिए:71 बच्चों को जबरन टीसी देने के मामले में एसडीएम व संयुक्त शिक्षा निदेशक की टीमें गोराणा स्कूल पहुंची

झाड़ोलएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

राउमावि गोराणा के प्रिंसिपल पर 71 बच्चों को जबरन टीसी देने के मामले में शुक्रवार को दो जांच टीमें गोराणा स्कूल पहुंची। दोनों टीम के अधिकारियों ने प्रभावित बच्चों,अभिभावकगण एवं गोराणा स्कूल के प्रिंसिपल गौतम गुप्ता के बयान लेखबद्ध किए।

सुबह करीब 11 बजे स्कूल पहुंची ये टीमें शाम 5 बजे तक वही मौजूद रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार झाड़ोल एसडीएम गूंजनसिंह द्वारा नियुक्त टीम में सीबीईओ झाड़ोल मोरध्वज व्यास, पंचायत समिति लेखाधिकारी रतनपाल जैन, भू-अभिलेख निरीक्षक रोशनलाल जैन थे। इसी प्रकार संयुक्त शिक्षा निदेशक उदयपुर धर्मेंद्रकुमार जोशी द्वारा नियुक्त टीम में बालगोपाल शर्मा सीबीईओ फलासिया, गणेश नारायण प्रिंसिपल राउमावि अम्बावी, लक्ष्मणलाल पंडा ओएएस व सुरेंद्र शर्मा वरिष्ठ लिपिक सीबीईओ फलासिया शामिल थे।

दोनों टीमें जांच रिपोर्ट शनिवार को अपने-अपने अधिकारियों को सुपुर्द करेगी। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार रिकॉर्ड में जिन 71 बच्चों को टीसी दी गई वह सही है। सभी टीसी प्राप्त करने वाले बच्चों के प्रार्थना पत्र भी स्कूल में मौजूद है। टीमों ने लिए गए बयान व रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा कि मामले की सच्चाई क्या है।

यह था मामला : दो दिन पहले राउमावि गोराणा स्कूल के दर्जनों बच्चे अपने अभिभावकों के साथ उदयपुर गए। उन्होंने मानवाधिकार कार्यकर्ता गौरव नागदा के साथ जिला कलेक्टर व संयुक्त निदेशक कार्यालय पहुंच ज्ञापन दिया था।

ज्ञापन में आरोप लगाया कि स्कूल प्रिंसिपल ने विगत दो शिक्षा सत्र में कक्षा 9 व 10 वीं के 71 बच्चों को जबरन टीसी थमा दी। उनका आरोप था कि ये बच्चे पढ़ाई में कमजोर है। प्रिंसिपल विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रखना चाहते है। जबकि देश में शिक्षा का अधिकार कानून सबको शिक्षा प्राप्त करने का हक प्रदान करता है।

खबरें और भी हैं...