नवरात्रि में राजमहल आती हैं कुलदेवी:नवरात्रि में मां की प्रतिमा को शाही लवाजमे के साथ लाया जाता है राजमहल, महाराणा प्रताप के शस्त्र व राणा सांगा की 7 फुट लंबी बंदूक की पूजा होती है

उदयपुर20 दिन पहले
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फोटो व कंटेंट | ताराचंद गवारिया - Dainik Bhaskar
फोटो व कंटेंट | ताराचंद गवारिया

यह शाही लवाजमा मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार की कुलदेवी बाण माता का है। सालभर मां की पूजा पुजारी हरीश भट्ट के घर में होती है और वहीं विराजित रहती हैं, लेकिन नवरात्रि में 9 दिन मां की प्रतिमा को शाही लवाजमे के साथ राजमहल लाया जाता है। यहां राजपरिवार के निजी मंदिर में मां के साथ महाराणा प्रताप के शस्त्रों, हमीर की खड़क और राणा सांगा की 7 फुट लंबी बंदूक की भी पूजा होती है।

सुबह 6:42 बजे पूर्ण शृंगारित माता की प्रतिमा को लेकर पुजारी परिवार बाहर निकला तो गली से लेकर महल की बड़ी पोल तक मां के दर्शनों के लिए भक्त जयकारे लगाते हुए उमड़ पड़े। एक साल बाद मां पधारी हैं तो हर भक्त के चेहरे पर उत्साह दिखा।

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