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भास्कर इंटरव्यू:नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद बोले, राजस्थान के कांग्रेसी नेता हर सुबह वैक्सीन-वैक्सीन चिल्लाते हैं, केंद्र की वैक्सीन लगा अपनी पीठ थपथपा रहे हैं

उदयपुर2 महीने पहलेलेखक: स्मित पालीवाल

राजस्थान में कोरोना वैक्सीन को लेकर चल रहे संकट के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन को लेकर मिस मैनेजमेंट है। सुबह उठकर कांग्रेसी नेता वैक्सीन-वैक्सीन चिल्लाने लगते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि केंद्र देने में कोई कमी नहीं रखी है। साथ ही, केंद्र से मिल रही वैक्सीन जनता को लगाकर सरकार खुद की पीठ थपथपा रही है। उन्होंने कोरोना रोकथाम को लेकर भी अपनी बात रखी। पढ़िए दैनिक भास्कर से गुलाबचंद कटारिया की खास बातचीत...

सवालः कांग्रेस सरकार का आरोप है कि केंद्र तीसरी लहर की तैयारी में कोताही बरत रहा है?

जवाबः राजस्थान की कांग्रेसी नेता हर दिन सुबह उठकर वैक्सीन-वैक्सीन चिल्लाते हैं। लेकिन धरातल पर काम नहीं करते। केंद्र द्वारा दी गई वैक्सीन को जनता को लगाकर राजस्थान की सरकार अपनी पीठ तो थपथपा रही है। लेकिन हकीकत में राजस्थान सरकार वैक्सीनेशन का काम बेहतर ठीक ढंग से नहीं कर पाई। जिसकी वजह से बड़ी संख्या में 18 से 44 वर्ष तक के आयु के युवाओं को अब तक वैक्सीन नहीं लग पाई है। जिसके लिए सिर्फ राजस्थान की कांग्रेस सरकार दोषी है।

राजस्थान सरकार कोरोना रोकथाम को लेकर सजग नहीं थी। देश में फरवरी में दूसरी लहर आ गई थी। लेकिन कांग्रेस की सरकार सोती रही। जिसकी वजह से राजस्थान में भयावह हालात बने। अब शांति धारीवाल जागकर प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के दावे कर रहे हैं। जबकि हकीकत में इन प्लांट को 3 महीने पहले ही स्थापित किया जाना चाहिए था।

सवालः राजस्थान में 21 लाख छात्र परीक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। सरकार फैसला नहीं कर पा रही। आखिर कौन जिम्मेदार है?

जवाबः राजस्थान की सरकार पूरी तरह कंफ्यूज है। वाह-वाही लूटने के अलावा सरकार के पास कोई और काम नहीं है। जबकि बच्चों की जिंदगी बचाना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने फैसला किया। अब केंद्र के फैसले की नकल कर राजस्थान में लागू तो किया जाएगा। लेकिन सरकार उसमें भी वाहवाही किस तरह लूट की जा सके। इस बात को ध्यान में रखकर इसकी घोषणा करेगी।

सवालः अनलॉक शुरू हो गया है। क्या सरकार का यह फैसला सही है?

जवाबः कोरोना कंट्रोल होने के बाद सरकार ने आमजन को रियायत दी है। इसका सबसे बड़ा कारण लोगों की आजीविका को बनाए रखना है। फिर बाद में 7 दिन का प्रयोग कर स्थिति को समझा जाएगा। अगर संक्रमण फिर से नहीं फैला तो प्रदेश में रियायत और बढ़ाई जाएगी। लेकिन अगर संक्रमण फिर से बढ़ गया तो सख्ती बढ़ेगी।

सवालः राजस्थान में वैक्सीनेशन पर लगातार सियासत जारी है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है ?

जवाबः दैनिक भास्कर ने जिन तथ्यों और प्रमाणों के साथ वैक्सीन की 500 शीशियों को सरकार के सामने लाकर रखा है, उससे सरकार की लापरवाही का पूरे देश को पता चल चुका है। राजस्थान सरकार की कारगुजारी की वजह से जहां आम जनता को वैक्सीन नहीं लग पा रही, वहीं अब वैक्सीन की बर्बादी भी सरकार की नाक के नीचे हो रही है। लेकिन सरकार इस पर अंकुश लगाने की बजाय अनर्गल बयानबाजी कर रही है, जो सरासर गलत है। जबकि जो लोग वैक्सीन को बर्बाद कर रहे हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर देना चाहिए।

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