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आज दुर्गाष्टमी के आयोजन:महानवमी और दशहरा कल एकसाथ, कोरोना के कारण इस बार गांधी ग्राउंड में पुतला दहन नहीं

उदयपुरएक महीने पहले
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तिथियों की घटत-बढ़त के कारण पैदा हुए असमंजस के बीच महानवमी और दशहरे का पर्व इस बार एक साथ रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुबह महानवमी पूजन होगा तो शाम को रावण का सांकेतिक पुतला जलाया जाएगा। इनके आयोजन को लेकर असमंजस इसलिए था कि रविवार को सुबह 7:42 बजे नवमी तिथि की समाप्त हो रही थी और दशमी शुरू हो जाती। चूंकि, ज्योतिषविद् उदियात यानी सुबह जिस तिथि में सूर्य उदय हुआ है, उसी तिथि को मानते हैं, ऐसे में पूरे दिन नवमी रहनी थी और सोमवार को दशमी होनी थी। लेकिन सोमवार को दशमी भी सुबह करीब 7:44 तक संपन्न हो जाती और एकादशी शुरू हो जाती। रावण दहन शाम को और दशमी तिथि पर ही होना जरूरी है। ऐसे में विजयादशमी भी रविवार को ही मनाना उचित माना गया।

राज्य सरकार के कलेंडर में भी दशमी रविवार को ही है। दूसरी ओर, काेराेना संक्रमण के कारण इस बार गांधी ग्राउंड में रावण दहन का कार्यक्रम नहीं होगा। सांकेतिक ताैर पर सनातन मंदिर के परिसर में अाठ फीट के रावण का दहन किया जाएगा। इसके लिए अभी पुतला तैयार होना बाकी है। उधर, शनिवार को अष्टमी मनाई जाएगी। यह सुबह 6 बजकर 58 मिनट तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि भी मानी जाएगी। ऐसे में कई जगह इस दिन अष्टमी के साथ ही नवमी के कार्यक्रम भी होंगे। नीमच माता मंदिर में अष्टमी के मौके पर माताजी का विशेष शृंगार होगा। आवरी माता मंदिर में सुबह 4 बजे हवन होगा।

तिथियों की घटत-बढ़त से पैदा हुआ असमंजस, जानिए दोनों पर्व साथ क्यों

ज्योतिषियों की राय

नवमी के बाद दशमी शुरू होगी, रावण दहन शाम को ही जरूरी

रविवार सुबह 7:42 मिनट पर नवमी समाप्त होगी और दशमी शुरू होगी। विजयादशमी का पर्व शाम को रावण दहन से मनाने की परंपरा है। इसके चलते इसी दिन शाम को रावण दहन और शस्त्र पूजन होगा। ज्योतिषविद् पंडित हरिश्चंद्र शर्मा ने बताया कि पंचांग में उदित तिथि का उल्लेख है, लेकिन सूर्योदय के बाद पड़ने वाली तिथि ही मान्य होती है।

रावण दहन समिति

कोरोना के कारण सांकेतिक तौर पर रविवार को पुतला दहन

शहर में रावण दहन का आयोजन सनातन धर्म सेवा समिति और बिलोचिस्तान पंचायत करती है। पंचायत के महासचिव विजय आहूजा ने बताया कि रविवार को इसका सनातन मंदिर परिसर में ही सांकेतिक आयोजन होगा। इसमें आमजन को प्रवेश नहीं देंगे। पंचायत के अध्यक्ष नानकराम कस्तूरी, समिति के उप संयोजक मनोज कटारिया सहित पदाधिकारी ही मौजूद रहेंगे।

और सरकारी कलेंडर

कर्मचारियों की अष्टमी की छुट्‌टी आज, नवमी की कल

राज्य सरकार की ओर से जारी कर्मचारियों के छुट्टियों के कलेंडर में भी विजयादशमी रविवार को बताई गई है। इस कलेंडर के अनुसार प्रदेशभर में अष्टमी की छुट्टी शनिवार को रहेगी, जबकि दशमी रविवार को है। ऐसे में कर्मचारियों के लिए घाटे का सौदा जरूर हो गया। अगर विजयादशमी रविवार की जगह किसी अन्य दिन होती तो उन्हें अवकाश का लाभ मिल जाता।

इधर, कुछ जगह शनिवार को नवमी तो कुछ जगह सोमवार को दशहरा

सिटी पैलेस में शनिवार को नवमी और रविवार को दशमी के सांकेतिक कार्यक्रम होंगे। महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल ट्रस्ट के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी भूपेंद्र सिंह आउवा ने बताया कि नवमी को माणक चाैक में दरीखाने की पोल के आगे अश्व-गज पूजन होगा। पूजन से पहले घोड़ों पर जल छिड़कने की रस्म होगी। दशमी पर राजमहल में खेजड़ी वृक्ष का पूजन होगा। करणी माता मंदिर में रविवार को घट उत्थापन होगा। इससे पहले सुबह ब्रह्म मूहूर्त में हवन होगा। मंदिर में स्थापित घट और जवारों का सांकेतिक तौर पर ही विसर्जन होगा। नीमज माता मंदिर में विजयादशमी के कार्यक्रम सोमवार को होंगे। इस दिन हवन, शस्त्र पूजन आदि होंगे।

रावण पर भारी पड़ा कोरोना, 70 फीट का कद 8 फीट में बदला

कोरोना का असर इस बार रावण पर भी पड़ा है। शहर में 70 फीट तक के पुतले का दहन होता आया है। लेकिन इस बार सांकेतिक रूप से 8 फीट ऊंचे पुतले का ही दहन करने का फैसला हुआ है। कोरोना को देखते हुए गांधी मैदान में दहन कार्यक्रम नहीं होगा। सनातन धर्म सेवा समिति और बिलोचिस्तान पंचायत की तरफ से रविवार को सनातन मंदिर के परिसर में रावण दहन किया जाएगा। इसमें पदाधिकारियों के अलावा अन्य किसी का प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

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