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सु-स्वागतम्:प्रदेश में सात दिन पहले पहुंचा मानसून, उदयपुर सहित मेवाड़ के पांच में से 2 जिलों में दी दस्तक

उदयपुर2 महीने पहले
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  • लगातार दूसरे साल समय से पहले एंट्री इस साल 108% तक बारिश के आसार
  • डूंगरपुर और बांसवाड़ा के रास्ते प्रवेश मेवाड़ में भी 7 दिन पहले दी दस्तक
  • अच्छी बात- प्री मानसून पहले ही भिगो चुका, 46% तक अधिक बरसात हुई

प्रदेश में मानसून ने शुक्रवार को तय अवधि से 7 दिन पहले एंट्री कर ली। डूंगरपुर-बांसवाड़ा-झालावाड़ के रास्ते प्रवेश किया। इसी के साथ मेवाड़ के पांच जिलों में से उदयपुर व प्रतापगढ़ सहित दो जिलों में भी पहुंच गया। अब बाकी के तीन जिलों राजसमंद, चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा में भी जल्द दस्तक देने की संभावना है। यह लगातार दूसरा साल है जब प्रदेश में मानसून समय से पहले आया है। इसके आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियां हैं। एक सप्ताह में जयपुर में भी एंट्री कर लेगा।

उदयपुर में अमूमन मानसून के प्रवेश की तिथि 20 से 25 जून के मध्य मानी जाती है। यहां भी करीब सात दिन पहले मानूसन ने प्रवेश किया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में मानसून के प्रदेश की तिथि 25 जून है। पिछले साल भी यह एक दिन पहले यानी 24 जून को प्रवेश कर गया था।

मौसम विभाग का उत्तर-पश्चिमी भारत में 92 से 108% तक औसत बारिश का अनुमान है। हालांकि प्रदेश में प्री-मानसून अब तक 46% ज्यादा बरस चुका है। शुक्रवार को उदयपुर में 4, देवास में 12, झाड़ाेल में 6, मदार 5, राजसमंद में 24, चिकलवास में 18 और नंदसमंद मेें 1 मिलीमीटर पानी बरसा। उदयपुर में पिछले साल 24 जून काे मानसून पहुंचा था। आठ दाैर में हर बार खंड बारिश हुई, अक्टूबर तक औसत 583.50 मिमी के मुकाबले 728.27 मिमी बारिश हुई।

2013, 2015 और 2020 में भी जल्दी आया, दो बार औसत से ज्यादा बारिश हुई

पढ़िए! मानसून का पूरा गणित

पहले क्यों आया मानसून तय तिथि से पहले या बाद में कभी भी आ सकता है। इस बार दक्षिणी पश्चिमी हवाओं ने राज्य में प्रवेश किया है। यह नमी वाली हवाएं हैं। इसी को मानसून का प्रवेश माना जाता है, जिससे बारिश की परिस्थितियां बनती हैं। ये हवाएं धीरे-धीरे अन्य जिलों में बढ़ेंगी। असर क्या रहेगा? मानसून पहले आए या बाद में... फर्क नहीं पड़ता। देखना यह होता है कि 30 सितंबर तक कब-कब और कितने दिन सक्रिय रहा। विभाग सिर्फ 5 दिन आगे तक के मौसम के बारे में बता सकता है। हालांकि इस बार अच्छी बरसात की उम्मीद है।

आगे... अगले 24 घंटे में कुछ और जिले कवर होंगे ^दक्षिणी पश्चिमी मानसून ने राजस्थान में प्रवेश कर लिया है। पहले दिन पांच जिलों को कवर कर लिया। अब अगले 24 घंटे में उदयपुर संभाग सहित मेवाड़ के कुछ और जिलों में मानसून पहुंच जाएगा। -राधेश्याम शर्मा, निदेशक मौसम केंद्र जयपुर

8 साल में पहली बार...प्रदेश में 18 जून से पहले आ गया, रिकॉर्ड 2019 मंे टूटे

साल एंट्री कुल बारिश जयपुर में
2013 15 जून 691.2 574.27
2014 7 जुलाई 518.6 473.6
2015 24 जून 506.2 359.0
2016 26 जून 678.5 555.8
2017 27 जून 514.2 319.8
2018 28 जून 526.13 520.7
2019 2 जुलाई 747.24 688.9
2020 24 जून 520.77 545.74
बारिश के आंकड़े मिमी में।

प्रदेश में पूरे मानसून सीजन में औसतन 530.2 मिमी और उदयपुर में 583.50 मिमी बारिश होती है। मानसून एंट्री की तिथि प्रदेश में 25 जून है, जो उदयपुर संभाग से ही होती है।

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