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कोरोना पर एनालिसिस:कोरोना से जुड़ी सर्वाधिक शिकायतें जयपुर में, बंदोबस्त में उदयपुर अव्वल

उदयपुर16 दिन पहलेलेखक: गिरीश शर्मा
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  • संपर्क पोर्टल रिपोर्ट- दूसरी लहर में 33899 शिकायतें

काेराेना महामारी की दूसरी लहर (1 अप्रैल से 5 जुलाई तक) में रोजाना हजारों मरीजों के मिलने और सैकड़ों मरीजों की माैताें के बीच राजस्थान सरकार के संपर्क (कोविड-19) पोर्टल पर काेराेना से जुड़ी शिकायतों की बाढ़ सी आ गई थी। इस पर 96 दिन में 33899 लाेगाें ने सामान्य बेड, ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर बेड, रेमडेसिविर इंजेक्शन, ब्लैक फंगस इंजेक्शन, दवा, भोजन, होम आइसोलेशन में देखभाल और वैक्सीनेशन से जुड़ी शिकायतें की।

जयपुर जिला 6781 शिकायतों के साथ जहां टॉप पर रहा, वहीं उदयपुर 3338 शिकायतों के साथ दूसरे नंबर पर है। कोटा में 3133, जोधपुर में 2143 लोगों ने शिकायतें दर्ज कराईं। 97.02% शिकायतों का समाधान कर उदयपुर अव्वल रहा ताे प्रदेश की राजधानी 24वें नंबर पर है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह जिला जोधपुर सातवें नंबर पर है। कोटा दूसरे, चित्तौड़गढ़ तीसरे, नागौर चाैथे और भीलवाड़ा पांचवें नंबर पर है। झुंझुनूं सबसे फिसड्डी रहा। यहां सर्वाधिक 21% प्रतिशत असंतुष्ट शिकायतकर्ता हैं। ओवरऑल प्रदेश 88.93% लाेगाें की समस्या का समाधान किया गया, वहीं 10% असंतुष्ट रहे।

भास्कर की पहल ‘जहां जगह-वहीं सांसें’ भी उदयपुर काे अव्वल बनाने में अहम

कोरोना पीडितों की समस्याओं के समाधान में शामिल टॉप-10 जिलों में उदयपुर संभाग के उदयपुर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जिले भी शामिल हैं। वहीं राजसमंद 11वें नंबर पर है। झुंझुनूं सबसे कम 78.82% समस्याओं का ही समाधान कर सका।

  • हेल्पलाइन नंबर 0294-2414620 पर 24x7 घंटे पांच लाइनों पर प्रशासन ने शिकायतें सुनीं। इस हेल्पलाइन पर अब भी शिकायतें सुनी जा रही है।
  • समाधान का टारगेट पहले 24 घंटे, बाद में घटाकर 12 घंटे और फिर 4 घंटे तक किया।
  • जयपुर और जोधपुर में ऑक्सीजन की कम पड़ी ताे तुरंत मादड़ी स्थित प्लांट का पूरा काेटा आरएनटी मेडिकल काॅलेज के लिए अधिग्रहित कर लिया।
  • गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए आनन-फानन में सभी अस्पतालों से बात कर 1762 ऑक्सीजन बेड बढ़ाए। इसमें पांच सरकारी अस्पताल शामिल हैं।
  • दैनिक भास्कर की पहल ‘जहां जगह-वहीं सांसें’ के तहत ऑक्सीजन बेड के लिए इंतजार कर रहे मरीजों काे स्ट्रेचर, कुर्सियों, फर्श पर भी ऑक्सीजन दी। इससे कई संक्रमितों की जानें बचाई गई।
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