अब परिवारवाद-मुक्त कांग्रेस:नई कूल कांग्रेस; शिविर में कूलिंग पीरियड सहित कई नवाचार लेकिन सबमें कंडीशन एप्लाइड

उदयपुर4 दिन पहलेलेखक: हर्ष खटाना/सौरभ भट्‌ट
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उदयपुर स्टेशन पर उतरते राहुल गांधी। - Dainik Bhaskar
उदयपुर स्टेशन पर उतरते राहुल गांधी।

नए नैरेटिव और नए संकल्पों के साथ चिंतन शिविर के लिए दिल्ली से कांग्रेस एक्सप्रेस उदयपुर पहुंच गई है। पांच राज्याें में हार के बाद शुक्रवार से शुरू हुए चिंतन शिविर में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा- ‘आज पार्टी के सामने असाधारण परिस्थितियां हैं। इससे मुकाबले के लिए रणनीतिक बदलाव और संस्थागत सुधार रोजाना काम करने के तरीके में बदलाव सबसे बुनियादी जरूरी मुद्दा है। इनका सामना असाधारण तरीकों से करना होगा।’ इसके बाद कांग्रेस ने कई संकल्प दोहराए। इसमें सबसे अहम परिवारवाद से मुक्ति और नए लोगों की संगठन में भूमिका बढ़ाने को लेकर है।

हालांकि इसमें भी शर्तें लगाई गई हैं। पहला संकल्प- संगठन में 5 साल एक पद पर रहने के बाद उसी पद पर रहने के लिए तीन साल का कूलिंग पीरियड जरूरी होगा। यानी कोई व्यक्ति लगातार दो बार एक पद पर नहीं रह सकता। हालांकि इसमें सत्ता के मुखिया और मंत्रियों को शामिल नहीं किया गया है।

यह बदलाव सिर्फ संगठन स्तर पर होगा। दूसरा संकल्प- परिवारवाद का ठप्पा हटाने के लिए एक परिवार से एक व्यक्ति को ही टिकट दिया जाएगा। इसमें भी शर्त है कि यदि परिवार के किसी सदस्य को संगठन में 5 साल से ज्यादा काम करने का अनुभव है तो उसे टिकट दिया जा सकता है। यानी एक तरह से हर बड़े नेता के परिवार में टिकट का रास्ता खुला है।

असाधारण परिस्थितियाें का सामना असाधारण तरीकों से करना होगा : सोनिया
संकल्प 1: संगठन में 5 साल एक पद पर रहने के बाद तीन साल का कूलिंग पीरियड जरूरी
शर्तें लागू : सरकार व मंत्रियांे पर लागू नहीं।

संकल्प 2 : एक परिवार से 1 को ही टिकट शर्तें लागू : संगठन में 5 साल से ज्यादा काम का अनुभव हो तो टिकट देने में परेशानी नहीं

देश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा, लोगों को हमसे उम्मीदें : सोनिया

  • होर्डिंग में गांधी-नेहरू के साथ अब स्वतंत्रता सेनानी भी
  • हली बार होर्डिंग में गांधी-नेहरू के अलावा शहीद भगत सिंह, गोपाल कृष्ण गोखले, सुभाष चंद्र बोस, रविंद्र नाथ टैगाेर आदि के भी पोस्टर्स दिखे। हालांकि ये चिंतन शिविर के बाहर ही थे।
  • कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव चाहती है। संगठन में बूथ के बाद ब्लॉक स्तर पर खड़े संगठन में अब 15-20 बूथ पर एक मंडल होगा। भाजपा में 50 बूथ पर एक मंडल होता है। इसके अलावा भाजपा की तर्ज पर कांग्रेस भी आंतरिक सर्वे के लिए अपना खुद का स्ट्रक्चर तैयार करेगी।

ये प्रस्ताव भी : 50% पदों पर 50 से कम उम्र के नेता हों

  • संगठन के सभी पदों में से 50% पर 50 से कम उम्र के नेताओं को तरजीह दी जाए।
  • महंगाई से लेकर किसानों, बेरोजगारी, आर्थिक मंदी, केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर जन अांदाेलन, क्षेत्रीय दलों को भी जोड़ने का प्रयास।
  • सबसे अहम प्रस्ताव यह है कि अल्पसंख्यकों, दलितों एवं ओबीसी वर्गों के नेताओं के लिए 50 फीसदी का आरक्षण तय किया जाए।

पार्टी की कमान गैर गांधी संभाले, इसका आखिरी निर्णय भी गांधी परिवार पर संभव
कांग्रेस में ढांचागत और काम के तरीके में बदलाव के संकेताें के साथ तीन दिन का चिंतन शिविर शुरू हो गया है। इसमें पार्टी हताशा के लंबे दौर से उबरने के लिए "नव संकल्प' लेने के लिए िचंतन कर रही है। 21 वीं सदी में पार्टी का यह तीसरा चिंतन शिविर ऐसे समय में हो रहा है जब "रिवाइवल प्लान' बनाने के लिए चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से बातचीत खत्म हो चुकी है।

पार्टी सूत्रों ने इस बात को माना है कि विचार मंथन के पांच बड़े मुद्दों में से 4 में "पीके' फाॅर्मूले की ध्वनि है। सोनिया गांधी के निवास 10 जनपथ पर प्रशांत किशोर के साथ अलग अलग सत्रों में करीब 25 घंटे की बातचीत और उनकी 85 स्लाइड्स की प्रजेंटेशन को पार्टी कहने को किनारे रख चुकी है। लेकिन उस दौरान उठे मुद्दों की गूंज पार्टी के मंथन में शामिल है।

  • पार्टी के कायापलट के 5 सूत्राें में से 4 में पीके फाॅर्मूले की छाप
  • कांग्रेस का अध्यक्ष कोई गांधी परिवार से बाहर का नेता हो। वह कहीं अधिक कारगर साबित होगा। पार्टी के अंतिम निर्णय गांधी परिवार ले सकता है।
  • पार्टी संगठन को युवा बनाया जाए। संगठन को "पेंशनभोगी मानसिकता' के नेताओं से मुक्त करें।
  • पार्टी में महिलाओं के लिए हर स्तर पर एक तिहाई भागीदारी निश्चित की जाए।
  • जनांदोलन करने की कांग्रेस की गांधीवादी रणनीति को फिर से अपनाया जाए।
  • संघ परिवार बनाम गांधी परिवार को लेकर राष्ट्रव्यापी बहस छेड़ी जाए।

अध्यक्ष के मुद्दे पर तीन राय
कांग्रेस के चिंतन शिविर में पार्टी की कमान के सवाल पर कोई खुला सत्र नहीं है। इस मसले पर 3 राय हैं- अध्यक्ष कोई गैर गांधी हो, या सोनिया गांधी ही पाटी की अध्यक्ष रहें या राहुल गांधी की अध्यक्ष के तौर पर वापसी हाे। इस मुद्दे पर कोई भी अंतिम फैसला गांधी परिवार पर ही छोड़ा जा सकता है।

भास्कर : परिवार में टिकट के लिए 5 साल के अनुभव की छूट देना तो गली निकालने जैसा है?

माकन : 1 परिवार से एक को ही टिकट देने का प्रस्ताव है, इसे मंच पर रखा है

Q. चिंतन शिविर में कांग्रेस ने परिवारवाद से मुक्ति की बात तो की, लेकिन यह फैसला सभी पर लागू क्यों नहीं?
राजस्थान प्रभारी अजय माकन- हमारा प्रस्ताव ये है कि एक ही परिवार में एक व्यक्ति काे टिकट मिले, लेकिन यदि किसी परिवार में एक से ज्यादा व्यक्ति टिकट के दावेदार हैं ताे उस स्थिति में एक से ज्यादा टिकट तब मिलेंगे जब दावेदार संगठन में पांच साल से काम कर रहा हाे। संगठन में एक ही पद पर दाेबारा आने के लिए 3 साल का कूलिंग पीरियड का प्रस्ताव है।
Q. ये ताे गली निकालने जैसा है?
- ये विचार व साेच है जाे पार्टी मंच पर चिंतन के लिए रखी है।
Q.कांग्रेस संगठन में मंडल लेवल कैसे लागू हाेगा?
- बूथ और ब्लाॅक के बीच मंडल लागू हाेने की बात पर बैठक में प्रस्ताव लाया गया है। ये लागू हुआ ताे 3 माह में काम पूरा हो जाएगा। एक ब्लाॅक में 100 बूथ है ताे 15 या 20 बूथाें पर मंडल बनेगा।

Q. संगठन के चुनाव पर क्या भी क्या चिंतन शिविर में भी बात हाेगी?
- संगठन से जुड़े चुनावाें के मुद्दाें बात करने का ये सही समय नहीं है। चिंतन शिविर और संगठन के चुनाव अलग-अलग मुद्दे हैं। अभी ताे सिर्फ चिंतन शिविर के मंथन से जाे निकलकर आएगा, उसे लागू कराना ही पार्टी का मकसद है।

धर्म के नाम पर ये लोग देश पर काबिज हुए : गहलोत
सीएम गहलोत ने प्रदेश में हो रही हिंसा के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया। कहा- ये लोग धर्म के नाम पर देश पर काबिज हो गए हैं। अब राजस्थान तो टारगेट में नंबर वन है। दंगाई का, सीबीआई, ईडी का छापा शुरू हो जाता है। हमारी कमजोरी है कि हमारी कमजोरी है कि हम काम करते हैं, लेकिन मार्केटिंग नहीं करते।

ये झूठे फरेबी लोग हैं। काम कम और मार्केटिंग ज्यादा करते हैं। कभी गुजरात मॉडल की बात करते हैं। कांग्रेस के सिद्धांत, नीतियां देश के डीएनए की तरह हैं। ये बेशर्मी से कहते हैं कि कांग्रेस ने 70 साल में क्या किया?

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