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उदयपुर के नए राजस्व मंत्री से खास बातचीत:सरकार में कोई गुटबाजी नहीं, अगला चुनाव भी गहलोत के नेतृत्व में ही लड़कर फिर से सरकार बनाएंगे : जाट

उदयपुरएक महीने पहले
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उदयपुर के नए प्रभारी मंत्री और प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री रामलाल जाट सोमवार को पहली बार जिले के दाैरे पर आए। इस दाैरान उन्हाेंने ‘महंगाई हटाओ महारैली’ के लिए कार्यकर्ताओं से चर्चा की और प्रशासन गांवाें के संग अभियान की व्यवस्था भी देखी। उन्हाेंने कहा कि सस्ता पेट्रोल और डीजल देने की घोषणा कर सत्ता में आई मोदी सरकार के वादे की हवा निकल गई है, जबकि गहलोत सरकार ने कोरोना प्रबंधन से लेकर हर मामले में प्रदेशवासियों को राहत देने की कोशिश की है। प्रभारी मंत्री जाट ने आगामी विधानसभा चुनाव सहित कई मुद्दों पर भास्कर से खास बातचीत की।

Q उदयपुर जिले के स्थानीय संगठन में चल रही राजनीति उठापटक को कैसे संभालेंगे?
A
चुनौतियां तो हर क्षेत्र में हैं। संयुक्त परिवार में भी लड़ाई होती है। बेटे-बहू और बुजुर्गों में भी मतभेद रहता है, लेकिन प्रभारी मंत्री के नाते सबको साथ लेकर चलेंगे। फिलहाल फोकस महंगाई हटाओ रैली को सफल बनाने पर रहेगा।

Q आपका महंगाई पर फोकस है, लेकिन राज्य में सर्वाधिक वैट और महंगाई के मुद्दे पर आप ही घेरे में हैं?
A
पेट्रोल-डीजल हो या कोरोना प्रबंधन, सीएम गहलोत ने हर मामले में प्रदेशवासियों को राहत दी है, लेकिन केंद्र सरकार की नीतियों से पूरा देश परेशान है। सस्ता पेट्रोल और डीजल देने का वादे कर सत्ता में आई सरकार की हवा निकल गई। देशभर में उपचुनाव के दौरान मतदाताओं ने मोदी सरकार की नीतियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है।

Q सरकार को 3 साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन अभी तक संगठन और राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हुईं?
A
कार्यकर्ताओं को आलाकमान पर भरोसा रखना चाहिए। पार्टी की मजबूती के चलते हाल ही में उपचुनाव में जीत हासिल हुई, लेकिन नियुक्ति का अधिकार तो सीएम के पास है। मनोनीत पार्षद और जिलाध्यक्षों की नियुक्तियां भी समय-समय पर हो रही हैं। इस दौरान महंगाई हटाओ रैली को सफल बनाने में कार्यकर्ता की सक्रियता का आकलन किया जा रहा है।

Q अमित शाह ने कहा कि भाजपा 75 फीसदी सीटें जीतेगी?
A
दूध डेयरी का चेयरमैन होने के साथ ही किसान परिवार से ताल्लुक रखता हूं। हम दूध की गुणवत्ता का मूल्यांकन फैट से करते हैं। राजनीति में भाषण और जुमलेबाजी से काम नहीं चलता। राजनीति में मूल्यांकन वोट से होता है। राज्य के अलावा देशभर में उपचुनाव में भाजपा की हालत खराब है। इसी मूल्यांकन के आधार पर बात की जानी चाहिए।
Q क्या मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद कांग्रेस में खींचतान खत्म हो गई?
A
जब आलाकमान ने गहलोत को सीएम बना दिया है तो सभी खींचतान खत्म हो गई है। 2023 का आगामी विधानसभा चुनाव भी उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।

Q विपक्ष का आरोप है कि प्रशासन गांव व शहरों के संग अभियान फ्लॉप हो गया?
A
अभियान बिल्कुल फ्लॉप नहीं हुआ। शिविर में 10 लाख लोगों को नामांतरण, 6 लाख को पट्टे और 11 लाख लोगों के नाम शुद्धिकरण हुए हैं। यह अभियान मार्च तक प्रस्तावित है। शिविर के आकलन के लिए अभी काफी समय है।

Q आरोप तो यह है कि अभियान में भूमाफिया हावी है, विपक्ष इसे ‘रिश्तेदार संग अभियान’ बता रहा है?
A
भाजपा जुमलेबाजी में आगे रही है। शिविर तो भाजपा के विधायकों के क्षेत्र में भी हो रहा है। बीजेपी वाले भी काम करवा रहे हैं, किसी तरह की कोई रोक नहीं है।

सवाल : हर 5 साल में सरकार बदलती है, क्या यह परिपाटी अगली बार टूटेगी?

A यह तो पिछले कुछ वर्षों में ही हो रहा है। ऐसा पहले तो था ही नहीं। पहले कांग्रेस का राज था। 90 तक कांग्रेस का राज था। अभी तो एंटी इनकंबेंसी भी नहीं है। पंचायतीराज चुनाव और उपचुनाव के नतीजे इस बात की तस्वीर पेश कर रहे हैं।

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