सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में छात्र संगठनों को बगावत का डर:नामांकन में तीन दिन बाकी, अब तक तय नहीं दोनों दलों के उम्मीदवार

उदयपुरएक महीने पहले
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एबीवीपी से कुलदीप सिंह और एनएसयूआई से देव सोनी है प्रबल दावेदार। - Dainik Bhaskar
एबीवीपी से कुलदीप सिंह और एनएसयूआई से देव सोनी है प्रबल दावेदार।

छात्रसंघ चुनाव के नामांकन में महज तीन दिन बाकी रहे हैं। मगर अबतक सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में केंद्रीय छात्रसंघ के दावेदारों का नाम सामने नहीं आ सका है। 22 अगस्त को चुनाव के लिए नामांकन होना है। प्रदेश के दो बड़े विश्वविद्यालय राजस्थान यूनिवर्सिटी और जोधपुर यूनिवर्सिटी में दावेदारों के नाम घोषित हो गए हैं। मगर सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में ना ही एनएसयूआई और ना ही एबीवीपी ने प्रत्याशी के नाम घोषित नहीं किए हैं।

बगावत सबसे बड़ा डर

सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में प्रत्याशियों के नाम घोषित नहीं करने के पीछे दोनों दलों में बगावत का डर है। उदयपुर में एबीवीपी से 3 और एनएसयूआई से 2 प्रत्याशी छात्रसंघ अध्यक्ष के प्रत्याशी के तौर पर दावेदारी कर रहे हैं। ऐसे में सम्भावना है कि किसी एक को टिकट मिलने पर उसके निर्दलीय के तौर पर दावेदारी करने की संभावना के चलते दोनों दल देरी से टिकट तय करने के फॉर्मूले पर चल रहे हैं।

2016 में बगावत कर जीते थे मयूरध्वज

सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के 2016 के छात्रसंघ चुनाव में बगावत एबीवीपी को भारी पड़ी थी। एबीवीपी ने टिकट मांग रहे मयूरध्वज को टिकट नहीं दिया था। इसपर मयूरध्वज ने बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा और चुनाव जीत गए। इसके बाद से 2017 से 2019 तक लगातार तीनों चुनाव में एबीवीपी उदयपुर में जीत दर्ज करती आ रही है।

राजपूत-राजपूत समीकरण से बचने के प्रयास में

एबीवीपी से रौनक राज और कुलदीप सिंह राजपूत उम्मीदवार हैं। वहीं तीसरे उम्मीदवार प्रवीण तेली हैं। वहीं एनएसयूआई से कीर्तिसिंह झाला राजपूत उम्मीदवार हैं। वहीं देव सोनी एनएसयूआई के दूसरे उम्मीदवार हैं। ऐसे में एनएसयूआई इस उम्मीद में है कि अगर एबीवीपी अपना टिकट तय कर दे तो उसी अनुसार एनएसयूआई जातीय समीकरण को देखते हुए अपना टिकट तय करने की फिराक में है।