कोरोना से वैक्सीन बचा रही जिंदगी:उदयपुर में 15 नवम्बर के बाद पॉजिटिव आए एक भी रोगी को अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ा, सभी को लग चुकी है वैक्सीन

उदयपुरएक महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

उदयपुर में कोरोना तेजी से फैलने लगा है। लगातार कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। मगर इसके बीच राहत की बात यह सामने आई है कि एक भी मरीज को अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ा है। उदयपुर में 15 नवम्बर के बाद से कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं। 15 नवम्बर से अबतक कोरोना के 22 मामले उदयपुर में सामने आ चुके हैं। वहीं दिसम्बर महीने के 6 दिन में ही 10 केस सामने आ चुके हैं। मगर इसके बावजूद इनमें से एक भी मरीज को अस्पताल में भर्ती होना नहीं पड़ा है। कईयों को कोरोना के हल्के लक्षण हैं जबकि कई असिम्पटोमैटिक हैं।

सभी को वैक्सीन लगी है, उसी से सुरक्षित हैं लोग

15 नवम्बर से अबतक जितने भी कोरोना के मामले सामने आए हैं उन सभी लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगी हुई है। इनमें से भी ज्यादातर को वैक्सीन के दोनों डोज लगे हुए हैं। सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी बताते हैं कि कोरोना के रोगी सामने आए हैं। मगर किसी को भी अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ा है, इसकी बड़ी वजह वैक्सीन है। संभवतया: अगर वैक्सीन नहीं लगी हो तो नुकसान भुगतना पड़ सकता है। बता दें कि सोमवार को ही बीकानेर में एक लड़की की मौत हो गई। उसे कोरोना की वैक्सीन नहीं लगी थी।

वैक्सीन लगाएं : ग्रामीण इलाके अब भी पीछे

सीएमएचओ डॉ. खराड़ी बताते हैं कि वैक्सीन की अहमियत साफ तौर पर सामने दिखाई पड़ रही है। ऐसे में जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी है उन्हें आगे आकर लगवानी चाहिए। बता दें कि उदयपुर शहर में तो बड़ी मात्रा में वैक्सीन लग गई है। मगर ग्रामीण इलाकों में अब भी पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन नहीं लगी है। उदयपुर के कोटड़ा इलाके में तो अबतक सिर्फ 36 प्रतिशत लोगों को ही पहली डोज लगी है। वहीं दोनों डाेज सिर्फ 20 प्रतिशत लोगों को ही लगी है। उदयपुर जिले की 18 साल से ज्यादा उम्र की आबादी की बात की जाए तो पूरे जिले में 77.29 प्रतिशत को पहली डोज लगी है। वहीं 60.97 प्रतिशत को ही दोनों डोज लगी हैं।

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