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सितम्बर की बरसात ने उदयपुर में बढ़ाई उम्मीदें:अब फतहसागर में आएगा पानी, छलकने के बाद बड़ा मदार पर चली चादर; पीछोला और उदयसागर के छलकने का इंतजार

उदयपुर15 दिन पहले
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बड़ा मदार तालाब पर चली चादर। - Dainik Bhaskar
बड़ा मदार तालाब पर चली चादर।

उदयपुर में पिछले दिनों हुई लगातार अच्छी बरसात का असर रहा कि अब उदयपुर के बांध छलकने लगे हैं। 3 दिन पहले शुरू हुआ बांधों के छलकने का सिलसिला अबतक जारी है। टीडी डैम के छलकने के साथ उदयपुर में इसकी शुरुआत हुई थी। अब 24 फीट भराव क्षमता वाला बड़ा मदार भी छलक चुका है। इससे पहले गोवर्धन सागर बांध भी छलक गया था। गोगुंदा क्षेत्र में हुई अच्छी बरसात का असर रहा कि बड़ा मदार छलक गया। रविवार देर शाम बड़ा मदार ओवरफ्लो हुआ था। मगर सोमवार सुबह इसपर तेज चादर चलने लगी, इसी के साथ इसका पानी उदयपुर की फतहसागर झील के लिए डायवर्ट हो गया। कुछ ही समय में चिकलवास फीडर से होते हुए यह पानी फतहसागर झील में पहुंचने लगेगा।

अब पीछोला, उदयसागर के छलकने का इंतजार

उदयपुर की तीन प्रमुख झीलों का भरना शहर की लाइफलाइन के लिए बेहद जरूरी होता है। बड़ा मदार के भरने से अब जहां फतहसागर झील में आवक होने लगी है। वहीं अब पीछोला और उदयसागर झील के छलकने का इंतजार है। पीछोला का जलस्तर फिलहाल 9 फीट 4 इंच है। यूं तो पीछोला की क्षमता 11 फीट है, मगर इसके 10 फीट पहुंचते ही इसके गेट खोल दिए जाएंगे। पहले गंदे पानी को आयड़ नदी के माध्यम से बाहर निकाला जाएगा। उसके बाद लिंक नहर से इसका पानी फतहसागर में डायवर्ट किया जाएगा। एक और अच्छी बरसात जल्द ही पीछोला झील को छलका सकती है। बता दें कि फिलहाल सीसारमा नदी में बहाव 1 फीट 7 इंच है, जिससे पीछोला में पानी की लगातार आवक हो रही है।

बड़ा मदार।
बड़ा मदार।

इधर उदयसागर क्षेत्र में अच्छी बरसात से इसका जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। 24 फीट क्षमता वाले उदयसागर का जलस्तर अब 18 फीट 1 इंच हो चुका है। उदयसागर में बरसात और पीछोला झील के ओवरफ्लो होने से इसका पानी भी आयड़ नदी में होते हुए उदयसागर तक पहुंचता है। ऐसे में 1-2 अच्छी बरसात से उदयसागर झील भी छलक सकती है।

वल्लभनगर में सबसे ज्यादा बरसात, मगर बांध खाली

बरसात के सूखे से जूझ रहे उदयपुर में सितम्बर में अच्छी बरसात हुई है। हालांकि इसके बावजूद यह औसत से अब भी कम है। उदयपुर जिले में अबतक 411 एमएम बरसात हुई है। इसमें सबसे ज्यादा 582 एमएम बरसात वल्लभनगर में हुई है। इतनी बरसात के बावजूद वल्लभनगर बांध खाली पड़ा है। 19.5 फीट क्षमता वाले वल्लभनगर बांध का जलस्तर फिलहाल सिर्फ 2.5 फीट है। ऐसे में अब अगर उदयसागर बांध छलकता है तब ही वल्लभनगर बांध में पानी की आवक हाने की संभावना है।

जावर माता टीडी।
जावर माता टीडी।

वहीं अगर बरसात की बात करें तो उदयपुर शहर में 12 सितम्बर तक 216 एमएम बरसात हुई है। यह जिले में सबसे कम है। इसके अलावा मदार में 289, नाई में 323, बागोलिया में 451, गोगुंदा में 479, झाड़ोल में 480, उदयसागर में 497, देवास में 503, ओगणा में 509 और कोटड़ा में 576 एमएम बरसात हुई है।

अब भी कई बांध-झीलें पड़ी हैं खाली

अच्छी बरसात के बावजूद अब भी उदयपुर के कई बांध और झीलें खाली पड़े हैं। पिछले कुछ वर्षों से से सभी बांध सितम्बर तक लगभग भर जाते हैं। मगर इस बार ऐसा नहीं हुआ है। इनमें जयसमंद झील, फतहसागर, बड़ी, छोटा मदार, मादड़ी बांध, देवास, उदयसागर, वल्लभनगर, बड़गांव शामिल हैं। मानसी वाकल और आकोदड़ा में भी पानी की अभी दरकार है।

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