किसानों को राहत / वल्लभनगर क्षेत्र में अफीम अप्रोटिंग का काम पूरा,लॉकडाउन के कारण शुरू नहीं हो पाई थी अफीम की तौल प्रक्रिया

Opium uploading completed in Vallabhnagar area, due to lockdown, the opium weighing process could not start
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Opium uploading completed in Vallabhnagar area, due to lockdown, the opium weighing process could not start

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

उदयपुर. कोरोना संक्रमण के चलते जारी लॉकडाउन से अफीम काश्तकारों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। हर वर्ष अफीम का तौल अप्रैल महीने के पहले सप्ताह तक हो जाता है। साथ ही अफीम अप्रोटिंग का काम भी हो जाता है। 
लेकिन इस वर्ष कोरोना के कारण हालात अलग है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के जिला अफीम अधिकारी चित्तौड़गढ़ प्रथम खंड जगदीश मावल ने बताया कि जिले के उपखंड क्षेत्र वल्लभनगर में 1039, लसाड़िया में 5 सहित कुल 1044 काश्तकारों ने वर्ष 2019-20 में अफीम फसल की बुवाई की है। वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के मेनार में 22, वाना 1, रुंडेड़ा 1, खेरोदा 7, अमरपुरा 2, नवानिया 2, सालेड़ा 2, तेलनखेड़ी 5 और भोपाखेड़ा में एक किसान ने अफीम की फसल नष्ट करने (अप्रोटिंग) करने के आवेदन किया है। जिन किसानों के अच्छी फसल थी उन्होंने डोडो से चीरा लगाकर दूध ले लिया और अब उन्हें तौल का इंतजार है। क्षेत्र के खेरोदा, अमरपुरा(खालसा), रुंडेड़ा और मेनार में अफीम अप्रोटिंग का काम हो चुका है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो प्रतापगढ़ के अधीक्षक रंगलाल मीना ने बताया कि उन्हें विभाग से उपखंड क्षेत्र वल्लभनगर के 47 किसानों की अफीम फसल अप्रोटिंग के लिए आदेश हुआ है। इसमें से 17 मई से क्षेत्र में अफीम अप्रोटिंग का काम शुरू कर दिया है। शनिवार तक खेरोदा में 7, अमरपुरा (खालसा) में 2, रुंडेड़ा में 1, सालेड़ा में 2 और मेनार में 19 काश्तकारों की अफीम फसल अप्रोटिंग पूरी हो चुकी है। मेनार में 3 काश्तकारों ने अप्रोटिंग के लिए आवेदन किया पर उन्होंने फसल अच्छी होने पर अफीम डोडो को चीरा लगा दिया। जिससे क्षेत्र के अब तक 29 काश्तकारों के अप्रोटिंग का काम हो चुका है।

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