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3 साल बाद एक मंच पर आदिवासी नेता:आरक्षण व्यवस्था में खामियों पर एक दूसरे के विरोधी रघुवीर- मालवीय के सुर भी मिले, एसटी के 12 में से 5 प्रतिशत आरक्षण जनजाति क्षेत्र के लिए मांगा

उदयपुर10 महीने पहले
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बैठक में मौजूद रघुवीर मीणा, महेंद्रजीत मालवीय और ताराचंद भगोरा - Dainik Bhaskar
बैठक में मौजूद रघुवीर मीणा, महेंद्रजीत मालवीय और ताराचंद भगोरा

राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्र में आरक्षण व्यवस्था की विसंगतियों को दूर करने के लिए कांग्रेस और उसका समर्थन करने वाली विचारधारा से जुड़े आदिवासी नेता इकठ्‌ठे हुए। राजनीतिक जीवन में एक दूसरे के धुर-विरोधी नेताओं के सुर भी इस बैठक में मिले। बैठक में मेवाड़ के दो सबसे बड़े आदिवासी नेता सीडबल्यूसी सदस्य रघुवीर मीणा और पूर्व मंत्री महेंद्रजीत मालवीय एक साथ दिखे। दोनों एक दूसरे से गर्मजोशी से बातें करते और मुद्दों पर चर्चा करते दिखे। दोनों एक ही पार्टी में होने के बावजूद आंतरिक रुप से एक दूसरे को राजनीतिक उठापटक देते रहे हैं। साथ ही अप्रत्यक्ष रूप से एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाते रहे हैं। इसी तरह पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा भी रघुवीर मीणा और महेंद्रजीत मालवीय के साथ गर्मजोशी से बैठक में शामिल होते दिखे। 2018 विधानसभा चुनाव के बाद यह पहला मौका था जब सभी आदिवासी नेता एक मंच पर दिखे।

आदिवासियों के हित से जुड़ी इस अहम बैठक में सीडब्लयूसी सदस्य रघुवीर मीणा ने कहा कि एसटी समुदाय विशेषकर जो इस टीएसपी क्षेत्र में रहता है उसे लेकर आरक्षण व्यवस्था में खामिया हैं। इन्हें दूर किया जाना चाहिए, इसकी मांग सरकार से करेंगे।

इसे लेकर पूर्व मंत्री और विधायक महेन्द्रजीत सिंह मालविया ने कहा कि अनुसूचित जनजाति में जो 12 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है। उसमें से 5-5 प्रतिशत आरक्षण अनुसूचित क्षेत्र के जनजाति के लिए अलग से प्रावधान किया जाए, ताकी इस क्षेत्र के प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व मिलने पर विकास के काम सही ढंग से हो कें। इस आरक्षण व्यवस्था का सभी प्रकार की राज्य सेवाओं में प्रावधान किया जाना चाहिए ।

चर्चा के बाद मुख्यमंत्री और जनजाति मंत्री के नाम सम्भागीय आयुक्त को ज्ञापन दिया गया। इस दौरान पूर्व सांसद ताराचन्द भगोरा ने कहा कि सभी दलों के जनप्रतिनिधियों का समन्वय जरुरी है। इससे अनुसूचित क्षेत्र की लम्बित मांगों का समाधान हो सकेगा। इस दौरान मन्नालाल रावत ने अनुसूचित क्षेत्र में लागू आरक्षण के सम्बन्ध में तथ्यात्मक स्थिति प्रस्तुत की।

इस दौरान पूर्व मंत्री डॉ. मांगीलाल गरासिया, जिला प्रमुख बांसवाड़ा रेशम मालविया, जिला प्रमुख प्रतापगढ़ इन्द्रा मीणा सहित कई बड़े आदिवासी नेता इकठ्‌ठे हुए। अधिकांश प्रतिनिधियों का कहना था कि संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत् जारी अधिसूचनाओं का सही तरीके से पालना नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में आ रही कठिनाईयों कों दूर करने की जरुरत है। बैठक के बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन दे दिया गया।

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