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  • Reception Rooms Are Ready In 35 Out Of 45 Police Stations Of The District, 90 Constables Are Taking Practical Training, Will Tell The Complainants Come... What Can We Help You

काेराेना काल में संवर गए थाने:जिले के 45 थानों में से 35 में स्वागत कक्ष तैयार, 90 कांस्टेबल ले रहे व्यवहारिक प्रशिक्षण, परिवादियों से कहेंगे- पधारिए...हम आपकी क्या सहायता कर सकते हैं

उदयपुर2 महीने पहले
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  • पुलिसकर्मी स्वागत कक्ष के नियमों की पालना नहीं करेंगे ताे होगी विभागीय कार्रवाई

अगर आप किसी थाने में शिकायत या फरियाद लेकर पहुंचे और आपसे वहां, पधारिए...मैं आपकी क्या सहायता कर सकता हूं, पूछा जाए ताे चौंकिएगा नहीं। दरअसल, कोरोना काल के साढ़े 14 महीनों में जहां पुलिस की मदद की उजली तस्वीर जनता के सामने आई है, वहीं पुलिस ने भी इसे बनाए रखने के लिए थानों काे संवारने और फरियादियों से अच्छे व्यवहार की करने की तैयारी की है। इसके तहत तीन कराेड़ की लागत से जिले के 45 थानों में से 35 थानों में स्वागत कक्ष बनाए जा चुके हैं।

शेष 10 थानों में से सात के टेंडर हाे चुके हैं और जल्द निर्माण शुरू हाे जाएगा। तीन थानों में टेंडर की प्रोसेस जारी है। साथ ही थानों में आने वाले परिवादियों से कैसे पेश आना है, इसके लिए पहले बेच का प्रशिक्षण बुधवार से पुलिस लाइन में शुरू भी हाे चुका है। इसके लिए हर थाने से दाे यानी कुल 90 कांस्टेबल काे चुना गया है, जिन्हें कानूनी ज्ञान भी दिया जाएगा।

इसके बाद स्वागत कक्ष में किसी फरियादी के साथ गलत व्यवहार हुआ ताे विभागीय कार्रवाई भी हाे सकती है। बता दें कि मुख्यमंत्री अशाेक गहलोत ने बजट में विधायक फंड से हर थानों में स्वागत कक्ष बनाने की बात कही थी। प्रदेश के 890 थानों में यह काम शुरू हुआ।

कांस्टेबलों काे पुलिस लाइन में प्रशिक्षण में सिखाएंगे सुनने और सहानुभूति की कला

एसपी डाॅ. राजीव पचार ने बताया कि कांस्टेबलों काे पुलिस लाइन में पांच दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहली बेच 16 जून से शुरू हुई है जाे 20 जून तक चलेगी। हर दिन अलग-अलग पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षित दिया जाएगा।

इसमें सुनने और सहानुभूति की कला, अपराधों की प्रकृति, विभिन्न प्रकार की शिकायत और उन पर त्वरित कार्रवाई की तैयारी व जिम्मेदारी, शिकायतकर्ता के अधिकार और समस्याओं का निराकरण, नकारात्मक पुलिस संवाद के उदाहरण और उनके सुधरे विकल्प, महिला और बच्चों से व्यवहार, कानूनी प्रावधान और व्यवहार संबंधी अपेक्षाएं, वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगाें से व्यवहार आदि विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

गींगला, फलासिया व कानाेड़ थानों में अभी काम शुरू नहीं हुआ
तीन थानों गींगला, फलासिया और कानाेड़ में स्वागत कक्ष बनाने का काम अभी शुरू नहीं हुआ। फलासिया थाने के लिए हालही में 10 लाख रुपए विधायक फंड से जारी हुए हैं। गींगला थाने का नया भवन बनना है, जिससे देरी हाे रही है और कानाेड़ में विधायक फंड नहीं मिला।

पेयजल, टीवी, शौचालय की सुविधा भी मिलेगी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हर थाने में स्वागत कक्ष बनाने के लिए 7 से 10 लाख की लागत आई है। यह राशि विधायक मद या टीएडीए फंड से मिली है। कक्ष में परिवादियों काे बैठने के लिए उचित व्यवस्था, पेयजल, टीवी ​​​​​और शौचालय की सुविधा मिलेगी। जैसे ही परिवादी पहुंचेगा ताे पुलिसकर्मी नाम-पता पूछकर समस्या जानेंगे। फिर जिस अधिकारी के स्तर की समस्या हाेगी, वहां तक समस्या पहुंचाएंगे।

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