अधिकारियों की समीक्षा बैठक:बामनिया की समीक्षा, बाेले- टाइम पर फाेकस रखें, कन्या छात्रावास

उदयपुर2 महीने पहले
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उदयपुर. टीएडी की बैठक - Dainik Bhaskar
उदयपुर. टीएडी की बैठक
  • जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री अर्जुनसिंह बामनिया ने कमिश्नरेट सभागार में अफसरों काे दिए निर्देशजनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री अर्जुनसिंह बामनिया ने कमिश्नरेट सभागार में अफसरों काे दिए निर्देश

जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री अर्जुनसिंह बामनिया ने मंगलवार को कमिश्नरेट सभागार में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। मंत्री ने लंबित कामों को जल्द से जल्द पूरे कराने और सार्वजनिक निर्माण विभाग को छात्रावास, सामुदायिक भवन, खेल मैदान, सड़क भवन के निर्माणों को गुणवत्ता के साथ पूरे कराने के निर्देश दिए।

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव शिखर अग्रवाल ने कहा कि स्वीकृत राशि का पूरा उपयोग कर निर्माण सहित अन्य कामों को बेहतर तरीके से कराएं। राज्य कृषि विपणन बोर्ड को नवनिर्मित कन्या छात्रावास झोथरी में बिजली के अधूरे कार्य, पुलिस थानों में निर्मित होने वाले 25 परामर्श कक्ष संख्या, बेणेश्वर धाम के चारदीवारी निर्माण कार्य को अक्टूबर 2021 में शुरू कराने के निर्देश दिए।

राजस्थान सड़क विकास निगम को बेणेश्वरधाम में स्वीकृत 4 करोड़ के काम को नवंबर अंत तक पूरा कराने के निर्देश दिए। गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा में हॉस्टल निर्माण अक्टूबर तक पूरा कराने को कहा। टीएडी आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, सीसीएफ आरके सिंह, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के अतिरिक्त आयुक्त वीसी गर्ग, उदयपुर जिला परिषद सीईओ गोविंदसिंह राणावत, बांसवाड़ा सीईओ भवानीसिंह पालावत आदि मौजूद थे।

बामनिया ने उद्यान विभाग को जनजाति उपयोजना क्षेत्र के काश्तकारों के लिए फव्वारा सिंचाई के तहत मिनी स्प्रींकलर, पाइप लाइन और स्प्रिंकलर के प्रस्ताव देने को कहा। समग्र शिक्षा अभियान में 10 अक्टूबर तक प्रस्ताव तैयार करने को पाबंद किया। जल संसाधन के अधिकारियों से नहर, एनीकट, माइनर, एमएसटी आदि से जुड़े कामों की प्रगति पर समीक्षा कर जन राहत के कार्यों को प्राथमिकता प्रदान करने की बात कही। पीएचईडी को आवासीय विद्यालयों एवं जनजाति बस्तियों में सोलर पनघट, पनघट निर्माण, खुले कुओं के गहरीकरण के काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। जनजाति विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया।

समस्त जनजाति आश्रम छात्रावासों/आवासीय विद्यालयों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा के साथ अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। जनजाति खिलाड़ियों को उपयुक्त मंच प्रदान करने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने, कोच की नियुक्ति, प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ ही खेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।

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