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विप्र फाउंडेशन की ओर से शिविर:सिंधी पंचायत ने कराया 31 यूनिट रक्तदान, अब यूसीसीआई भी 1000 यूनिट कराएगी

उदयपुर6 दिन पहले
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पूज्य सिंधी पंचायत प्रतापनगर में लगा रक्तदान शिविर। - Dainik Bhaskar
पूज्य सिंधी पंचायत प्रतापनगर में लगा रक्तदान शिविर।
  • भास्कर सरोकार : टीके के 2 माह तक रक्तदान नहीं, इसलिए अभी करें

ब्लड बैंक काे रक्त संकट से उबरने के लिए भास्कर सराेकार के तहत अपील पर समाज-संगठन आगे आ चुके हैं। प्रतापनगर स्थित शिव मंदिर में पूज्य सिन्धी पंचायत प्रतापनगर ने शिविर लगाया। समें 31 यूनिट रक्तदान हुआ। उमेश मनवानी, विजय राजपाल, कमल कृपलानी, अशोक मंगवानी, दीपक रंगवानी आदि मौजूद रहे। इधर, चैम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज ने एक हजार यूनिट रक्तदान का लक्ष्य लिया है।

अध्यक्ष कोमल कोठारी ने बताया कि चैंबर ने इंडस्ट्रीज से रक्तदान करने की अपील की है। उद्यमियाें से कहा गया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियाें के लिए रक्तदान शिविर लगाएं। इसके तहत अगले कुछ दिनों में औद्याेगिक इकाइयां शिविर लगाएंगी। इसके लिए 10 से ज्यादा कंपनियों ने सहमति भी जता दी है। विप्र युवा प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र पालीवाल ने भी युवाओं से अपील की है कि वैक्सीनेशन से पहले रक्तदान जरूर करें। विप्र फाउंडेशन की ओर से 16 मई को रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। इधर, सिंधी समाज का वैक्सीनेशन कैंप बुधवार को सुबह 9 से 4 बजे तक समाज के सभी पंचायत भवनों में लगेगा।

मुकेश ने 11वीं बार डाेनेट किया प्लाज्मा : रक्तदाता युवा वाहिनी के अर्पित काेठारी ने बताया कि मंगलवार काे मुकेश शर्मा ने 11वीं बार प्लाज्मा दान किया। यह प्रदेश में अब तक किसी ने नहीं किया है। बता दें, इससे पहले 18 साल के युवक और 19 साल की युवती ने प्लाज्मा डाेनेट किया था। पिछले साल जून से अब तक 500 लाेग प्लाज्मा दान कर चुके हैं, जाे करीब 1000 मरीजों काे चढ़ाया जा चुका है।

शहर के प्रमुख तीन ब्लड बैंक आरएनटी मेडिकल काॅलेज, सरल और लोकमित्र बैंक के पास सिर्फ 3 से 4 दिन तक मरीजों काे सप्लाई देने जितना ब्लड बचा है। वजह यह है कि कोरोना कर्फ्यू और वैक्सीनेशन ने रक्तदान की रफ्तार थम गई है। इन बैंकों में ब्लड स्टोराेज क्षमता 3400 यूनिट है और स्थिति यह है कि अभी 402 यूनिट ही बचा है, जबकि राेज औसत 120 यूनिट मरीजों काे सप्लाई हाेता है। इस बीच इन बैंकों से इन दिनाें सिर्फ 30-40 यूनिट ही प्रतिदिन मिल रहा है। इसमें भी रिप्लेसमेंट यानी एक यूनिट लेने के बदले वाॅलंटीयर के रूप में मरीजों के परिजन रक्तदान के लिए कम आ रहे हैं।

ब्लड बैंक अधिकारियों ने बताया कि कर्फ्यू लगने के बाद से ब्लड की किल्लत बढ़ गई है। वैसे सामान्य दिनाें में हर माह समाज-संगठनाें की ओर से रक्तदान शिविराें का आयोजन करवाया जाता है। ऐसे में प्रत्येक माह में 10 से 12 शिविराें के जरिए औसत 1500 यूनिट ब्लड मिल जाता था, लेकिन अप्रैल में 300 से 400 यूनिट ही मिल पाया। जन अनुशासन पखवाड़े के चलते इस बार 3-4 कैंप ही लग पाए, फिर कर्फ्यू सख्त हाे गया। नतीजतन शिविराें और रक्तदान की रफ्तार गिर ही गई। ऐसे ही हालात बने रहे ताे ब्लड बैंकों में मरीजों के लिए ब्लड ही नहीं बचेगा।

बैंक यूनिट बची क्षमता खपत
आरएनटी 282 2000 70
सरल 80 800 20
लाेक मित्र 40 600 30

ब्लड बैंकों ने कहा-काेराेना प्राेटाेकाॅल के तहत करवाएंगे डाेनेट

सरल ब्लड बैंक के श्याम सिंघवी ने बताया कि ब्लड की काफी कमी आ गई है। इन दिनाें आवक से ज्यादा मांग बनी हुई है। ऐसे में युवाओं काे आगे आने की जरूरत है। जाे काेई ब्लड डाेनेट करना चाहता है, वह ब्लड बैंक आ सकता है। हम काेराेना प्राेटाेकाॅल के तहत व्यवस्था करवाएंगे। लाेक मित्र ब्लड बैंक डाॅ. महेन्द्र श्रीमाली ने बताया कि 10-10 के ग्रुप में आकर ब्लड डाेनेट कर सकते हैं। ताकि आने वाले दिनाें में संभावित रक्त संकट काे टाला जा सके।

आरएनटी : 282 में से ए और एबी के 14 यूनिट ही, डाेनर की जरूरत आरएनटी ब्लड बैंक डाॅ. संजय प्रकाश ने बताया कि मंगलवार सुबह तक 282 ब्लड यूनिट बचा था। इसमें भी ए पॉजिटिव के 4, एबी पॉजिटिव के 10, बी निगेटिव 1 और एबी निगेटिव की 2 की यूनिट ही है। शेष ओ और बी पॉजिटिव के पड़े हुए हैं। कैंप नहीं लगने से यह स्थिति बनी है, जिससे उबरने के लिए डाेनर की काफी जरूरत है। काेराेना प्राेटाेकाॅल के तहत ब्लड बैंक के कैंप हाेने चाहिए।

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