आखिरी दौर में मानसून के रंग:गुजरात में बना सिस्टम, लेकसिटी में 40 किमी रफ्तार से हवा, किस्तों में बरसा 4 मिमी पानी

उदयपुर2 महीने पहले
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  • दिन का पारा 3.2 डिग्री गिरकर 28.2 पर आया, रात से 3.2 डिग्री ज्यादा

विदाई से पहले मेवाड़ में मानसून अलग ही रंग दिखा रहा है। गुजरात में बने सिस्टम से बुधवार को लेकसिटी में सुबह 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। दिनभर टुकड़ों में फुहार गिरी। शाम 4 बजे करीब 10 मिनट में 4 मिमी पानी बरसा।

पारा औंधे मुंह आ गया। दिन और रात के तापमान में महज 3.2 डिग्री सेल्सियस का अंतर देखा गया। अधिकतम तापमान 28.2 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को यह क्रमश: 31.4 और 23.4 था। मानसून के आखिरी दौर की मेहरबानी एक-एक कर झील-तालाबों को लबालब और ओवर फ्लो कर रही है।

शहर की लाइफ लाइन फतहसागर (13 फीट) का जलस्तर बीते 24 घंटों में 3 इंच बढ़त के साथ 11.3 फीट हो गया, जबकि 21 फीट क्षमता वाले छोटा मदार तालाब में 20 फीट पानी आ चुका है। मदार बड़ा तालाब पहले ही ओवर फ्लो है, जिससे मदार नहर में डेढ़ फीट बहाव और फतहसागर में आवक बरकरार है।

अब छाेटा मदार के छलकने पर फतहसागर को डबल डोज मिलने की उम्मीद है। उधर, शहर से करीब 15 किमी दूरी 24 फीट भराव क्षमता वाली उदयसागर झील साढ़े 21 फीट भर चुकी है। इस बीच सुबह 8 से शाम 5 बजे तक स्वरूप सागर पर 4, उदयसागर 6, गाेगुंदा 2 और कोटड़ा में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई।

मौसम वैज्ञानिक प्रो. नरपत सिंह राठौड़ बताते हैं कि गुजरात में निम्न वायु दाब बनने के कारण दक्षिणी राजस्थान से तेज रफ्तार पवन गुजरात की ओर बहा। इससे मेवाड़-वागड़ में कहीं 40 तो कहीं 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। उदयपुर में भी तूफानी हवाओं का अहसास हुआ।

फतहसागर सवा 11 फीट पर, छोटा मदार छलकने से एक फीट दूर

लिंक नहराें में बहाव : जल संसाधन विभाग के अनुसार चिकलवास हैड पर 2.1, टेल पर 1.5, सीसारमा 2.6 और नांदेश्वर चैनल में 1 फीट बहाव बना हुआ है।

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