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  • The Claim Of Brahmin Leaders On All The Key Posts In Udaipur Is Strong, In Two Decades, The Chair Of UIT Chairman Has Been Vacant For 11 Years.

राजनीतिक नियुक्तियों के इंतजार में नेता:सरकार अपने दूसरे हाफ में मगर नेता प्रतिपक्ष, यूआईटी चेयरमैन, कांग्रेस शहर-देहात जिलाध्यक्ष पदों पर अबतक नियुक्ति नहीं

उदयपुरएक वर्ष पहले
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प्रतिकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतिकात्मक फोटो।

राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार बने लगभग पौने तीन साल हो गए हैं। इसके बावजूद उदयपुर में 4 अहम पदों सहित कई राजनीतिक पदों पर अबतक नियुक्ति नहीं हो पाई हैं। सरकार अपने दूसरे हाफ में चल रही है मगर सरकार बनते वक्त जिन्होंने राजनीतिक नियुक्ति के सपने देखे थे, उनके वे सपने पौने तीन साल बाद तक भी सच नहीं हो सके हैं। उदयपुर में यूआईटी चेयरमैन, शहर जिलाध्यक्ष, देहात जिलाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष सहित कई अहम पदों पर अब भी कांग्रेसी नेताओं को नियुक्ति का इंतजार है।

इनमें सबसे अहम यूआईटी चेयरमैन के पद की कहानी रोचक है। ये वो पद है जिसे सरकारें जैसे-तैसे भरती तो हैं, मगर इस पद पर किसी नेता को जिम्मेदारी देना उनके लिए खतरों से खेलने जैसा है। यही वजह है कि 21वीं शताब्दी के 21 वर्षों में उदयपुर की यूआईटी को आधे से ज्यादा समय बगैर स्थाई चेयरमैन के रहना पड़ा है। वर्तमान सरकार में लगभग पौने तीन साल से यूआईटी चेयरमैन की कुर्सी को स्थाई चेयरमैन का इंतजार है। पिछले 21 साल में तीन बार कांग्रेस और दो बार भाजपा की सरकार रही है, मगर यूआईटी चेयरमैन के पद पर नियुक्ति की नीति दोनों सरकारों की लगभग एक जैसी रही है। यही कारण है कि पिछले 21 साल में से लगभग 11 साल यह पद खाली रहा है। जबकि इन 21 वर्षों में सिर्फ 3 नेताओं को इस पद पर नियुक्ति किया गया है।

इसे लेकर पूर्व यूआईटी चेयरमैन और भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र श्रीमाली कहते हैं कि यह पद ऐसा है जिसपर नियुक्ति सरकारों के लिए बेहद चुनौतिपूर्ण काम होता है। आपसी गुटबाजी और विवाद के डर से सरकारें फूंक-फूंक कर कदम रखती है। मगर सरकारों को कठोर निर्णय लेकर इन पदों पर नियुक्ति करनी चाहिए। जनता के कामों को करवाने के लिए स्थाई चेयरमैन होना बेहद जरूरी है।

इस पद पर कांग्रेस के रूपकुमार खुराना लगभग 5 साल रह चुके हैं, जबकि भाजपा के शिवकिशोर सनाढ्य लगभग पौने तीन साल और रवींद्र श्रीमाली लगभग 2 साल चेयरमैन रहे हैं। इनको छोड़कर लगभग 11 वर्ष यह पद खाली रहा है। फिलहाल इस पद के दावेदारों की बात करें तो इसमें कई नाम शामिल हैं। इनमें गोपाल शर्मा, सुरेक्ष श्रीमाली, पंकज शर्मा, नीलिमा सुखाड़िया, दिनेश श्रीमाली, लालसिंह झाला, वीरेंद्र वैष्णव, महेंद्र शर्मा शामिल हैं।

कांग्रेसी पार्षद।
कांग्रेसी पार्षद।

नेता प्रतिपक्ष: उदयपुर में नगर निगम के चुनाव हुए भी पौने दो साल बीत चुके हैं। मगर सरकार और संगठन अबतक नेता प्रतिपक्ष का नाम तय नहीं कर पाया है। यूं तो इस पद के लिए आधा दर्जन पार्षद अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। मगर हितांशी शर्मा और लोकेश गौड़ वो नाम है जिनमें से किसी एक को नेता प्रतिपक्ष बनाया जा सकता है।

शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष: इसी तरह शहर जिलाध्यक्ष के पद के लिए पंकज शर्मा सबसे प्रबल दावेदार हैं। उन्हीं के साथ-साथ फतहसिंह राठौड़, दिनेश श्रीमाली, केके शर्मा और गोपाल शर्मा भी दावेदारी पेश कर रहे हैं।

देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष: इस पद के लिए लक्ष्मीनाराण पंड्या, पुष्करलाल डांगी, रामलाल गाडरी, कचरूलाल चैधरी, लालसिंह झाला मुख्य दावेदार हैं। मगर उदयपुर देहात से विधायक का चुनाव लड़ चुके विवेक कटारा और पूर्व मंत्री मांगीलाल गरासिया की दावेदारी भी इस पद के लिए सामने आ रही है। हालांकि देहात में 7 में से 5 सीटें एसटी वर्ग की होने के चलते यह मुश्किल माना जा रहा है कि किसी आदिवासी समुदाय के नेता को इस पद की कमान मिले।

ज्यादातर दावेदारों का रिपोर्ट कार्ड मजबूत नहीं

प्रमुख पदों के लिए ज्यादातर दावेदार वो हैं जिनका अबतक का रिपोर्ट कार्ड खासा प्रभावी नहीं है। यूआईटी चेयरमैन और शहर जिलाध्यक्ष की दावेदारी कर रहे दिनेश श्रीमाली 2013 में विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। वहीं यूआईटी चेयरमैन की दावेदार नीलिमा सुखाडिया नगर निगम 2009 महापौर का चुनाव हार चुकी हैं। इसी तरह शहर जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा और देहात जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला की अगुवाई में विधानसभा चुनाव और निकाय चुनावों में कांग्रेस को हार झेलनी पड़ी है।

अगले महीने हो सकती हैं नियुक्तियां: रघुवीर मीणा

कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और उदयपुर के पूर्व सांसद रघुवीर मीणा का कहना है कि उदयपुर में राजनीतिक नियुक्तियां अगले महीने होने की पूरी संभावना है। सरकार और संगठन के स्तर पर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। 21 अगस्त को राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के लौटने के बाद नियुक्तियां होने के काम में तेजी दिखेगी।

रिपोर्ट- निखिल शर्मा

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