संचालन समिति की बैठक में लिया निर्णय:बंद खदानों में कार्यरत कर्मचारियों को भी पदोन्नति देने समिति ने लिया फैसला

उदयपुर2 दिन पहले
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एसईसीएल के संचालन समिति की बैठक में फैसला लिया गया है कि 2022 मेन पावर बजट बनाते समय क्षेत्रीय स्तर पर ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों, क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक व आईईडी डिपार्टमेंट व कार्मिक विभाग एसईसीएल का एक प्रतिनिधि मंडल 31 मई तक अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा किया जाएगा।

इसके बाद निर्णय लेकर उसे कंपनी में पेश किया जाएगा। कंपनी लेवल में संपूर्ण बजट को फाइनल किया जाएगा। ताकि ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिल सके। माइनिंग सरदार से ओवरमैन की पदोन्नति में काफी समय लग जाता है। अब कलर स्कीम के हिसाब से उनका पदोन्नत किया जाएगा।

मुख्यालय से नया मेन पावर बजट जारी होने के पहले पिछले साल के खाली पदों को पुराने बजट के आधार पर पदोन्नत कर भरा जाएगा। बंद खदानों में कार्यरत कर्मचारियों को भी पदोन्नति मिले, मेन पावर बजट में यह प्रावधान रखा जाएगा। कर्मचारियों के अनुपस्थिति के मद्दे पर यह फैसला लिया गया कि कोई भी कर्मचारी जितने दिन भी नागा करके ड्यूटी ज्वाइन करने आता है, तो तत्काल उस कर्मचारी की ड्यूटी प्रारंभ की जाएगी। बाद में जांच होगी और गुण और दोष के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

नर्सिंग स्कूल खोलने की तैयारी में एसईसीएल
नर्सों की कमी को देखते हुए एसईसीएल अपना स्वयं का नर्सिंग स्कूल खोलेगी। तब तक नर्सों कमी को पूरा करने के लिए नर्स की भर्ती बाहर से किया जाएगा, जिन क्षेत्रों के कर्मचारी कॉलोनियों में या खदानों में पीने के पानी की कमी है।

तत्काल पानी की कमी को दूर किया जाएगा। कर्मचारियों से ओवरटाइम करा कर पैसा के लिए हेड क्वार्टर भेजने की प्रथा को समाप्त किया जाएगा। क्षेत्रीय स्तर पर ही इसका मूल्यांकन कर ओटी का भुगतान किया जाएगा। कंपनी में बर्खास्त सभी पूर्व कर्मचारियों की सूची बनाकर गुण और दोष के आधार पर परीक्षण किया जाएगा। उपयोगी पाए जाने पर फिर रोजगार में रखा जाएगा।

सीएमपीएफ, ग्रेच्युटी का चेक पहले की तरह मुहैया कराएगा
कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही सीएमपीएफ, ग्रेच्युटी का चेक पहले की तरह मुहैया कराया जाएगा। यह व्यवस्था 31 मई से एसईसीएल के हर क्षेत्र में शुरू किया जाएगा। एसईसीएल में चार-चार क्षेत्रों का समन्वय सम्मेलन किया जाएगा, जिसमें विस्तार से उत्पादन व ज्वलंत सवालों पर चर्चा की जाएगी।

ऐसे कर्मचारी जिन्हें सीएमपीएफ और ग्रेच्युटी की राशि नहीं मिला है या कोई पात्र आश्रित जिसका प्रकरण किसी कारणवश कंपनी तक नहीं पहुंचा है। उसे भी कंपनी जांच कराकर रोजगार मुहैया कराएगी।

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