• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • The Family Took Back The Declaration Of Self immolation, The Son Said Russian Government Sent The Father's Body To India For Last Rites

खेरवाड़ा के युवक की रूस में मौत का मामला:परिजनों ने वापस ली आत्मदाह की घोषणा, बेटे ने कहा- पिता के शव को अंतिम संस्कार के लिए भारत भेजे रूसी सरकार

खेरवाड़ा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • हितेंद्र के बेटे ने विदेश मंत्रालय के बाहर दर्ज करवाया विरोध, पुलिस ने संसद मार्ग थाने में की वार्ता

पिछले साढ़े चार माह से अधिक समय से रूस में मृत खेरवाड़ा के गोड़वा निवासी हितेंद्र गरासिया के शव को अंतिम संस्कार के लिए भारत लाने के मामले में परिजनों के विरोध की घोषणा के बाद सोमवार को भी दिल्ली पुलिस अलर्ट पर रही। रशियन सरकार की ओर से रूसी दूतावास के हितेंद्र गरासिया की मृत्यु पर शोक जताने और सहयोग का भरोसा दिलाने के बाद परिजनों ने आत्मदाह की घोषणा तो वापस ले ली, लेकिन रूसी राष्ट्रपति से शव को भारत लाने की मांग करते हुए बेटे पीयूष गरासिया ने नई दिल्ली साउथ ब्लॉक स्थित विदेश मंत्रालय के बाहर विरोध दर्ज करवाया।

इस मामले में संसद मार्ग थाना क्षेत्र में सोमवार को दिनभर गहमागहमी बनी रही। सोमवार शाम दिल्ली पुलिस ने हितेंद्र गरासिया के शव को भारत लाने की मुहिम चला रहे कांग्रेस के प्रवासी सहायता प्रभारी चर्मेश शर्मा के साथ पीयूष को वार्ता के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद संसद मार्ग थानाधिकारी अजयराज शर्मा के साथ इनकी देर वार्ता हुई। इस दौरान हारून खान भी मौजूद रहे।

राष्ट्रपति व पीएम से भारतीय राजदूत के विरुद्ध कार्रवाई की मांग

सोमवार को कांग्रेस के प्रवासी सहायता प्रभारी चर्मेश शर्मा ने इस मामले में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व प्रधानमंत्री कार्यालय जाकर पीएम नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन दिया और अनुसूचित जनजाति के आदिवासी गरीब भारतीय नागरिक हितेंद्र गरासिया के शव को भारत भेजने के मामले में भारतीय दूतावास की गम्भीर लापरवाही पर भारतीय राजदूत डीबी वेंकटेश वर्मा व दूतावास के गैरजिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापनों में कहा गया है कि इस मामले में भारतीय दूतावास की भूमिका गैर जिम्मेदाराना रही है। एक भारतीय नागरिक के आर्टिकल 21 व 25 के तहत दिए गए धार्मिक स्वतंत्रता व प्राणिक दैहिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया है। शर्मा के साथ हितेंद्र के पुत्र पीयूष ने भी राष्ट्रपति भवन, पीएमओ व विदेश मंत्री कार्यालय जाकर पिता के शव को शीघ्र भारत लाने की मांग रखी और ज्ञापन दिया।

राष्ट्रपति पुतिन के नाम बैनर के साथ प्रदर्शन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान हितेंद्र गरासिया के पुत्र पीयूष ने सोमवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के बाहर रूस के राष्ट्रपति के नाम बैनर लहराते हुए प्रदर्शन किया और अपने पिता का शव दाह संस्कार के लिए भारत भेजने की मांग की। बैनर पर अंग्रेजी में लिखा हुआ था कि राष्ट्रपति पुतिन अंतरराष्ट्रीय कानूनों व मानवाधिकारों की पालना सुनिश्चित करें और मेरे पिता का शव, जो रूस में है उसे मातृभूमि भारत भेजें।

पुलिस ने मंत्रालय भेजी रिपोर्ट

वार्ता के दौरान संसद मार्ग थाना अधिकारी अजयराज शर्मा ने कहा कि जंतर-मंतर पर धरने के बाद जब से रूस में हितेंद्र गरासिया के शव का मामला सामने आया है तभी से कानून व्यवस्था के साथ मानवता की दृष्टि से भी दिल्ली पुलिस के उच्च स्तरीय अधिकारी भी इस मामले का जल्द से जल्द समाधान चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने भी इस मामले में विदेश मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट भेजी है।

खबरें और भी हैं...