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5 साल की बच्ची पर तेंदुए ने किया हमला:आंगन से मुंह में दबाकर ले जाने लगा, तभी माता-पिता ने तेंदुए से लड़कर बचाई बेटी की जान

उदयपुर9 दिन पहले
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5 साल की हसीना का उदयपुर के एमबी अस्पताल में जारी है उपचार। - Dainik Bhaskar
5 साल की हसीना का उदयपुर के एमबी अस्पताल में जारी है उपचार।

48 घंटे बाद एक बार फिर उदयपुर के जावर माइंस थाना क्षेत्र के नेला तलाई इलाके में तेंदुए ने 5 साल की मासूम बच्ची पर हमला कर दिया। इसके बाद तेंदुआ घर के आंगन से बच्ची को मुंह में उठा जंगलों की ओर ले जाने लगा। तभी बच्ची की चीख-पुकार सुन परिजन तेंदुए के पीछे भागे। इसके बाद लगभग 500 मीटर दूर बच्ची के मां-बाप ने तेंदुए के मुंह से अपनी बच्ची को छुड़ाया।

अपनी 5 वर्षीय मासूम बेटी के साथ खून में लथपथ पिता।
अपनी 5 वर्षीय मासूम बेटी के साथ खून में लथपथ पिता।

ग्रामीणों को देख भागा तेंदुआ
पीड़ित बच्ची के चाचा मनीष ने बताया कि शाम के वक्त घर के नजदीक ही परिजन काम कर रहे थे। इसी दौरान बच्चे दौड़ कर अपने मां की ओर जा रही थी। तभी तेंदुए ने बच्ची पर हमला कर दिया और उसे उठाकर जंगलों की ओर ले जाने लगा। तभी मेरे बड़े भाई और भाभी ने तेंदुए के पीछे भाग बमुश्किल मेरी भतीजी को उसके मुंह से बाहर निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए। जिसके बाद तेंदुआ जंगलों की ओर भाग गया है।

पीठ- हाथ और चेहरे पर गहरे घाव

तेंदुए के हमले में मासूम के गले में गहरा घाव हो गया। पीठ, हाथ और चेहरे सहित कई जगह घाव के निशान मिले। गनीमत रही कि मासूम तेंदुए का शिकार होने से बच गई, हालांकि हालत गंभीर बताई जा रही है। लगातार तेंदुए के बढ़ रहे हमले को लेकर डर के मारे रात भर ग्रामीण सो नहीं पाए।

5 साल मासूम की गर्दन में आई गंभीर चोट।
5 साल मासूम की गर्दन में आई गंभीर चोट।

MB अस्पताल में बच्ची का उपचार जारी
तेंदुए के हमले के बाद घायल 5 वर्षीय हसीना के गर्दन में गंभीर चोट आई थी। इसके बाद हसीना के परिजन उसे घायल अवस्था में जावर माइंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। जहां से डॉक्टर्स की टीम ने बच्ची की स्थिति देख उसे उदयपुर के एमबी अस्पताल रेफर कर दिया है। जहां डॉक्टर्स की देखरेख में घायल बच्ची का उपचार जारी है। डॉक्टर्स ने बताया कि पैंथर ने हसीना की गर्दन को अपने जबड़े में फंसा लिया था, जिसकी वजह से उसकी गर्दन में गंभीर चोट आने के साथ ही काफी खून बह गया था। फिलहाल स्थिति काबू में है।

तेंदुए को भगाने के लिए लाठी भाड़ा लेकर तैयार ग्रामीण।
तेंदुए को भगाने के लिए लाठी भाड़ा लेकर तैयार ग्रामीण।

गांव में दहशत का माहौल
दिनों दिन बढ़ते तेंदुए के हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। 48 घंटों में तेंदुए द्वारा किए गए दो जानलेवा हमलों के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिसके बाद आनन-फानन में वन विभाग की टीम ने गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए। लेकिन अब तक तेंदुआ वन विभाग की पकड़ में नहीं आ पाया है। जिसकी वजह से ग्रामीण अब सामूहिक रूप से गश्त कर तेंदुए को गांव में घुसने से रोकने के प्रयास में जुटे हैं।

तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में लगाए पिंजरे।
तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में लगाए पिंजरे।

बुधवार को अधेड़ महिला का तेंदुए ने किया था शिकार
इससे पहले बुधवार को तेंदुआ उदयपुर के जावर माइंस थाना क्षेत्र के सिंघटवाड़ा गांव में एक अधेड़ उम्र की महिला को उठा गुफा में ले गया। जिसमें महिला की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, उदयपुर की टाइगर हिल्स में तेंदुए के जोड़े ने कुत्ते को अपना शिकार बनाया। जिसके बाद उदयपुर के लोगों के मन में तेंदुओं का खौफ बढ़ गया है।

विभाग ने जंगल में पिंजरे और ट्रैप कैमरे लगाए
शनिवार सुबह ग्रामीणों ने वाटर हॉल के पास तेंदुए को पानी पीते देखा। तेंदुए की मूवमेंट को लेकर वन विभाग की टीम ने भी तेंदुए को पकड़ने के लिए अधिकारियों के निर्देश पर उदयपुर से रेस्क्यू और शूटर को बुलाया लेकिन तेंदुआ नजर नहीं आया। देर शाम तक ग्रामीणों की मदद से पूरा स्टाफ तेंदुए की निगरानी में लगा रहा।

अधिकारियों के अनुसार पगमार्क और मूवमेंट से तेंदुए के जंगल में ही छिपे होने की बात सामने आई है। बता दें कि 3 दिन पहले बुधवार दोपहर को रेलवे ट्रैक के पास खून से सने कपड़े और चप्पल दिखाई दिए, जहां जगह-जगह पड़े खून के आधार पर पहाड़ी के ऊपर जंगल की गुफा से पुलिस ने तेंदुए द्वारा शिकार हुई महिला का शव बरामद किया था।

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