चारभुजा:गांवों में प्रवासियों के आने का क्रम जारी, बेपरवाह होकर बाजारों में घूमने से संक्रमण का बढ़ रहा खतरा

उदयपुरएक वर्ष पहले
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  • चारभुजा तहसील क्षेत्र में हालात, सर्दी-जुकाम का झोलाछाप से करवा रहे इलाज

तहसील क्षेत्र में इन दिनों कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के साथ ही प्रवासियों के आने का कम निरन्तर जारी है। वहीं क्षेत्र के गांवों में रह रहे लोगों के भी संक्रमित होने का खतरा दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। अनलॉक-2 प्रारम्भ होने के साथ जारी गाइड लाइन में अब लोगों को कहने वाला कोई नहीं है, अपनी सुरक्षा अपने हाथ में है।

पहले बाहर से आने वाले प्रवासियों पर शिक्षक पैनी नजर रखे हुए थे। जैसे ही प्रवासी आया तुरन्त उसे स्वास्थ्य केन्द्र पर चेकअप करवाने के बाद ही घर पर क्वारैंटाइन या स्कूल में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटरों पर 14 दिन रखने के आदेश थे।

मगर अब शिक्षकों को हटा देने से अब आने वाले प्रवासियों की निगरानी करने वाला काई नहीं है। वहीं  प्रवासियों के गांव आकर बाजारों में घूम रहे हैं। आमजन से मिलने-जुल रहे हैं। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। इसको लेकर ग्रामीण बार-बार शिकायत स्वास्थ्य केन्द्रों पर करते हैं, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई लोग जिम्मेदार होते हुए भी क्वारैंटाइन न रहकर बाजारों में घूम रहे हैं। उनको सर्दी -जुकाम होने पर भी वह सरकारी अस्पतालों में न जाकर झोला छापों के पास इलाज करवा रहे हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से इस तरह से आ रहे प्रवासियों को पहले जांच के बाद ही जिम्मेदारी के साथ होम क्वारैंटाइन करने को लेकर पाबंद करने की मांग की है ताकि क्षेत्र में संक्रमण न फैले।

खुद की सुरक्षा खुद को ही करनी होगी : इस सम्बन्ध में चारभुजा तहसीलदार पर्वत सिंह राठौड़ ने बताया कि सरकार के नियम के अकॉर्डिंग खुद की सुरक्षा खुद को ही करनी होगी। आमजन में सतर्कता ही बड़ी जिम्मेदारी है। अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, खुद सुरक्षित रह कर दूसरों को भी सुरक्षित रहने दें।

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