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मौसम:वही हुआ, जिसका अंदेशा भास्कर ने जताया था, आनन-फानन में दाे-दाे इंच खाेलने पड़े मानसी वाकल के गेट

उदयपुरएक महीने पहले
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  • बांध में 581.20 मीटर क्षमता से आठ सेमी ऊपर हाे गया था पानी, अब तेज बारिश हुई ताे गुजरात ही जाएगा पानी

झाड़ोल क्षेत्र का मानसी वाकल बांध लबालब हाे गया है। पूर्ण भराव स्तर 581.20 मीटर के मुकाबले इसमें मंगलवार को आठ सेंटीमीटर ज्यादा भर गया। आनन-फानन में इसके तीन में से दो पौन घंटे तक दो-दो इंच खोलकर निकासी करनी पड़ी। अब यदि कैचमेंट में आधा घंटे भी तेज बारिश हुई ताे गेट ज्यादा समय के लिए और ज्यादा खाेलने पड़ सकते हैं। तब पानी रफ्तार से गुजरात ही जाएगा। यह अंदेशा दैनिक भास्कर ने पहले ही जता दिया था।

आकोदड़ा औ र मादड़ी बांध की आवक से मानसी वाकल बांध लबालब हाे गया। इसका गेज पूर्ण भराव स्तर से ऊपर हाेते ही जलदाय विभाग के कार्यकारी एक्सईएन ललित जोशी, एईएन महेश पालीवाल और राहुल जोशी पहुंचे। दाेपहर एक बजे दाे गेट दाे-दाे इंच खाेले। पाैन घंटे निकासी और बांध का जलस्तर 581.20 मीटर हाेते ही गेट फिर बंद किए।

गेट सिस्टम ऑपरेट कर रही कंपनी के इंजीनियर काे अलर्ट किया है कि बांध का गेज पूर्ण भराव स्तर से ऊपर होते ही विभाग की जानकारी में लाने के बाद गेट खाेलकर निकासी कर दी जाए। इधर उदयसागर से आवक बनी रहने से वल्लभनगर बांध का जलस्तर 19.5 फीट के मुकाबले 18 फीट 1 इंच हाे गया है। पीछाेला में सीसारमा नदी से आवक बनी रहने से

एक गेट एक फीट ही खाेला गया है। इस पर चादर चल रही है। मदार नहर में प्रवाह काे देखते हुए फतहसागर के भी चाराें गेट खुले रखे गए हैं। उधर, साढ़े 27 फीट क्षमता वाली जयसमंद झील में एक ही रात में 4 सेंटीमीटर पानी और आने से अब यह 6 सेंटीमीटर और खाली है।

जिले के दो बड़े बांध खाली, मानसी वाकल भरता रहा विभाग
जल संसाधन अधिकारी मानसून सीजन में आकाेदड़ा और मादड़ी बांध काे ओवरफ्लाे करवाकर मानसी वाकल बांध भरते रहे। भास्कर ने बताया था कि इसमें वैसे ही इतना पानी है कि एक-दो तेज बारिश से लबालब हो जाएगा। यह भी सुझाया था कि आकोदड़ा और मादड़ी के पानी से पहले वल्लभनगर और मावली के बड़गांव बांध को भरने की जरूरत है। हालांकि वल्लभनगर बांध अभी भरने को है, लेकिन 25 फीट पूर्ण भराव स्तर वाला बड़गांव बांध पाैने 11 फीट खाली है। विभाग

ने पानी उदयपुर लाने के लिए अाकाेदड़ा अाैर मादड़ी बांध के गेट बहुत देर से खाेले, वाे भी नाम मात्र के। नतीजतन बड़गांव बांध तक तक यह पानी नहीं पहुंच पाया है। बता दें कि आकोदड़ा और मादड़ी बांध जिले के तालाबों को भरा रखने के मकसद से बने थे। शहर की झीलें पिछले पखवाड़े लबालब होने के बाद आकोदड़ा-मादड़ी का पानी पहले वल्लभनगर-बड़गांव बांध लाने की जरूरत थी।

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