पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

वैक्सीनेशन टीम को बुजुर्ग महिला ने लट्‌ठ लेकर दौड़ाया:जानबचाकर भागे कर्मचारी, ग्रामीणों ने भी धमकाया; टीका लगाने वालों से महिला बोली- मुझे मारना चाहते हो तुम लोग

उदयपुर2 महीने पहले
टीका लगाने पहुंचे कर्मचारियों को लट्ठ लेकर भगाती खमानी बाई।

राजस्थान में कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए सरकार टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने की कोशिश में जुटी हुई है। वहीं, दूसरी और ग्रामीण इलाकों में टीके को लेकर फैली अफवाह के बाद अब ग्रामीण टीका लगवाने से कतराने लगे हैं। ऐसा ही मामला उदयपुर के गोगुंदा कि सायरा पंचायत में सामने आया है। जहां टीका लगाने पहुंची सरकारी टीम पर एक वृद्ध महिला डंडा लेकर पीछे दौड़ पड़ी। इसके बाद कर्मचारियों को बमुश्किल अपनी जान बचा वहां से निकलना पड़ा।

नाराज खमानी बाई ने गुस्से में उठाया लट्‌ठ।
नाराज खमानी बाई ने गुस्से में उठाया लट्‌ठ।

पहले बोला झूठ, बाद में लट्ठ लेकर दौड़ी पीछे
ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण अभियान की कमान संभालने वाले पंचायत सहायक कालू ने बताया कि ब्राह्मणों की भागल क्षेत्र में घर-घर से लोगों को टीकाकरण के लिए बुलाया जा रहा था। इस दौरान हमारी टीम गांव की एक बुजुर्ग खमानी बाई के घर पहुंची। जहां उन्हें टीका लगाने के लिए कहा गया। इस पर पहले तो खमानी बाई ने झूठ बोल कहा कि उन्हें पहले ही टीका लग चुका है। जब सरकारी रिकॉर्ड में उनका नाम सामने नहीं आया। तब हमने उनसे फिर से अपील की। इस पर उन्होंने सच बोलते हुए कहा की मुझे टीका नहीं लगवाना। इस टीके से जान का खतरा है।

इसके बाद हमारी टीम ने उन्हें टीकाकरण के लाभ बताएं और टीका लगवाने की फिर से अपील की। खमानी बाई नहीं मानी। बल्कि नाराज होकर हमें भला बुरा कह हमें वहां से भगाने लगी। इसके बाद भी जब हमारी टीम ने उनसे टीका लगवाने के लिए विनती की तो खमानी बाई लट्ठ लेकर हमें मारने के लिए दौड़ पड़ी। इसके बाद हमारी टीम फिर से लौट आई।

जान जोखिम में डाल ग्रामीणों को कर रहे जागरूक
ग्रामीण अंचल में टीकाकरण कर रहे लोकेश ने बताया कि यह हालात से खमानी बाई के नहीं। बल्कि ग्रामीण अंचल के सैकड़ों घरों के हैं। जहां टीकाकरण के लिए आग्रह करने पहुंची सरकारी टीम को ग्रामीणों द्वारा डरा धमका कर भगा दिया जाता है। वहीं कुछ जगह कर्मचारियों के साथ अभद्रता भी की गई। बावजूद इसके कर्मचारी जनता की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल अब भी घर-घर लोगों को जागरूक करने में जुटे हुए हैं।

सरकारी कर्मचारियों के आग्रह के बाद गुस्से में खमानी बाई ने बंद किया घर का दरवाजा।
सरकारी कर्मचारियों के आग्रह के बाद गुस्से में खमानी बाई ने बंद किया घर का दरवाजा।

उदयपुर में 45% तक ही टीकाकरण
कोरोना महामारी की दूसरी लहर से पहले उदयपुर में टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई थी। लेकिन लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी अब तक सिर्फ उदयपुर जिले की 45% आबादी को ही टीका लग पाया है। जिसका प्रमुख कारण ग्रामीण अंचल में टीकाकरण की धीमी रफ्तार है। जिले के कोटडा में जहां सिर्फ 6% लोगों को टीका लगा है वहीं गोगुंदा में अब तक 29% ग्रामीण ही टीकाकरण का लाभ ले पाए हैं। ऐसे में अब देखना होगा शासन-प्रशासन टीकाकरण की धीमी रफ्तार को बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाता है।

अफवाहों की वजह से टीकाकरण अभियान नहीं हो पा रहा सफल
उदयपुर जिला परिषद सीईओ डॉ मंजू ने बताया कि ग्रामीण अंचल में टीकाकरण को लेकर काफी अफवाहें फैल गई है। जिनकी वजह से ग्रामीण टीका नहीं लगवा रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवी संगठनों के साथ मिल अब गांव-ढाणी टीकाकरण जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। ताकि कोरोना की तीसरी लहर से पहले 45 प्लस आयु के लोगों के टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा कर लिया जाए।

खबरें और भी हैं...