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उपचुनाव में कांग्रेस की प्रबल दावेदार प्रीति शक्तावत का इंटरव्यू:जेठ के बगावती तेवर पर बोलीं- ये राजनीति है, यहां पाग नहीं बंधती, जो बड़े बेटे को बांध दी जाए

उदयपुर2 महीने पहलेलेखक: निखिल शर्मा

राजस्थान में वल्लभनगर और धरियावद दो सीटों पर उपचुनाव की तारीख घोषित होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सबसे ज्यादा चर्चा में वल्लभनगर है, जो पूर्व विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत के निधन के बाद खाली हुई थी। यहां कांग्रेस में टिकट के लिए परिवार में लड़ाई है।

गजेंद्र सिंह के बड़े भाई देवेंद्र शक्तावत टिकट को लेकर दावेदारी के साथ-साथ बगावती तेवर भी दिखा चुके हैं। उन्होंने दिवंगत गजेंद्र सिंह शक्तावत और उनकी पत्नी प्रीति शक्तावत पर कई आरोप भी लगाए हैं। इसे लेकर जब भास्कर ने वल्लभनगर सीट से कांग्रेस की प्रबल दावेदार प्रीति शक्तावत से बातचीत की तो उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताया। प्रीति ने कहा कि आरोपों की जांच करवा लीजिए, अगर मैं दोषी पाई जाती हूं तो मुझ पर कार्रवाई हो।

वल्लभनगर उपनचुनाव को लेकर प्रीति ने भास्कर के हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 2006 में पूर्व गृहमंत्री गुलाब सिंह शक्तावत के देहांत के बाद देवेंद्र शक्तावत बड़े थे, मगर कांग्रेस संगठन ने छोटे भाई गजेंद्र शक्तावत को चुना था। ये राजनीति है, इसमें बड़े-छोटे की बात नहीं आती, यहां जो मेहनत करेगा, जनता के बीच में जाएगा, जनता के दुख-सुख में खड़ा होगा ओर उनके साथ रहेगा, उसे ही जनता चुनती है और विधायक बनाती है। ये राजनीति है, यहां पाग नहीं बंधती है,जो बड़े पुत्र को बांध दी जाए। जनता का और क्षेत्र का विकास कराना पड़ता है। पढ़ें प्रीति शक्तावत का पूरा इंटरव्यू

भास्कर : चुनाव को लेकर आपकी क्या तैयारियां हैं?

प्रीति : कांग्रेस का वोट बैंक बढ़ाना है, कांग्रेस को जिताना है। बूथ स्तर पर जा रहे हैं, कार्यकर्ताओं से मिलकर, उनकी समस्या का समाधान करा रहे हैं।

भास्कर : आप इस बात को लेकर निश्चिंत हैं कि टिकट आपको ही मिलेगा?

प्रीति : मेरी कोई राजनीतिक महत्वकांक्षा नहीं हैं, मैंने कभी टिकट की मांग नहीं की है। शक्तावत जी (दिवंगत गजेन्द्रा सिंह) ने वल्लभनगर विधानसभा परिवार को कई वादे किए। ऐसे में मेरा दायित्व बनता है जब तक मुख्यमंत्री या आलाकमान दिल्ली से विधायक के लिए किसी को सिंबल नहीं दे देते, तब तक उनके अधूरे कामों को सरकार से पूरे करवाऊं और वही करवा रही हूं।

भास्कर : आपका राजनीतिक अनुभव तो ज्यादा नहीं, फिर आपको नहीं लगता किसी ज्यादा अनुभवी को टिकट मिले तो कांग्रेस के लिए बेहतर होगा?

प्रीति : आलाकमान जिसे उपयुक्त समझे उसे टिकट दे। मैं तो हमेशा चाहती हूं कि मेरे विधानसभा क्षेत्र का विकास हो, मेरे क्षेत्र का नाम गुलाब सिंह शक्तावत के नाम से जुड़ा हुआ है।

दिवंगत विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत।
दिवंगत विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत।

भास्कर : रणधीर सिंह भींडर ने कहा कि उन्होंने आपको काम करते हुए देखा नहीं है, चुनाव से पहले तो कोई भी वादे कर लेता है?

प्रीति : वो बड़े भाई जैसे हैं, हम पारिवारिक रूप से बंधे हुए हैं। जहां तक राजनीति और विकास की बात है, उनके समय में कितना काम हुआ ये आप इतिहास के पन्ने पलट कर देख लीजिए।

भास्कर : भींडर ने आरोप लगाया था कि दो साल में कोई काम नहीं हुआ, खुद गजेंद्र सिंह को पायलट के साथ दिल्ली जाना पड़ा?

प्रीति : वो कांग्रेस का आंतरिक मामला था, हर जगह कुछ न कुछ होता है। हमारे समय में विकास हो रहा है, हुआ था और होता रहेगा। भींडर के कार्यकाल में कितना काम हुआ इस पर बात होनी चाहिए।

भास्कर : क्या आपको नहीं लगता कि आपके प्रति सहानुभूति ही आपके टिकट के दौड़ में होने की एकमात्र वजह है?

प्रीति : मैं कोई उम्मीद नहीं कर रही किसी से। मैं सिर्फ दायित्व पूरा करने की कोशिश कर रही हूं। आलाकमान जिसे उचित समझें टिकट दें।

भास्कर : आपके जेठ ने खुलेआम दावेदारी जता दी है, वो खुद को बड़ा दावेदार मानते हैं, आप क्या कहती हैं?

प्रीति : हो सकता है वो दावेदार हों। पिछले 15 वर्षों से वो भी टिकट के लिए दिल्ली-जयपुर जा रहे थे, मगर कांग्रेस संगठन ने गजेंद्र शक्तावत पर विश्वास जताया था। आज वो नहीं हैं तो हो सकता है उन्हें टिकट मिल जाए।

भास्कर : आपके जेठ ने गजेंद्र सिंह और आप पर पैसे के लेन-देन सहित कई संगीन आरोप लगाए, आप क्या कहेंगी?

प्रीति : उदयपुर में 8 में से सिर्फ दो सीट कांग्रेस की आई थी। इससे अंदाजा लगा लीजिए वल्लभनगर की जनता ने शक्तावत जी को क्यों चुना था। इस बात का यही जवाब है।

भास्कर : क्या आपको नहीं लगता कि देवेंद्र शक्ताव बड़े हैं तो आपको पीछे हट जाना चाहिए, उन्हें टिकट लेने देना चाहिए?

प्रीति : ये राजनीति है, इसमें बड़े-छोटे की बात नहीं आती, यहां जो मेहनत करेगा, जनता के बीच में जाएगा, जनता के दुख-सुख में खड़ा होगा और जनता के साथ रहेगा उसे ही जनता चुनती है। विधायक बनाती है। ये राजनीति है, यहां पाग नहीं बंधती है, जो बड़े पुत्र को बांध दी जाए।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रीति शक्तावत।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रीति शक्तावत।

भास्कर : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कैसा नेता मानती हैं?

प्रीति : वो बेहद सुलझे हुए, बेहद समझदार, अनुभवी, सोच-समझकर फैसला लेते हैं। राजनीतिक गुरू हैं वो मेरे। मैंने उनसे काफी अच्छाइयां सीखी हैं।

भास्कर : सचिन पायलट को कैसा नेता मानती हैं?

प्रीति : वो भी बेहद अच्छे नेता हैं।

भास्कर : गजेंद्र शक्तावत अशोक गहलोत के खिलाफ पायलट के समर्थन में दिल्ली गए थे, लेकिन आप आए दिन गहलोत की तारीफ करती हैं?

प्रीति : गजेंद्र शक्तावत के लिए तीनों बड़े नेता एक जैसे थे। परिवार में समस्याएं हो जाती हैं। कुछ बच्चे मां तो कुछ पिता का पक्ष ले लेते हैं। ये कुछ ऐसा ही था।

भास्कर : गजेंद्र जी की मृत्यु के बाद आपकी सचिन पायलट से कितनी बार बात हुई?

प्रीति : निधन के बाद हुई थी, उसके बाद उनसे मिलना नहीं हुआ।

भास्कर : आपको नहीं लगता कि आपकी अशोक गहलोत से नजदीकियों के चलते वल्लभनगर में जो लोग CM के खिलाफ जाने के गजेंद्र शक्तावत के निर्णय के समर्थन में थे उन्हें बुरा लगेगा?

प्रीति : वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र एक सुलझा हुआ परिवार है। उन्हें भी पता है कि आज राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हैं, तो जो काम होंगे वो मुख्यमंत्री के द्वारा ही हाेंगे। वल्लभनगर में अभी कोई विधायक ही नहीं है। हमारे विधायक मुख्यमंत्री ही हैं, हम हमारे कामों की अनुशंसा उनके पास लेकर जाते हैं, इसमें क्या अनुचित है।

भास्कर : नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के महाराणा प्रताप को लेकर दिए बयान पर आप क्या कहेंगी?

प्रीति : महाराणा प्रताप की मूर्ति पैरों में रखी गई थी, गलत शब्दों का प्रयोग किया गया था। वे हमारे महाराणा हैं, हम उन्हें देवता की तरह पूजते हैं। यह गलत था।

भास्कर : मंत्रीमंडल विस्तार में मेवाड़ से किसे मंत्री बनना चाहिए?

प्रीति : दयाराम परमार को जगह मिलनी चाहिए।

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