पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

सिख समाज की जागरूकता:महामारी को हराने के लिए सिख समाज के नए पांच ककार, इसी कारण गुरुद्वारों में नहीं घुस पाया कोरोना

उदयपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कोरोना को दस्तक दिए हुए करीब सात माह हो गए हैं। लेकिन सिख समाज की जागरूकता और नियमों के कड़े पालन के कारण गुरुद्वारों में अब तक यह महामारी दस्तक नहीं दे पाई है। सिख समाज के पंज प्यारों ने कंघा, केश, कछहरा, कड़ा, कृपाण जैसे 5 ककार अपनाए थे।

इस बीमारी से निपटने के लिए अब समाज ने कंट्रोल, केयर और कोशिश जैसे पांच नए ककार अपनाए। सिख कॉलोनी स्थित प्रमुख गुरुद्वारा सचखंड दरबार हो या अन्य कोई गुरुद्वारा। कोरोना के कदम इनके द्वार में घुसने से पहले ही ठिठक गए। गुरुद्वारा सचखंड संस्थान के प्रवक्ता रविन्द्र पाल सिंह कप्पू ने बताया कि इस महामारी को देखते हुए हमने 1952 से चले

आ रहे लंगर को भी सीमित कर दिया। गुरुद्वारा सिंघ सभा शास्त्री सर्कल, गुरुद्वारा श्री अरजन दरबार सेक्टर 11, गुरुद्वार दुख निवारण श्री गुरुनानक दरबार सेक्टर 14, गुरुद्वारा नानक दरबार प्रताप नगर अाैर गुरुद्वारा ईशर दरबार, ट्रांसपोर्ट नगर में भी कोरोना को थामने के लिए कड़े प्रबंध किए गए।

कवच : सोशल डिस्टेंस का पहरा, मास्क जरूरी गुरुद्वारों में सोशल डिस्टेंस ने पहरी की तरह काम किया। पहले गुरुद्वारे में एक साथ अरदास की जाती थी। यह व्यवस्था सिमित कर दी गई। सोशल डिस्टेंस के साथ ही बैठने की व्यवस्था की गई। गुरू ग्रंथ साहिब को लाने के पांच लोग पहले बाहर से आते थे, अब बाहरी लोग को बंद कर रखा है। बच्चों अाैर वरिष्ठजनों के प्रवेश पर पाबंदी है।

कवर : तीन घंटे के बजाय सिर्फ 1 :30 घंटे का दीवान गुरुद्वारों में पहले 3 घंटे दीवान होता था, वहीं अब 1:30 घंटा ही होता है। पहले दीवान का समय सुबह 6:30 से 9:30 तक था, अब 7:30 से 9 बजे तक कर दिया गया है। वहीं शाम काे दीवान 6 से रात 8 बजे तक होता था, अब समय 7 से 8 बजे तक हो गया है।

कंट्रोल : चंवर को छूने की अनुमति नहीं पहले दीवान में 125 से 150 लोग शामिल हाेते थे। अब 30 से 40 लोग आ रहे है। गुरुद्वारा हॉल में दीवान शुरू कर दिया है। गुरुद्वारे में ठहरने की व्यवस्था भी बंद कर दी गई है। पहले चंवर साहब से सेवा की जाती थी। अब चंवर साहब काे छूने की अनुमति नहीं है।

कड़ा फैसला : 7 दशक बाद लंगर बंद मुख्य ग्रंथि गुरूद्वारा साहिब ज्ञानी अजीत सिंह ने बताया कि 68 साल में पहली बार गुरुद्वारा में लंगर बंद किया गया है। अब विशेष दिन लंगर तैयार कर सीधे घरों पर पहुंचाया जा रहा है।

कदम : जूते खुद रख रहे श्रद्धालु गुरुद्वारे में जूते रखने की सेवा बंद कर रखी है। गुरुद्वारा में आने वाले लोग खुद अपने जूते रख रहे है। सेनेटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थल पर जाने का प्रोग्राम बन सकता है। साथ ही आराम तथा आमोद-प्रमोद संबंधी कार्यक्रमों में भी समय व्यतीत होगा। संतान को कोई उपलब्धि मिलने से घर में खुशी भरा माहौल ...

और पढ़ें