रिटायर बैंक अधिकारी से 9.50 लाख रुपए की ठगी:8 घंटे में 23 वेबसाइट खंगाली, अमाउंट होल्ड करवाया; उदयपुर पुलिस ने 15 दिन में रुपए रिकवर कराए

उदयपुर3 दिन पहले
रिटायर बैंक अधिकारी बोहरा ने रिटायरमेंट पर मिले कुछ रुपए सेविंग अकाउंट में डाल रखे थे। पुलिस ने बताया कि एक दिन भी लेट होते तो रुपए रिकवर नहीं पाते।

उदयपुर के रिटायर बैंक अधिकारी से 9.50 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया। पुलिस तक जब यह जानकारी पहुुंची तो 15 दिनों में ही यह रुपए रिकवर कर बुजुर्ग को लौटा दिए गए। ठगों ने जिस एप को यह पेमेंट भेजा था पुलिस ने उसे होल्ड करवा दिया।इसके लिए हेड कांस्टेबल सुनील विश्नोई और कांस्टेबल राजकुमार जाखड़ ने 8 घंटों तक 23 अलग-अलग वेबसाइट खंगाली। रुपए के हर ट्रांजेक्शन पर नजर रखी। पुलिस दावा कर रही है कि ऑनलाइन ठगी के बाद प्रदेश में रिकवर किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा अमाउंट है। इससे पहले भी साइबर ठगी के अलग-अलग मामलों में 25 लाख रूपए की रिकवरी करवाए जा चुके हैं।

उदयपुर के सेक्टर 14 इलाके के रहने वाले 70 वर्षीय रिटायर्ड बैंककर्मी पवन बोहरा ने 30 दिसम्बर को एसबीआई की योनो ऐप नहीं चलने पर इंटरनेट पर हेल्पलाइन नंबर ढूंढें। इसके बाद गूगल पर सबसे आए टोल फ्री नंबर पर उन्होंने कॉल किया। कस्टमर केयर अधिकारी बनकर ठग ने करीब 2 मिनट तक बात की। ऐप में टेक्निकल एरर बात कहते हुए एनी डेस्क चालू करवाया।

इसके बाद ठग ने महज दो मिनट में एनी डेस्क की मदद से उनके फोन को ऑनलाइन हैक कर 9 लाख के अमाउंट को दूसरे खाते में भेजने की रिक्वेस्ट भेज दी। ठग ने पासवर्ड पूछ 30 सेकेंड में 9 लाख 50 हजार ट्रांसफर कर दिए। करीब दो मिनट बाद रुपए क्रेडिट होने के मैसेज से ठगी की भनक लग गई। उन्होंने सवीना थाने में पहुंचकर ठगी का मामला दर्ज करवाया।

थानाधिकारी रवीन्द्र चारण ने बताया कि केस की गंभीरता को समझते हुए थाने के हेड कांस्टेबल सुनील विश्नोई और कांस्टेबल राजकुमार जाखड़ को इस केस की जिम्मेदारी दी। थाने के दोनों पुलिसकर्मी सुनील और राजकुमार साइबर के मामले में अच्छी समझ रखते हैं। दोनों ने एक-एक ट्रांजेक्शन पर नजर रखी। सामने आया कि यह रुपए से एक के बाद एक 3 खातों में यह रुपए ट्रांसफर हो रहे थे।

सवीना थाने के दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका इस केस में महत्वपूर्ण रही।
सवीना थाने के दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका इस केस में महत्वपूर्ण रही।

बैंक की मदद से बोहरा के खाते से ट्रांसफर किए खाते की पड़ताल की। लास्ट बार ठगों ने भारत पे कंपनी की एप की मदद से एक खाते में यह पेंमेट ट्रांसफर किया। इसके बाद पुलिस ने भारत पे के प्रतिनिधियों से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी और पेमेंट को आगे ट्रांसफर होने से पहले होल्ड पर डलवा दिया। कांस्टेबल राजकुमार जाखड ने बताया कि ठगों ने इस खाते से 9 लाख 50 हजार की 3 एफडी बनवा दी। अलग-अलग वेरिफिकेशन और प्रोसेस होने के बाद शुक्रवार को 15 दिन बाद कंपनी ने बोहरा को पूरा पेमेंट वापस मिला है।

2012 में रिटायर्ड हुए थे बैंककर्मी बोहरा
ठगी का शिकार हुए पवन कुमार बोहरा 2012 में एक बैंक से रिटायर हुए। रिटायरमेंट के दौरान उन्हें करीब 25 लाख रुपए मिले थे।उसी रकम का कुछ हिस्सा उनके बचत खाते में रखा था। वे बताते हैं कि वक्त रहते पुलिस इस केस में नहीं जुटती तो उनकी जिंदगी भर की कमाई का बड़ा हिस्सा चला जाता।

फोन पर रिश्तेदारों से खुशी जताते पीड़ित बुजुर्ग।
फोन पर रिश्तेदारों से खुशी जताते पीड़ित बुजुर्ग।

प्रदेश में रिकवर सबसे बड़ा अमाउंट
यूं तो प्रदेश में लगातार साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे है। उदयपुर की सवीना पुलिस द्वारा रिकवर किया गया 9 लाख 50 हजार का यह अमाउंट सबसे ज्यादा है। इससे पहले झुंझुनूं पुलिस ने एक साइबर ठगी के केस में पीड़ित को वापस 8 लाख दिलवाए थे।

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