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राजस्थान की सबसे खूबसूरत झील छलकी:उदयपुर कलेक्टर ने फतहसागर के चारों गेट खोले, पूरा शहर देखने उमड़ा, शहर के बीच से बहने वाली आयड़ नदी भी अब चलेगी

उदयपुर2 महीने पहले
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फतहसागर झील के गेट खोले। - Dainik Bhaskar
फतहसागर झील के गेट खोले।

झीलों की नगरी उदयपुर में आखिरकार उदयपुर की सबसे प्रसिद्ध झील फतहसागर छलक गई। मानसून के विदा होने के बावजूद मदार तालाबों से लगातार हो रही पानी की आवक ने फतहसागर झील को लबालब कर दिया। नवरात्रा स्थापना के दिन सुबह 9.15 बजे उदयपुर के कलेक्टर चेतन देवड़ा ने फतहसागर के गेट खोले। चारों गेट को 3-3 इंच खोला गया। इसी के साथ फतहसागर झरना बहने लगा। फतहसागर के गेट खुलने की सूचना के साथ ही इसे देखने के लिए मौके पर सैंकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। इससे पहले मंगलवार से ही यूआईटी ने फतहसागर ओवरफ्लो पर रंग-बिरंगी लाइटें लगा दी थी।

फतहसागर के गेट खोलते उदयपुर कलेक्टर।
फतहसागर के गेट खोलते उदयपुर कलेक्टर।

फतहसागर छलकने का पूरे उदयपुर को रहता है इंतजार

फतहसाग झील को लेकर उदयपुर के लोगों का प्रेम अद्भूत है। मानसून सीजन शुरू होने के साथ ही शहर के लोग इसके लबालब होने और छलकने का इंतजार करते हैं। कई बार यह अगस्त तो ज्यादातर सितम्बर के महीने में छलकता है। मगर इस मानसून ज्यादा अच्छी बरसात नहीं होने के चलते यह अक्टूबर में छलका। हालांकि पहले भी कई बार फतहसागर अक्टूबर के महीने में छलका है। लोगों को कुछ दिनों तक फतहसागर का झरना देखने को मिले इसे ध्यान में रखते हुए इसे इसकी सामान्य भराव क्षमता 13 फीट से लगभग आधा फीट ज्यादा भरा गया।

ओवरफ्लो को देखने उमड़ी भीड़।
ओवरफ्लो को देखने उमड़ी भीड़।

शहर का कोटा पूरा, अब सिर्फ उदयसागर झील बाकी

फतहसागर झील के छलकने के साथ मानसून में शहर की झीलें भरने का कोटा पूरा हो गया। इससे पहले पीछोला झील, गोवर्धन सागर, बड़ा मदार, छोटा मदार, टीडी डैम छलक चुके हैं। अब शहर से नजदीक सिर्फ उदयसागर झील का छलकना बाकी है। 24 फीट भराव क्षमता वाली उदयसागर अबतक 22 फीट भर चुकी है। अब फतहसागर अगर कुछ दिन लगातार छलकता है तो इसका पानी आयड़ नदी से होते हुए उदयसागर झील को भी भर सकता है। हालांकि इसके लिए लगातार कुछ दिन तक आवक होना जरूरी है।

फोटो : कुनाल सिंह पंवार

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