कन्हैयालाल हत्याकांड का प्लान A और B:वीडियो वायरल होते ही उदयपुर से निकल गए थे, जानिए... हत्यारों की प्लानिंग क्या थी?

उदयपुर18 दिन पहलेलेखक:  सतीश शर्मा

उदयपुर में हुए कन्हैया साहू हत्याकांड के मुख्य आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। वारदात को अंजाम देने से पहले गौस मोहम्मद और रियाज अत्तारी ने A और B प्लान बनाया था। मर्डर के बाद भागने के लिए ये प्लान बनाए गए थे। आइए... विस्तार से जानते हैं आखिर प्लान A और B था क्या?

प्लान - A
हत्याकांड के बाद कैसे वीडियो बनाया जाएगा। रियाज अपने दोस्त की फैक्ट्री पर जाकर वीडियो शूट करेगा। किस तरह से पूरे वीडियो को वायरल किया जाएगा? हत्या की जिम्मेदारी लेने के दौरान हाथ में हथियार को रखा जाएगा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कपड़ों और बाइक से आसानी से पहचाना जा सकेगा, इसलिए साथ में एक्स्ट्रा ड्रेस भी लेकर जाना है। उसी को पहनकर उदयपुर रवाना होना है। बाइक से उदयपुर से राजसमंद होते हुए अजमेर जाएंगे। अजमेर की एक दरगाह में रुकेंगे। सड़क मार्ग से ही हैदराबाद और बिहार जाएंगे। बिहार से हैदराबाद का एक व्यक्ति नेपाल ले जाएगा।
प्लान-B
किसी भी तरह अजमेर के रास्ते नहीं भाग पाए तो कुछ दिन शहर में रहेंगे। इसके लिए दावत-ए-इस्लामी संगठन से जुडे़ 2 रिश्तेदारों के घर रुकने की योजना थी। ये दोनों रियाज के दूर के रिश्तेदार हैं। दोनों रिश्तेदारों को पहले से कुछ नहीं बताया जाएगा। जब रुकना होगा तो अचानक से रिश्तेदारों के घर पहुंच जाएंगे। किन हालात में रिश्तेदार के घर रुकने आए हैं, हकीकत किसी भी रिश्तेदार को नहीं बतानी है।

रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद को NIA की टीम 16 सितंबर की देर रात उदयपुर लेकर पहुंची। जिस दोस्त की फैक्ट्री का बार-बार जिक्र आ रहा था, उस फैक्ट्री पर भी दोनों को ले जाया गया और पूछताछ की गई।
रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद को NIA की टीम 16 सितंबर की देर रात उदयपुर लेकर पहुंची। जिस दोस्त की फैक्ट्री का बार-बार जिक्र आ रहा था, उस फैक्ट्री पर भी दोनों को ले जाया गया और पूछताछ की गई।

फोन कर बस इतना कहा- आपके घर रुकेंगे
कन्हैयालाल की रेकी करते समय रियाज ने अपने रिश्तेदारों को फोन कर उनके घर रुकने की इच्छा जताई। उनके ये रिश्तेदार दावत-ए-इस्लामी संगठन से जुड़े थे। रियाज उन 2 लोगों को बस इतना ही कहा- धर्म का प्रचार में कुछ नया कर रहे हैं। जरूरत होगी तो कुछ दिन आपकी मदद लेंगे। आपके घर ही रुकेंगे। रियाज की इस बात पर किसी ने इतना ध्यान नहीं दिया। दोनों घर के मालिकों ने रियाज को धार्मिक प्रचार का काम करते हुए रुकने के लिए हामी भर दी।

सूत्रों की मानें तो NIA से पूछताछ में रियाज अत्तारी ने साफ कहा- वो दावत ए इस्लामी संगठन का प्रचार करते हैं, ऐसे में किसी ने उन्हें कारण नहीं पूछा। उन दोनों रिश्तेदारों को बुलाया गया। उनसे पूछताछ की गई। हत्याकांड से रिश्तेदारों का कोई कनेक्शन नहीं मिला, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है।

खांजीपीर और मल्लातलाई को सुरक्षित ठिकाना माना
पूछताछ में आरोपियों ने बताया- उन्हें लगा कि वारदात को अंजाम देने के बाद यदि उन्हें उदयपुर में रुकना पड़ा तो सबसे मुफीद जगह खांजीपीर और मल्ला तलाई इलाका होगा। रियाज और गौस ने सोच-समझकर दोनों रिश्तेदारों से बात की। यह प्लान रेकी के शुरुआती दिनों का था। खांजीपीर और मल्लातलाई मुस्लिम बाहुल्य इलाके हैं। रियाज और गौस दोनों इस इलाके को अच्छे से जानते थे।

माना जा रहा है कि यदि वारदात और उसकी जिम्मेदारी का लाइव वीडियो नहीं होता तो आरोपी उदयपुर के इन्हीं दो में एक इलाके के एक घर को अपना ठिकाना बनाते। गौस और रियाज किसी वारदात के बारे में नहीं बताते। वे जिनके घर रुकने वाले थे, उनको भी कुछ नहीं बताते, सिर्फ संगठन के प्रचार का बहाना बनाकर कुछ दिन वहां रहते। रियाज और गौस दोनों खांजीपीर इलाके में ही रहते थे।

वीडियो वायरल होने के बाद फेल हुआ प्लान B
वीडियो वायरल होने के बाद प्लान B फेल हो गया। गौस और रियाज ने सोचा कि वीडियो के माध्यम से उनकी कारस्तानी लोगों तक पहुंच गई है। इसलिए अब उदयपुर में रहना ठीक नहीं होगा। कोई भी आम व्यक्ति उनको पहचान लेगा और पुलिस के हवाले कर देगा। यह सोचकर दोनों ने उदयपुर से निकल जाने में ही भलाई समझी और भागने के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

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