बेरहम हत्या का पाकिस्तान और 26/11 से निकला कनेक्शन:एक के बाद एक खुलासे होते रहे, जिन्हें पढ़कर हर कोई हिल गया

उदयपुर3 महीने पहले

तारीख 29 जून
समय - सुबह 7 बजे
एमबी अस्पताल की मोर्चरी

कन्हैयालाल के मर्डर को 17 घंटे से ज्यादा का समय हो चुका था। इंटरनेट बंद कर दिया गया। सुबह से मोर्चरी के बाहर समाज के लोग जमा होने लगे। हर किसी की जुबां पर पूरे देश को हिलाकर रख देने वाले हत्याकांड की चर्चा थी। इसी बीच एक एक कई पोलिटिकल पार्टियों नेता भी अस्पताल पहुंचने लगे। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और उदयपुर शहर से विधायक गुलाबचंद कटारिया भी करीब 9 बजे वहां पहुंचे। उन्होंने कन्हैया के परिजनों और एसपी समेत आला अधिकारियों से पोस्टमार्टम की कार्रवाई को जाना। पुलिस परिजनों को गोर्वधनविलास इलाके के श्मशान में अंतिम संस्कार में मना रही थी। मगर परिजन अशोकनगर स्थित सबसे बड़े मोक्षधाम में अंतिम संस्कार के लिए अड़े हुए थे। करीब दो घंटे के बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी हुई। इसके बाद परिजन शव लेकर सेक्टर 14 स्थित अपने घर रवाना हुए। जगह-जगह कन्हैया की पार्थिव देह को श्रृद्वांजलि देने के लिए लोग जमा थे। करीब 12 बजे तक जब यह काफिला घर पहुंचा तो सैंकड़ों लोग वहां मौजूद थे। इस बीच पुलिस के खुलासे से पहले भास्कर सामने लाया कि कन्हैयालाल के हत्यारे का पाकिस्तान से भी कनेक्शन रहा।

मर्डर का पाकिस्तान आया कनेक्शन, रियाज और गौस ने कराची में ली ट्रेनिंग
इस तालिबानी मर्डर के तार पाकिस्तान से जुड़े होने सामने आए। एसआईटी 8-10 मोबाइल नंबर ट्रेस किए। इनकी लोकेशन पाकिस्तान से लेकर भारत में आई। उन नंबरों पर रियाज जब्बार और गौस मोहम्मद की लगातार बातचीत भी हो रही थी। इस इनपुट ने खुफिया तंत्र के कान खड़े कर दिए। राजस्थान के गृह राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि दोनों के मोबाइल में पाकिस्तान और अरब देशों के नंबर मिले हैं। रियाज और गौस की पाकिस्तान के नंबरों पर खूब बातचीत होती थी।

यादव ने इनके कराची में 2014-15 में 15 दिन की ट्रेनिंग का दावा किया। पाकिस्तान के आका के बुलावे पर दोनों नेपाल के रास्ते वहां गए। डीजीपी एमएल लाठर ने कहा कि जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी दावते इस्लामी संगठन से कई सालों से जुड़े हुए थे।

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हत्यारे रियाज के घर पहुंचा भास्कर, मकान मालिक बाेला कभी शक नहीं हुआ

तालिबानी तरीके से हत्या करने वाले दोनों आरोपियों के रहने के ठिकाने की पुलिस ने तलाशी ली। शहर के किशनपोल में किराए से रहने वाले हत्यारों के मकान मालिक और पड़ोसियों से भी पुलिस ने लंबी पूछताछ की है। इस घटना के बाद उनके घर के आसपास रहने वाले लोग डरे हुए हैं। भास्कर भी इस दौरान एक हत्यारे रियाज जब्बार के घर पहुंचा। एएसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा के नेतृत्व में टीम ने करीब 2 घंटे तक घर के कमरों को चेक किया। टीमों ने इस दौरान मकान मालिक और पड़ोसियों से भी पूछताछ की। पुलिस रियाज के उस कमरे तक भी पहुंची, जहां से इस हत्याकांड की साजिश रची गई।

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हत्याकांड का 26/11 कनेक्शन, आरोपी रियाज की बाइक तक पहुंचा भास्कर
इस पूरे मामले में आरोपियों की जिहादी सोच का भी खुलासा हुआ। रियाज की नफरत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसकी बाइक का नंबर 2611 था। यह नंबर मुंबई आतंकी हमले की तारीख से जुड़ा है। रियाज ने बाइक भले ही किश्तों में ली हो, लेकिन यह नंबर लेने के लिए RTO को 5 हजार रुपए एक्स्ट्रा फीस दी थी। भास्कर टीम ने पड़ताल की तो रियाज की वह बाइक भी सामने आई, जिससे वह गौस के साथ कन्हैयालाल का मर्डर करने पहुंचा था। ऐसे में इस गाड़ी का नंबर इशारा कर रहा है कि वह मुंबई आतंकी हमले से प्रभावित थे।

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घरवालों को भी नहीं पता कैसे बदला रियाज

तालिबानी हत्याकांड के मुख्य आरोपी रियाज जब्बार और गौस मोहम्मद पुलिस की गिरफ्त में थे। इस हत्याकांड का एक आरोपी रियाज जब्बार पहले भी इस तरह की हरकत कर चुका था। बताया जा रहा है कि जब्बार ने करीब एक साल पहले भी उदयपुर शहर में माहौल खराब करने की कोशिश की थी। उसने पुलिस के खिलाफ लोगों को भड़काया था और एक एएसआई का पुतला भी फूंका था। दोनों आरोपियों के बैकग्राउंड को लेकर नए-नए खुलासे हुए।

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शॉप के पास बनाई प्लानिंग, 500 मीटर दूर मिली गौस मोहम्मद की स्कूटी
हत्याकांड में 26/11 का कनेक्शन जुड़ता जा रहा। रियाज की गाड़ी से शुरू हुआ यह कनेक्शन अब गौस मोहम्मद की स्कूटी तक पहुंचा। कन्हैयालाल की शॉप से 500 मीटर दूर एक स्कूटी मिली। नंबर था RJ 27 BS 1226। NIA को इसकी जानकारी मिली तो टीम मौके पर पहुंची, लेकिन भास्कर ने जब इन नंबर की पड़ताल की तो सामने आया कि यह स्कूटी रियाज के साथी गौस मोहम्मद की है। यह स्कूटी एक चिकन शॉप के बाहर पड़ी थी। 4 दिन से जहां यह स्कूटी थी, वहां से कन्हैयालाल की दुकान लगभग 500 मीटर दूर है। इसकी जानकारी मिलते ही NIA की टीम मौके पर पहुंची और वीडियोग्राफी करवाई। लोगों ने बताया कि पिछले चार दिन से यह स्कूटी यहां खड़ी है। कोई लेने वाला भी नहीं आया।

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कन्हैया के हत्यारे स्लीपर सेल बना रहे थे...
कन्हैयालाल की हत्या करने वाले रियाज जब्बार ​​​​​​और गौस मोहम्मद राजस्थान के 8 जिलों में ISIS के लिए स्लीपर सेल बना रहे थे। रियाज ने इसके लिए पाकिस्तान के कराची में आतंक की ट्रेनिंग भी ली थी। भास्कर टीम ने आरोपियों के रिश्तेदारों, पड़ोसी और पुलिस अधिकारियों से बात की तो राजस्थान में आतंक फैलाने वाली बड़ी साजिश का खुलासा हुआ। रियाज 20 साल पहले घर छोड़कर उदयपुर आ गया। यहां उसकी दोस्ती गौस मोहम्मद से हुई थी। दोनों ज्यादातर समय साथ ही रहते थे। इसी दौरान रियाज पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाले ग्रुप दावत-ए-इस्लाम के सम्पर्क में आया। इसी ग्रुप ने उसकी शादी कराई। दावत-ए-इस्लाम के मौलाना ने रियाज का ब्रेनवॉश किया और ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान बुला लिया। ट्रेनिंग के बाद रियाज ने गौस मोहम्मद को भी अपने साथ जोड़ लिया। दोनों उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, राजसमंद, टोंक, बूंदी, बांसवाड़ा,जोधपुर जिलों में गरीब और बेरोजगार युवाओं को उकसा कर स्लीपर सेल से जोड़ रहे थे।

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नाजिम का परिवार बोला, आतंकियों से कनेक्शन नहीं
दरअसल हत्याकांड की साजिश शुरू हुई थी एक रिपोर्ट से। विवादित पोस्ट के लिए रिपोर्ट लिखाने वाला नाजिम और कन्हैयालाल के बीच पारिवारिक संबंध थे। ये वहीं नाजिम था जिसके पिता की मौत पर कन्हैयालाल अंतिम यात्रा में शामिल था। नाजिम की बहन की शादी में भी कन्हैयालाल शामिल हुआ था। नाजिम (32) के पिता अहमद भी टेलर थे। कन्हैयालाल की दुकान के सामने ही उनकी दुकान थी और दोनों अच्छे पड़ोसी भी थे। लेकिन, एक विवादित पोस्ट के बाद नाजिम ने ही थाने में ही 15 जून को धानमंडी थाने में रिपोर्ट दी थी। कन्हैयालाल की ओर से दी एक शिकायत में भी नाजिम का जिक्र है। आरोप था कि नाजिम ने कन्हैयालाल की फोटो शेयर कर लिखा था कि- इसे कहीं पर भी देखें तो जान से मार दें।

इधर, रियाज और गौस मोहम्मद की गिरफ्तारी के बाद अलग-अलग एजेंसी नाजिम से भी पूछताछ करती रही। इस मामले में वह भी संदिग्ध है, लेकिन परिवार का दावा किया कि उसका आतंकियों से कोई लेना देना नहीं है।

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